देश में वायु प्रदूषण का दायरा लगातार बढ़ रहा है और इसकी मार अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है।
02 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 252 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण में तालचेर देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया, जहां एक्यूआई 231 दर्ज किया गया। एक दिन पहले 178 रहे एक्यूआई में 53 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई और हवा ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।
तालचेर की हवा में पीएम2.5 का दबदबा रहा और दर्ज प्रदूषण स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 14 गुना अधिक था।
राष्ट्रीय स्तर पर भी तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। 252 में से केवल 23 शहरों में हवा ‘बेहतर’ रही, जबकि 105 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ और 118 शहरों में ‘मध्यम’ दर्ज की गई।
वहीं छह शहरों में एक्यूआई 200 के पार रहा। गाजियाबाद 222 के साथ दूसरे, भिवाड़ी 215 के साथ तीसरे और गुरुग्राम 207 के साथ चौथे स्थान पर रहा। नोएडा और बुलंदशहर भी 200 के पार रहे।
दिल्ली में एक दिन में एक्यूआई 166 से बढ़कर 174 हो गया, जबकि फरीदाबाद में 75 से बढ़कर 99 पहुंच गया। दूसरी ओर, नलबाड़ी 23 के एक्यूआई के साथ देश में सबसे साफ हवा वाला शहर रहा।
आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का दबाव देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से फैल रहा है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 02 अक्टूबर 2026 को देश में तालचेर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (01 अक्टूबर) को तालचेर में सूचकांक 178 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 53 अंकों का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि तालचेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
तालचेर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,400 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में नलबाड़ी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 23 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर तालचेर की तुलना नलबाड़ी से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
इससे पहले देश में फतेहपुर सीकरी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 324 रिकॉर्ड किया गया। लेकिन आज 162 अंकों के भारी सुधार के साथ फतेहपुर सीकरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 162 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 166 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 174 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 8 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 75 दर्ज किया गया था, जो आज 24 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 99 पर पहुंच गया। हालांकि फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता एक बार फिर संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 02 अक्टूबर 2026 को 252 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 9.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 41.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 49.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा चिंताजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 30.3 फीसदी की कमी आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 4.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है। वहीं खराब हवा वाले शहरों की गिनती चार से बढ़कर छह पर पहुंच गई है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में गाजियाबाद (222) दूसरे जबकि भिवाड़ी (215) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह गुरुग्राम (207) चौथे स्थान पर है। नोएडा (202) –बुलंदशहर (201) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मंडीदीप (200) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बहादुरगढ़ (198), पारादीप (192) और मेरठ (189) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि तालचेर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, मेरठ, जींद, मानेसर, बड़ौत, चरखी दादरी, डोंबिवली, गुम्मिडीपूंडी, यमुना नगर, मंडी गोबिंदगढ़, शामली, अररिया, कल्याण, हिसार, मोदीनगर, वाराणसी, धारूहेड़ा, जालंधर, मीरा-भायंदर, कानपुर, हाजीपुर, नांदेड़, बरेली, बर्नीहाट (मेघालय), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), महाड, चित्तूर, मुंबई, वडोदरा, दुर्गापुर, कोलकाता, नवी मुंबई, पूर्णिया, बर्नीहाट (असम) और लखनऊ आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं भिवाड़ी, नोएडा, बुलंदशहर, मंडीदीप, पारादीप, गजरौला, पीथमपुर, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, खोरा, बागपत, वृंदावन, पाली, फतेहपुर सीकरी, कुरुक्षेत्र, कटनी, नागौर, अंबरनाथ, सासाराम, दौसा, अंबाला, सिरसा, चंद्रपुर, खुर्जा, अंकलेश्वर, नारनौल, विशाखापत्तनम, सवाई माधोपुर, बिलीपाड़ा, श्री गंगानगर, टोंक, मुंगेर, सतारा, उल्हासनगर, जोरापोखर, ग्रेटर नोएडा, सीकर, सूरत, परभणी, बद्दी, मुरादाबाद, उदयपुर, भिवानी, हनुमानगढ़, अगरतला, गोरखपुर, बीकानेर, ठाणे, बारीपदा, चित्तौड़गढ़, चूरू, भीलवाड़ा, पटियाला, बेलापुर, हिंगोली, हावड़ा, जयपुर, जैसलमेर, अहमदाबाद, देवास, झुंझुनू, पुणे, छपरा, भोपाल, जोधपुर, आगरा, सागर, टेन्सा, भरतपुर, जालना, कोटा, बूंदी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रामनगर, बैरकपुर, भावनगर, बोइसर, गया, ग्वालियर और पिंपरी-चिंचवाड़ आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 9.1 फीसदी यानी 23 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, देहरादून, एलुरु, गंगटोक, हावेरी, हुबली, कलबुर्गी, कुरनूल, मछलीपट्टनम, मैंगलोर, नलबाड़ी, पंचकूला, पुडुचेरी, राजगीर, ऋषिकेश, राउरकेला, शिलांग, सिलचर और तिरुवनंतपुरम आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 105 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, कटक, दमोह, दावणगेरे, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, करौली, करनाल, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंगुराहा, मेहसाणा, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटना, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 118 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अंबाला, अंबरनाथ, अंगुल, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बड़ौत, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवानी, भोपाल, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, डोंबिवली, दुर्गापुर, एलूर, फतेहपुर सीकरी, गजरौला, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालना, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कल्याण, कानपुर, कटनी, खोरा, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, महाद, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मेरठ, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, नागौर, नांदेड़, नारनौल, नवी मुंबई, पाली, पारादीप, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रामनगर, सागर, सासाराम, सतारा, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सिरसा, श्री गंगानगर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, टोंक, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विशाखापत्तनम, वृंदावन और यमुना नगर शामिल हैं।
वहीं देश में आज तालचेर (231), गाजियाबाद (222), भिवाड़ी (215), गुरुग्राम (207), नोएडा (202) और बुलंदशहर (201) में स्थिति खराब है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 252 में से 23 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 105 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 01 अक्टूबर को यह आंकड़ा 110 दर्ज किया गया था।
118 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज तालचेर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज किया गया, जोकि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (01 अक्टूबर) को तालचेर में सूचकांक 178 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 53 अंकों का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
इससे पहले देश में फतेहपुर सीकरी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 324 रिकॉर्ड किया गया। लेकिन आज 162 अंकों के भारी सुधार के साथ फतेहपुर सीकरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 162 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 166 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 174 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 8 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 75 दर्ज किया गया था, जो आज 24 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 99 पर पहुंच गया। हालांकि फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता एक बार फिर संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 02 अक्टूबर को गुरुग्राम (207) चौथे स्थान पर है, वहीं गाजियाबाद (222) दूसरे, जबकि भिवाड़ी (215) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 101, गाजियाबाद में 222, गुवाहाटी में 55, गुरूग्राम में 207, नोएडा में 202, ग्रेटर नोएडा में 130 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 110 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 102, चेन्नई में 85, चंडीगढ़ में 55, हैदराबाद में 77, जयपुर में 113 और पटना में 95 दर्ज किया गया।
देश के जिन 23 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल के साथ बदलापुर, बेतिया, चामराजनगर, कोयंबटूर, देहरादून, एलुरु, गंगटोक, हावेरी, हुबली, कलबुर्गी, कुरनूल, मछलीपट्टनम, मैंगलोर, नलबाड़ी, पंचकूला, पुडुचेरी, राजगीर, ऋषिकेश, राउरकेला, शिलांग, सिलचर और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, आरा, आसनसोल, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बाड़मेर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, कटक, दमोह, दावणगेरे, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, करौली, करनाल, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंगुराहा, मेहसाणा, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटना, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सतना, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, सोनीपत, श्रीनगर, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमडीह, उज्जैन, वापी, वातवा, विजयवाड़ा, विरार और यादगीर आदि 105 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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