प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक 
जल

तमिलनाडु: कोसस्थलैयार नदी में क्यों मर रही हैं मछलियां? दो दिन में हटाई गई 2.4 टन से ज्यादा मृत मछलियां

मछलियों की मौत की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन कोसस्थलैयार में इतनी बड़ी संख्या में मृत मछलियां मिलने से नदी के स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

Susan Chacko, Lalit Maurya

  • तमिलनाडु के एन्नोर के पास कोसस्थलैयार नदी में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत ने नदी के स्वास्थ्य और पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 16 और 17 अगस्त 2026 को नगर निगम की टीमों ने नदी से कुल 2.4 टन से ज्यादा मृत मछलियां हटाईं। पहले दिन करीब 950 किलोग्राम और अगले दिन करीब 1.45 टन मृत मछलियां निकाली गईं।

  • मछलियों की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्स्य विभाग ने नदी के पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। प्रभावित हिस्से में नगर निगम ने कीटाणुनाशक का छिड़काव भी किया। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन की 16 सितंबर को एनजीटी में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

  • कोसस्थलैयार चेन्नई महानगरीय क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शामिल है और आगे एन्नोर क्रीक के रास्ते बंगाल की खाड़ी में मिलती है।

  • ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत जलीय जीवन के साथ-साथ नदी के पानी और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण प्रयोगशाला जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

तमिलनाडु के एन्नोर के पास कोसस्थलैयार नदी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती मिलने की खबर ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी। सूचना मिलते ही ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन की टीम मौके पर पहुंची और नदी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां पानी की सतह पर मरी हुई मछलियों को तैरते पाया।

स्वास्थ्य संबंधी किसी संभावित खतरे को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। 16 अगस्त 2026 को नदी से करीब 950 किलोग्राम मृत मछलियां निकाली गईं और उनका सुरक्षित तरीके से निपटान कर दिया गया।

अगले ही दिन, 17 अगस्त को करीब 1.45 टन और मृत मछलियां नदी से हटाई गईं। यानी दो दिनों में नदी से 2.4 टन से ज्यादा मरी हुई मछलियां निकाली गईं हैं।

मछलियों की मौत की वजह को जानने के लिए तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्स्य विभाग ने नदी से पानी और अन्य नमूने लिए। इन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। इसके बाद नगर निगम ने कोसस्थलैयार नदी के प्रभावित हिस्से में कीटाणुनाशक का छिड़काव भी किया।

यह जानकारी ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 16 सितंबर 2026 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दाखिल अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट को एन्नोर के पास कोसस्थलैयार नदी में मृत मछलियां मिलने से जुड़े मामले में पेश किया गया है।

चेन्नई के लिए अहम है कोसस्थलैयार

रिपोर्ट के मुताबिक कोसस्थलैयार उत्तरी तमिलनाडु की प्रमुख नदियों में से एक है। यह चेन्नई महानगरीय क्षेत्र से होकर बहने वाली तीन प्रमुख नदियों, कूवम, अड्यार और कोसस्थलैयार में शामिल है।

यह नदी वेल्लोर/रानीपेट जिले में कावेरीपक्कम के आसपास से निकलती है। इसे सिंचाई टैंकों और पलार नदी बेसिन से पानी मिलता है। इसके बाद यह तिरुवल्लूर और चेन्नई जिलों से होते हुए उत्तर-पूर्व दिशा में बहती है और पूंडी जलाशय जैसी महत्वपूर्ण जल प्रणालियों को पानी देती है।

आगे चलकर नदी एन्नोर क्रीक के रास्ते बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। नदी के रखरखाव की जिम्मेदारी तमिलनाडु के जल संसाधन विभाग के पास है।

देखा जाए तो नदी में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों का मृत मिलना केवल जलीय जीवन के लिए चिंता का विषय नहीं है, बल्कि इससे नदी के पानी और उसके आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। हालांकि, मछलियों की मौत के वास्तविक कारण का पता प्रयोगशाला जांच के बाद ही चल सकेगा।