18 अक्टूबर 2026 को देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी।
हरियाणा के बल्लभगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक दिन में 103 अंक उछलकर 278 पर पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 41 अंक बढ़कर 274 और खुर्जा में 252 दर्ज किया गया। बहादुरगढ़ में भी सूचकांक 240 पर पहुंच गया।
देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर शामिल रहे, जबकि हरियाणा और राजस्थान के शहरों में भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी रही।
दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़ा और एक्यूआई 159 से बढ़कर 187 हो गया, हालांकि हवा की गुणवत्ता अभी ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 273 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 11 शहरों में हवा ‘खराब’ रही, जबकि एक दिन पहले ऐसे शहरों की संख्या पांच थी। देश के 36 शहरों में हवा साफ रही, वहीं 132 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ और 94 में ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई।
कई शहरों में पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषक हावी रहे, जो बिगड़ती वायु गुणवत्ता और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की ओर संकेत करते हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 18 अक्टूबर 2026 को देश में बल्लभगढ़ सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 278 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (17 अक्टूबर) को बल्लभगढ़ में सूचकांक 175 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 103 अंकों का भारी उछाल आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बल्लभगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बल्लभगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,700 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 13 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बल्लभगढ़ की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 21 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 233 दर्ज किया गया। वहीं आज 41 अंकों के उछाल के साथ ग्रेटर नोएडा में सूचकांक बढ़कर 274 पर पहुंच गया। मतलब की वहां वायु गुणवत्ता आज भी खराब बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 159 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 187 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 28 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 109 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 114 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 5 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 18 अक्टूबर 2026 को 273 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 13.2 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 48.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 38.5 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 10 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 2.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है। वहीं आज 11 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई, जबकि कल इन शहरों की गिनती 5 रिकॉर्ड की गई थी।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में ग्रेटर नोएडा (274) दूसरे जबकि खुर्जा (252) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बहादुरगढ़ (240) चौथे स्थान पर है। भिवाड़ी (240) – हापुड़ (228) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
श्री गंगानगर (217) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद (213), पानीपत (213) और मानेसर (212) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (ग्रेटर नोएडा, खुर्जा, हापुड़ और गाजियाबाद) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बल्लभगढ़, खुर्जा, बहादुरगढ़, हापुड़, गाजियाबाद, पानीपत, मानेसर, चरखी दादरी, बरौत, गजरौला, दिल्ली, फतेहपुर सीकरी, मुजफ्फरनगर, अंकलेश्वर, नोएडा, बागपत, यमुनानगर, गुरुग्राम, मेरठ, खैरथल, करनाल, सागर, नवी मुंबई, कानपुर, सूरत, पीथमपुर, मंडी गोबिंदगढ़, पिंपरी-चिंचवड़, हिंगोली, अररिया, विरार, नागपुर, मुंबई, भोपाल, पुणे, जालना, वडोदरा, जालंधर, शामली, कोटा, गया, बारां, मोतिहारी, पूर्णिया, उज्जैन, कटनी, जलगांव, सतारा, महाड, कल्याण, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और अजमेर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, श्रीगंगानगर, अहमदाबाद, बीकानेर, बुलंदशहर, अगरतला, बर्नीहाट (मेघालय), गांधीनगर, मंडीदीप, भावनगर, बेलापुर, ग्वालियर, करौली, भरतपुर, जैसलमेर, सासाराम, वातवा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, चित्तौड़गढ़, नारनौल, उदयपुर, वाराणसी, पाली, भिवंडी, जोरापोखर, फरीदाबाद, अंबरनाथ, डोंबिवली, हनुमानगढ़, कैथल, जालोर, जोधपुर, गोरखपुर, वृंदावन, हिसार, जबलपुर, उल्हासनगर, बिलीपाड़ा, रायचूर, अमरावती (महाराष्ट्र) और छपरा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 13.2 फीसदी यानी 36 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कुड्डालोर, कटक, एलुरु, गंगटोक, क्योंझर, कोल्हापुर, कोप्पल, कोरबा, मदिकेरी, मैंगलोर, मैसूरु, नाहरलागुन, पंचकूला, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, समस्तीपुर, श्रीनगर, सुआकाती, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, विजयपुरा, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 132 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवानी, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, दमोह, दरभंगा, देहरादून, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हावेरी, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, झांसी, जींद, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, कारवार, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलार, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लेह, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मथुरा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नांदेड़, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पारादीप, परभणी, पटियाला, पटना, प्रयागराज, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 94 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अगरतला, अहमदाबाद, अजमेर, अंबाला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, बद्दी, बागपत, बारां, बरौत, बाड़मेर, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, दिल्ली, देवास, डोंबिवली, फरीदाबाद, फतेहपुर सीकरी, गजरौला, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जालना, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, करनाल, कटनी, खैरथल, कोटा, कुरुक्षेत्र, महाड, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मेरठ, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नारनौल, नवी मुंबई, नोएडा, पाली, पिंपरी-चिंचवड़, पीथमपुर, पुणे, पूर्णिया, रायचूर, सागर, सासाराम, सतारा, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सूरत, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, विरार, वृंदावन और यमुनानगर शामिल हैं।
इसी तरह बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, चरखी दादरी, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, खुर्जा, मानेसर, पानीपत और श्रीगंगानगर में स्थिति खराब दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 273 में से 36 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 132 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को यह आंकड़ा 135 दर्ज किया गया था।
94 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बल्लभगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 278 दर्ज किया गया, जोकि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (17 अक्टूबर) को बल्लभगढ़ में सूचकांक 175 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 103 अंकों का भारी उछाल आया है।
इससे पहले कल देश में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 233 दर्ज किया गया। वहीं आज 41 अंकों के उछाल के साथ ग्रेटर नोएडा में सूचकांक बढ़कर 274 पर पहुंच गया है। मतलब की वहां वायु गुणवत्ता आज भी खराब बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 159 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 187 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 28 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 109 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 114 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 5 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 18 अक्टूबर को बहादुरगढ़ (240) चौथे स्थान पर है, वहीं ग्रेटर नोएडा (274) दूसरे, जबकि खुर्जा (252) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 139, गाजियाबाद में 213, गुवाहाटी में 80, गुरूग्राम में 159, नोएडा में 170, ग्रेटर नोएडा में 274 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 127 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 98, चेन्नई में 58, चंडीगढ़ में 58, हैदराबाद में 60, जयपुर में 87 और पटना में 86 दर्ज किया गया।
देश के जिन 36 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, अमरावती (आंध्र प्रदेश), बेतिया, भुवनेश्वर, बक्सर, चामराजनगर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, एलुरु, गंगटोक, क्योंझर, कोल्हापुर, कोप्पल, कोरबा, मदिकेरी, मैंगलोर, मैसूरु, नाहरलागुन, पंचकूला, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, समस्तीपुर, श्रीनगर, सुआकाती, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, विजयपुरा, विशाखापत्तनम और यादगीर शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदनगर, अकोला, अलवर, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवानी, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, दमोह, दरभंगा, देहरादून, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हावेरी, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, झांसी, जींद, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, कारवार, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलार, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लेह, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मथुरा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नांदेड़, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पारादीप, परभणी, पटियाला, पटना, प्रयागराज, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सहरसा, सांगली, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सोलापुर, सोनीपत, श्रीकाकुलम, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमडीह, उडुपी, वापी और विजयवाड़ा आदि 132 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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