13 अगस्त को देश के 247 शहरों की हवा में प्रदूषण का उतार-चढ़ाव साफ दिखाई दिया। मोदीनगर 190 के एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां महज एक दिन में सूचकांक 20 से बढ़कर 190 पहुंच गया।
लेह 184 के एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि गुम्मिडीपूंडी 166 और ग्रेटर नोएडा 157 के साथ अगले पायदान पर रहे।
मोदीनगर की हवा में पीएम10 और कई अन्य शहरों में पीएम2.5 का दबदबा प्रदूषण की गंभीरता को दिखाता है। लेह में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 4,500 फीसदी अधिक है।
दिल्ली और फरीदाबाद में भी हवा बिगड़ी। दिल्ली का एक्यूआई 92 से बढ़कर 105 और फरीदाबाद का 88 से बढ़कर 131 हो गया।
हालांकि, देश के 112 शहरों में हवा बेहतर और 108 में संतोषजनक रही। आइजोल 14 के एक्यूआई के साथ सबसे साफ शहर रहा। वहीं एक दिन पहले सबसे प्रदूषित रहा चरखी दादरी 231 से सुधरकर 99 पर आ गया।
आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का संकट स्थिर नहीं है—कुछ शहरों में तेजी से बढ़ रहा है, तो कुछ में राहत दिख रही है। यह उतार-चढ़ाव लगातार निगरानी और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत को रेखांकित करता है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 13 अगस्त 2026 को देश में मोदीनगर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 190 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (12 अगस्त) को मोदीनगर में सूचकांक 20 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 170 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि मोदीनगर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
मोदीनगर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 300 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर मोदीनगर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 13.6 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में चरखी दादरी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 231 दर्ज किया गया, हालांकि आज 132 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 99 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 92 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 13 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-13 अगस्त को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 88 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 131 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 43 अंक के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 13 अगस्त 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 45.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 43.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 10.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा साफ है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 6.9 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इसी तरह मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से करीब 3.6 फीसदी का गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में लेह (184) दूसरे जबकि गुम्मिडीपूंडी (166) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा (157) चौथे स्थान पर है। बागपत (154) – बर्नीहाट (मेघालय) (153) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
गोरखपुर (147) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बल्लभगढ़ (145), अंबाला (142) और समस्तीपुर (140) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (मोदीनगर, ग्रेटर नोएडा, बागपत, गोरखपुर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुम्मिडीपूंडी, बर्नीहाट (मेघालय), गोरखपुर, समस्तीपुर, भागलपुर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं मोदीनगर, ग्रेटर नोएडा, बागपत, बल्लभगढ़, अंबाला, बद्दी, नोएडा, गाजियाबाद, छपरा, वातवा, हापुड़, सोनीपत, दिल्ली, जोरापोखर, सिवान, बेगूसराय आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 45.3 फीसदी यानी 112 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में धौलपुर, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुरनूल, लातूर, महाद, मालेगांव, मंगलौर, मिलुपारा, मीरा-भयंदर, मुंबई, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, मुंबई, परभणी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, शिलांग, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, तिरुमाला आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 108 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी, चेन्नई, दौसा, देवास, धारूहेड़ा, दुर्गापुर, एलुरु, गडग, गजरौला, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिसार, हावड़ा, हुबली, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झुंझुनू, जींद, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सतारा आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 27 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबाला, अंगुल, बद्दी, बागपत, बल्लभगढ़, बेगूसराय, भागलपुर, बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हापुड़, जोरापोखर, लेह, मेरठ, मोदीनगर, नोएडा, समस्तीपुर, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत और वातवा आदि शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 247 में से 112 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 108 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 12 अगस्त को भी यह आंकड़ा 116 दर्ज किया गया था।
27 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज मोदीनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 190 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (12 अगस्त) को चरखी दादरी में सूचकांक 20 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 170 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल देश में चरखी दादरी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 231 दर्ज किया गया, हालांकि आज 132 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 99 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 92 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 13 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 88 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 131 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 43 अंक के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 13 अगस्त को ग्रेटर नोएडा (157) चौथे स्थान पर है, वहीं लेह (184) दूसरे, जबकि गुम्मिडीपूंडी (166) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 76, गाजियाबाद में 118, गुवाहाटी में 59, गुरूग्राम में 131, नोएडा में 119, ग्रेटर नोएडा में 157 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 41 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 76, चेन्नई में 75, चंडीगढ़ में 46, हैदराबाद में 45, जयपुर में 63 और पटना में 87 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 112 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अगरतला, अहमदनगर, आइजोल, अजमेर, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारां, बाड़मेर, बैरकपुर, बीड, बेलापुर, बेलगाम, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बीकानेर, ब्रजराजनगर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, दमोह, दावणगेरे, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुरनूल, लातूर, महाद, मालेगांव, मंगलौर, मिलुपारा, मीरा-भयंदर, मुंबई, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, मुंबई, परभणी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, शिलांग, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, तिरुमाला, उदयपुर, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार और वृंदावन शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदाबाद, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बरेली, बठिंडा, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी, चेन्नई, दौसा, देवास, धारूहेड़ा, दुर्गापुर, एलुरु, गडग, गजरौला, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिसार, हावड़ा, हुबली, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झुंझुनू, जींद, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सिरसा, श्री गंगानगर, श्रीकाकुलम, तालचेर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, टोंक, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और यमुना नगर आदि 108 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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