देश में वायु प्रदूषण का समीकरण एक बार फिर तेजी से बदलता नजर आया। 05 सितम्बर को तमिलनाडु का कुड्डालोर अचानक देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जहां एक्यूआई 493 तक पहुंच गया। एक दिन पहले 188 रहे एक्यूआई में 305 अंकों की यह उछाल हवा में घुले प्रदूषण की भयावह तस्वीर दिखाती है।
यहां पीएम10 का दबदबा रहा और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 990 फीसदी अधिक दर्ज किया गया। इसके उलट कर्नाटक का कारवार महज 16 के एक्यूआई के साथ सबसे साफ शहर रहा।
हालांकि देश के व्यापक परिदृश्य में कुछ राहत भी दिखी। 250 शहरों में 99 की हवा साफ और 133 शहरों की हवा संतोषजनक रही, जबकि 17 शहर मध्यम श्रेणी में रहे।
बिहार शरीफ में एक दिन में एक्यूआई 242 से गिरकर 24 पर आ जाना प्रदूषण के उतार-चढ़ाव को उजागर करता है।
दिल्ली में भी बारिश के बाद एक्यूआई 71 से घटकर 59 पर पहुंच गया, जबकि फरीदाबाद 122 से 105 पर आया। फिर भी भागलपुर, खैरथल, बेगूसराय और मुंगेर जैसे शहरों में प्रदूषण चिंता का कारण बना हुआ है।
आंकड़े बताते हैं कि देश में हवा की स्थिति भले सुधर रही हो, लेकिन कई शहरों में प्रदूषण अब भी बेहद अस्थिर और गंभीर चुनौती बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 05 सितम्बर 2026 को देश में कुड्डालोर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 493 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (04 सितम्बर) को कुड्डालोर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण 305 अंकों का भारी इजाफा हुआ है, जोकि बेहद चिंता का विषय है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि कुड्डालोर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
कुड्डालोर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 990 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कारवार की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर कुड्डालोर की तुलना कारवार से करें तो वहां स्थिति 30.8 गुणा खराब है।
कल देश में बिहार शरीफ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 242 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 218 अंकों के भारी सुधार के साथ बिहार शरीफ में सूचकांक घटकर 24 पर आ गया है। मतलब कि एक ही दिन में वायु गुणवत्ता सीधे 'खराब' से बेहतर श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 71 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 59 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 12 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-05 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 122 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 17 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बना हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 05 सितम्बर 2026 को 250 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 39.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 53.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 7.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 6.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 5.6 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में भागलपुर (154) दूसरे जबकि खैरथल (143) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बेगूसराय (136) चौथे स्थान पर है। हिसार – मुंगेर (131) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
छपरा (112) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बद्दी (111), पाली (108) और बिलीपाड़ा (107) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के चार शहर (भागलपुर, बेगूसराय, मुंगेर, छपरा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि भागलपुर, खैरथल, मुंगेर, फरीदाबाद और बर्नीहाट (असम) आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं कुड्डालोर, बेगूसराय, छपरा, बद्दी, पाली, बिलीपाड़ा, पानीपत, वातवा, बीकानेर, सीकर और विशाखापत्तनम आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 39.6 फीसदी यानी 99 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, दमोह, देहरादून, धुले, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गुवाहाटी, हल्दिया, हापुड़, हुबली, इंदौर, जयपुर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कारवार, क्योंझर, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, लातूर, मदिकेरी, महाद, मथुरा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पुडुचेरी, रायपुर, राजकोट आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 133 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बाड़मेर, बैरकपुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालौर, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंगुराहा, मेहसाणा, मैसूरु, नागांव, नागौर, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 17 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें बद्दी, बेगूसराय, भागलपुर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बर्नीहाट (असम), छपरा, फरीदाबाद, हिसार, खैरथल, मुंगेर, पाली, पानीपत, सीकर, टोंक, वातवा और विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।
वहीं कुड्डालोर (493) में स्थिति ‘गंभीर' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 250 में से 99 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 133 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 04 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 142 दर्ज किया गया था।
17 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज कुड्डालोर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 493 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (04 सितम्बर) को कुड्डालोर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण 305 अंकों का भारी इजाफा हुआ है, जोकि बेहद चिंता का विषय है।
कल देश में बिहार शरीफ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 242 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 218 अंकों के भारी सुधार के साथ बिहार शरीफ में सूचकांक घटकर 24 पर आ गया है। मतलब कि एक ही दिन में वायु गुणवत्ता सीधे 'खराब' से बेहतर श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 71 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 59 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 12 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 122 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 17 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बना हुआ है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 05 सितम्बर को बेगूसराय (136) चौथे स्थान पर है, वहीं भागलपुर (154) दूसरे, जबकि खैरथल (143) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 68, गाजियाबाद में 52, गुवाहाटी में 49, गुरूग्राम में 70, नोएडा में 57, ग्रेटर नोएडा में 77 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 45 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 52, चेन्नई में 79, चंडीगढ़ में 34, हैदराबाद में 59, जयपुर में 49 और पटना में 75 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 99 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बहादुरगढ़, बारां, बरेली, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, दमोह, देहरादून, धुले, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गुवाहाटी, हल्दिया, हापुड़, हुबली, इंदौर, जयपुर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कारवार, क्योंझर, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, लातूर, मदिकेरी, महाद, मथुरा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पुडुचेरी, रायपुर, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सवाई माधोपुर, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, टेन्सा, ठाणे, तिरुमाला, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन और यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बाड़मेर, बैरकपुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालौर, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंगुराहा, मेहसाणा, मैसूरु, नागांव, नागौर, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, राउरकेला, रूपनगर, सहरसा, सतारा, सतना, शामली, शिवमोगा, सिरोही, सिरसा, सोनीपत, श्रीकाकुलम, सूरत, तालचेर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, तुमडीह, उदयपुर, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा और यमुना नगर आदि 133 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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