नई गाइड में डिजिटल और समुदाय आधारित मॉडल शामिल हैं, जिससे कम संसाधन वाले क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता संभव होगी। फोटो साभार: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)
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मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के लिए डब्ल्यूएचओ ने नई स्व-सहायता गाइड की जारी

डब्ल्यूएचओ की नई गाइड: मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्व-सहायता कार्यक्रमों का विस्तार, डिजिटल और सामुदायिक स्तर पर आसान और सुलभ उपचार को बढ़ावा

Dayanidhi

  • दुनिया में एक अरब से अधिक लोग किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम लोगों को सही समय पर इलाज या सहायता मिल पाती है।

  • कदम-दर-कदम और जो मायने रखता है, उसे करना जैसे डब्ल्यूएचओ कार्यक्रम अवसाद और तनाव प्रबंधन के लिए प्रभावी स्व-सहायता समाधान प्रदान करते हैं।

  • नई गाइड में डिजिटल और समुदाय आधारित मॉडल शामिल हैं, जिससे कम संसाधन वाले क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता संभव होगी।

  • गाइड स्वास्थ्य कर्मियों को सरल उपकरण, प्रशिक्षण सामग्री और रणनीतियां देती है ताकि स्व-सहायता कार्यक्रम प्रभावी तरीके से लागू हों।

  • लेबनान और थाईलैंड जैसे देशों में डब्ल्यूएचओ के डिजिटल स्व-सहायता कार्यक्रम पहले से लागू होकर बड़े स्तर पर सफल साबित हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एक नई गाइड या मार्गदर्शक जारी की है। इस गाइड का उद्देश्य देशों और संगठनों को “मनोवैज्ञानिक स्व-सहायता हस्तक्षेपों” को बड़े स्तर पर लागू करने में मदद करना है।

आज दुनिया में एक अरब से अधिक लोग किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम लोगों को सही समय पर इलाज या सहायता मिल पाती है। इस अंतर को कम करने के लिए यह नई पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मानसिक स्वास्थ्य में स्व-सहायता की भूमिका

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं जैसे तनाव, चिंता और अवसाद तेजी से बढ़ रही हैं। कई देशों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी के कारण हर व्यक्ति तक इलाज पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्व-सहायता आधारित मनोवैज्ञानिक तरीके एक आसान और प्रभावी समाधान के रूप में सामने आए हैं।

इन तरीकों में लोग स्वयं कुछ सरल और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं। कभी-कभी इसमें किसी प्रशिक्षित व्यक्ति का बहुत कम सहयोग भी शामिल होता है। यह सहायता समुदाय स्तर पर, स्वास्थ्य केंद्रों में या डिजिटल माध्यमों से दी जा सकती है।

डब्ल्यूएचओ की नई गाइड का उद्देश्य

नई गाइड का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम प्रबंधकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों को यह बताना है कि वे स्व-सहायता कार्यक्रमों को कैसे शुरू और लागू कर सकते हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि बिना विशेषज्ञों की भारी जरूरत के भी मानसिक स्वास्थ्य सहायता कैसे दी जा सकती है।

गाइड में यह समझाया गया है कि इन कार्यक्रमों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। इसमें उपयोग के लिए कई तरह के उदाहरण, संवाद के नमूने और प्रशिक्षण सामग्री भी दी गई है ताकि इसे आसानी से लागू किया जा सके।

कदम-दर-कदम और जो मायने रखता है, उसे करना जैसे कार्यक्रम

इस गाइड में दो प्रमुख डब्ल्यूएचओ कार्यक्रमों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। पहला है “कदम-दर-कदम”, जो एक डिजिटल कार्यक्रम है और मुख्य रूप से अवसाद से पीड़ित वयस्कों के लिए बनाया गया है। दूसरा कार्यक्रम है “तनाव के समय जो ज़रूरी है, वह करना”, जो तनाव प्रबंधन में मदद करता है और इसे स्वीकृति और प्रतिबद्धता चिकित्सा के आधार पर तैयार किया गया है।

इन दोनों कार्यक्रमों का परीक्षण कई देशों में किया गया है और शोध में पाया गया है कि थोड़े से मार्गदर्शन के साथ भी ये काफी प्रभावी हो सकते हैं। आमतौर पर इन्हें कुछ सप्ताहों तक सीमित समय के सहयोग के साथ लागू किया जाता है, जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर कर सकता है।

कम संसाधनों वाले क्षेत्रों के लिए उपयोगी पहल

डब्ल्यूएचओ का मानना है कि यह मॉडल खासकर उन क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी है जहां मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भारी कमी है या जहां आपदा और संकट जैसी परिस्थितियां हैं। डिजिटल तकनीक के माध्यम से इन कार्यक्रमों को दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंचाया जा सकता है।

कई देशों में पहले से ही इन डिजिटल स्व-सहायता कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल किया जा चुका है। उदाहरण के तौर पर लेबनान और थाईलैंड में इनका उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इससे यह साबित होता है कि सही योजना और तकनीक के साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया जा सकता है।

भविष्य की दिशा और महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि यह नई गाइड वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। इससे न केवल इलाज की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि लोगों को अपने मानसिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

डब्ल्यूएचओ की यह पहल इस बात की ओर संकेत करती है कि आने वाले समय में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समुदाय आधारित हो सकती हैं। यह कदम दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।