देश में 02 अगस्त 2026 को वायु प्रदूषण की तस्वीर एक बार फिर बदल गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 253 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि बिहार शरीफ 278 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया।
इसकी हवा में पीएम2.5 के महीन कण इस कदर हावी हैं कि प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 1,700 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।
चिंता की बात यह भी है कि देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के चार शहर—बिहार शरीफ, सहरसा, बक्सर और छपरा शामिल हैं, जो राज्य में बिगड़ती वायु गुणवत्ता की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।
हालांकि बक्सर में 24 घंटों के भीतर 128 अंकों का सुधार दर्ज हुआ और उसका एक्यूआई 250 से घटकर 122 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, मदिकेरी 14 एक्यूआई के साथ देश का सबसे साफ शहर रहा।
राष्ट्रीय स्तर पर 43.5 फीसदी शहरों में हवा साफ और 48.2 फीसदी में संतोषजनक रही, लेकिन 8.3 फीसदी शहर अब भी प्रदूषण की चपेट में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं और इनके बढ़ते स्तर पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 02 अगस्त 2026 को देश में बिहार शरीफ सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 278 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल (01 अगस्त) को सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं था।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बिहार शरीफ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बिहार शरीफ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,700 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बिहार शरीफ की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 19.8 गुणा खराब है।
गौरतलब है कि कल देश में बक्सर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता का स्तर 250 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 128 अंकों के भारी सुधार के साथ बक्सर में एक्यूआई घटकर 122 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सीधे खराब से ‘मध्यम’ स्तर पर पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 80 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 78 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में दो अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 01 अगस्त को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में मामूली बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 73 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 74 पर पहुंच गया। हालांकि एक अंक के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 02 अगस्त 2026 को 253 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 43.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 48.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 8.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 8.3 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में 13 फीसदी की वृद्धि देखी गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 11.1 फीसदी का बढ़ोतरी आई है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बिलीपाड़ा (196) दूसरे जबकि सहरसा (137) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सोनीपत (132) चौथे स्थान पर है। बक्सर (122) – छपरा (121) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
नंदेसरी (120) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मैसूरु (118), श्री गंगानगर (115) और बर्नीहाट (मेघालय) 113 शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के चार शहर (बिहार शरीफ, सहरसा, बक्सर, छपरा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बिहार शरीफ, बक्सर, छपरा, नंदेसरी, बर्नीहाट (मेघालय), भागलपुर, खोरा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं बिलीपाड़ा, सहरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, पानीपत, मंडी गोबिंदगढ़, विशाखापत्तनम, सिवान, बीकानेर, भीलवाड़ा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 43.5 फीसदी यानी 110 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दौसा, देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जलगांव, जालोर, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरनूल, लातूर, मदिकेरी, महाड, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सांगली आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 122 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बठिंडा, बेगूसराय, बेलगाम, भावनगर, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट असम), चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चित्तूर, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, गजरौला, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कारवार, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 20 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें बद्दी, भागलपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बक्सर, बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, धनबाद, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, मैसूरु, नंदेसरी, पानीपत, सहरसा, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, श्री गंगानगर, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं। वहीं बिहार शरीफ (278) में स्थिति 'खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 253 में से 110 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 122 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 01 अगस्त को यह आंकड़ा 108 दर्ज किया गया था।
20 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बिहार शरीफ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 278 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (01 अगस्त) को सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं था।
गौरतलब है कि कल देश में बक्सर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता का स्तर 250 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 128 अंकों के भारी सुधार के साथ बक्सर में एक्यूआई घटकर 122 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सीधे खराब से मध्यम स्तर पर पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 80 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 78 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में दो अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में मामूली बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 73 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 74 पर पहुंच गया। हालांकि एक अंक के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 02 अगस्त को सोनीपत (132) चौथे स्थान पर है, वहीं बिलीपाड़ा (196) दूसरे, जबकि सहरसा (137) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 54, गाजियाबाद में 73, गुवाहाटी में 44, गुरूग्राम में 83, नोएडा में 71, ग्रेटर नोएडा में 88 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 52 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 92, चेन्नई में 61, चंडीगढ़ में 44, हैदराबाद में 50, जयपुर में 49 और पटना में 70 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 110 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बल्लभगढ़, बरेली, बाड़मेर, बीड, बेलापुर, बेंगलुरु, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बोइसर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्कमगलुरु, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दौसा, देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जलगांव, जालोर, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरनूल, लातूर, मदिकेरी, महाड, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सांगली, सतारा, सवाई माधोपुर, शिलांग, सीकर, सिरोही, श्रीनगर, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अंगुल, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलगाम, भावनगर, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट असम), चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चित्तूर, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, गजरौला, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कारवार, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पलवल, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पूर्णिया, रायबरेली, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, रूपनगर, समस्तीपुर, सतना, शामली, सिलचर, सिंगरौली, सिरसा, सोलापुर, सूरत, तालचेर, तिरुपति, टोंक, तुमडीह, उदयपुर, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, विजयवाड़ा, यादगीर, यमुना नगर आदि 122 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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