प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक 
वायु

भारत में महानगरों को पीछे छोड़ छोटे शहर बने प्रदूषण के नए हॉटस्पॉट, बड़ौत की हवा सबसे खराब

बड़ौत में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,400 फीसदी अधिक है।

Lalit Maurya

  • 14 अक्टूबर 2026 को देश में प्रदूषण की तस्वीर ने चिंता बढ़ा दी। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, महानगरों से इतर छोटे शहर भी जहरीली हवा के नए हॉटस्पॉट बन रहे हैं।

  • बड़ौत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 240 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले के मुकाबले 99 अंक अधिक है। खोरा भी 240 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा 224 और समस्तीपुर 215 के साथ शीर्ष प्रदूषित शहरों में रहे।

  • देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के छह शहर शामिल हैं। बड़ौत की हवा में पीएम2.5 कणों का दबदबा है और वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 1,400 फीसदी अधिक बताया गया है।

  • देश के 270 शहरों के आंकड़ों से पता चला कि केवल 22 शहरों में हवा साफ रही, जबकि 142 में वायु गुणवत्ता संतोषजनक और 99 में मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। सात शहरों में प्रदूषण का स्तर खराब रहा।

  • दिल्ली में भी एक्यूआई 158 से बढ़कर 181 और फरीदाबाद में 103 से 110 हो गया। इसके विपरीत, आइजोल 17 एक्यूआई के साथ सबसे साफ हवा वाला शहर रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि वायु प्रदूषण की चुनौती अब महानगरों तक सीमित नहीं है; छोटे शहरों में भी लोगों की सेहत पर इसका बढ़ता खतरा गंभीर चिंता का विषय है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 14 अक्टूबर 2026 को देश में बड़ौत सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 240 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 अक्टूबर) को बड़ौत में सूचकांक 141 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 99 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बड़ौत की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

बड़ौत में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,400 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 17 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बड़ौत की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 14.1 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में पानीपत की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 280 दर्ज किया गया। हालांकि आज 103 अंकों के भारी सुधार के साथ पानीपत में सूचकांक घटकर 177 पर पहुंच गया है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 158 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 181 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 23 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64  दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 103 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 110 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 7 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण के बदलते समीकरण

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को 270 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 8.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 52.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 39.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 1.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 4.2 फीसदी की वृद्धि हुई, जोकि चिंता का विषय है। वहीं आज सात शहरों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई, जबकि कल इन शहरों की गिनती छह रिकॉर्ड की गई थी।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में खोरा दूसरे जबकि ग्रेटर नोएडा (224) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह समस्तीपुर (215) चौथे स्थान पर है। गाजियाबाद (208) – बीकानेर (204) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

नोएडा (201) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गजरौला (189), भावनगर (188) और हाजीपुर (187) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के छह शहर (बड़ौत, खोरा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, नोएडा, गजरौला) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बड़ौत, खोरा, ग्रेटर नोएडा, समस्तीपुर, गाजियाबाद, नोएडा, गजरौला, भावनगर, हाजीपुर, यमुनानगर, गुम्मिडीपूंडी, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, पानीपत, बागपत, मंडीदीप, मेरठ, भिवंडी, हापुड़, धारूहेड़ा, गुरुग्राम, वातवा, हिंगोली, सोनीपत, खुर्जा, राजकोट, बिलीपाड़ा, उज्जैन, नागपुर, शामली, रायरंगपुर, कटनी, भिवानी, जयपुर, रोहतक, कुरुक्षेत्र, हावड़ा, मुरादाबाद, गांधीनगर, चरखी दादरी, अनंतपुर, जालंधर, जींद और मोतिहारी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बीकानेर, बल्लभगढ़, चित्तौड़गढ़, श्री गंगानगर, भिवाड़ी, बहादुरगढ़, सतारा, जालौर, पीथमपुर, ब्रजराजनगर, नागौर, भरतपुर, कोटा, अहमदाबाद, भीलवाड़ा, बुलंदशहर, पाली, जैसलमेर, जोरापोखर, अंकलेश्वर, बूंदी, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, मानेसर, बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, सासाराम, सवाई माधोपुर, धुले, नारनौल, टोंक, बेलापुर, झुंझुनू, महाड, फतेहपुर सीकरी, हनुमानगढ़, बाड़मेर, उदयपुर, अंबाला, बेंगलुरु, भोपाल, फरीदाबाद, जोधपुर, मंडी गोबिंदगढ़, पटना, ग्वालियर, राजसमंद, सिरसा, वाराणसी, तालचेर, जबलपुर, पेरुंदुरई, प्रतापगढ़, सिरोही, बारीपदा और मुंबई आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 8.1 फीसदी यानी 22 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में दरभंगा, देहरादून, गडग, कैथल, कलबुर्गी, किशनगंज, कोरबा, कुरनूल, मदिकेरी, मंगलौर, नाहरलागुन, पंचकूला, ऋषिकेश, रूपनगर, श्रीनगर, थूथुकुडी और विजयपुरा आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कारवार, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, कोहिमा, कोलार, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पारादीप, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, पूर्णिया, रायबरेली, रायचूर, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सहरसा, सांगली, सतना, शिलांग, शिवमोगा आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 99 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अहमदाबाद, अंबाला, अनंतपुर, अंकलेश्वर, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बारीपदा, बाड़मेर, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चित्तौड़गढ़, चुरू, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धुले, फरीदाबाद, फतेहपुर सीकरी, गजरौला, गांधीनगर, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालौर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कटनी, खुर्जा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लेह, महाड, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मेरठ, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागौर, नागपुर, नंदेसरी, नारनौल, पाली, पानीपत, पटना, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, सासाराम, सतारा, सवाई माधोपुर, शामली, सिरोही, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, तालचेर, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, वाराणसी, वातवा, वृंदावन और यमुनानगर शामिल हैं।

इसी तरह बड़ौत (240), बीकानेर (204), गाजियाबाद (208), ग्रेटर नोएडा (224), खोरा (240), नोएडा (201) और समस्तीपुर (215) में स्थिति खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 270 में से 22 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 142 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को यह आंकड़ा 144 दर्ज किया गया था।

99 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बड़ौत और खोरा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 240 दर्ज किया गया, जोकि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 अक्टूबर) को बड़ौत में सूचकांक 141 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 99 अंकों का भारी उछाल आया है।

इससे पहले कल देश में पानीपत की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 280 दर्ज किया गया। हालांकि आज 103 अंकों के भारी सुधार के साथ पानीपत में सूचकांक घटकर 177 पर पहुंच गया है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 158 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 181 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 23 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 103 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 110 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 7 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 अक्टूबर को समस्तीपुर (215) चौथे स्थान पर है, वहीं खोरा (240) दूसरे, जबकि ग्रेटर नोएडा (224) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 105, गाजियाबाद में 208, गुवाहाटी में 75, गुरूग्राम में 145, नोएडा में 201, ग्रेटर नोएडा में 224 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 101 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 85, चेन्नई में 73, चंडीगढ़ में 58, हैदराबाद में 72, जयपुर में 116 और पटना में 106 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 22 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, बेतिया, भागलपुर, बक्सर, चामराजनगर, दरभंगा, देहरादून, गडग, कैथल, कलबुर्गी, किशनगंज, कोरबा, कुरनूल, मदिकेरी, मंगलौर, नाहरलागुन, पंचकूला, ऋषिकेश, रूपनगर, श्रीनगर, थूथुकुडी और विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अंगुल, अनपरा, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बरेली, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, भिलाई, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, चित्तूर, कोयंबटूर, कटक, दमोह, दौसा, धारवाड़, धौलपुर, डोंबिवली, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कारवार, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, कोहिमा, कोलार, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पारादीप, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, पूर्णिया, रायबरेली, रायचूर, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सहरसा, सांगली, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तिरुपति, तुमडीह, उडुपी, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम और यादगीर आदि 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं