वायु

प्रदूषण का रिपोर्ट कार्ड: देश का सबसे प्रदूषित शहर बना मंडीदीप, 272 पर पहुंचा एक्यूआई

मंडीदीप में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,700 फीसदी अधिक है

Lalit Maurya

  • भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। 12 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश का मंडीदीप देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 272 दर्ज किया गया।

  • मतलब की पिछले 24 घंटे में प्रदूषण का स्तर 56 अंक बढ़ गया। मंडीदीप की हवा में पीएम2.5 का स्तर डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से 1,700 फीसदी अधिक पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम का संकेत है।

  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के 256 शहरों में से महज 22 शहरों की हवा साफ रही, जबकि आधे से अधिक शहर प्रदूषण की चपेट में हैं। मैसूरु, हाजीपुर, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहर भी शीर्ष प्रदूषित शहरों में शामिल रहे।

  • ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारत के शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है और यदि तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदूषण आने वाले समय में स्वास्थ्य के लिए और बड़ा संकट बन सकता है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 12 अप्रैल 2026 को देश में मंडीदीप सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 272 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि इससे पहले 11 अप्रैल को मध्य प्रदेश के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 216 दर्ज किया गया था।

मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 56 अंकों का उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि मंडीदीप की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। मंडीदीप में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,700 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में पुदुचेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 28 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर मंडीदीप की तुलना पुदुचेरी से करें तो वहां स्थिति 9.7 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में अंगुल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई बढ़कर 321 तक पहुंच गया था। हालांकि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 174 अंकों का सुधार आया है, जिसके बाद वहां वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 147 पर पहुंच गया।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 123 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 163 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 40 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 93 पर पहुंच गया था। इसके बाद 01 अप्रैल को सूचकांक 113 दर्ज क्या गया। वहीं आज सूचकांक 114 रिकॉर्ड किया गया है। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 132 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 149 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 अप्रैल 2026 को 256 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 8.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 39.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 52 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.8 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 12.9 फीसदी की कमी आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 13.2 फीसदी का उछाल आया है, जोकि चिंता का विषय है। कुछ ऐसी ही स्थिति खराब हवा वाले शहरों की भी है, जिनकी संख्या में करीब 117 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में मैसूरु (265) दूसरे जबकि हाजीपुर (245) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा (232) चौथे स्थान पर है। गुरुग्राम-बल्लभगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 227 और 226 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

नयागढ़ (219) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में श्री चरखी दादरी (218), सवाई माधोपुर (214) और नांदेड़ (208) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (गुरुग्राम, बल्लभगढ़, चरखी दादरी) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि मंडीदीप, हाजीपुर, गुरुग्राम, चरखी दादरी, देवास, मानेसर, नंदेसरी, सोनीपत, नागपुर, वातवा, यमुना नगर, अंगुल, पंचगांव, नारनौल, समस्तीपुर, अररिया, धारूहेड़ा, मुजफ्फरपुर, परभनी, रोहतक, बर्नीहाट (असम), जींद, कुरुक्षेत्र, मोतिहारी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं ग्रेटर नोएडा, बल्लभगढ़, नयागढ़, भिवाड़ी, गाजियाबाद, सिंगरौली, बिलीपाड़ा, बर्नीहाट (मेघालय), ग्वालियर, नोएडा, अहमदाबाद, बेलापुर, पटना, दिल्ली, बुलंदशहर, आगरा, पीथमपुर, हापुड़, फरीदाबाद, इंदौर, गांधीनगर, टोंक, पाली, पानीपत, तालचेर, सीकर, पिंपरी-चिंचवाड़, दमोह, हिसार, जयपुर, झालावाड़, लखनऊ, बागपत, कोटा, कटक, कटनी, जैसलमेर, बीकानेर, अकोला, वृंदावन, मंगलौर, मंगुराहा, बारबिल, मालेगांव, यादगीर, धौलपुर, खुर्जा, उदयपुर, भीलवाड़ा, ब्रजराजनगर, मेहसाणा, बदलापुर, भिवंडी, धनबाद, झुंझुनू, बद्दी, चित्तौड़गढ़ आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 8.6 फीसदी यानी महज 22 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चेन्नई, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, देहरादून, गंगटोक, नागांव, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नेल्लोर, पंपोर, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवमोगा शामिल हैं।

इसी तरह देश के 101 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें चंडीगढ़, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गया, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलना, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करनाल, काशीपुर, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, नागौर, ऊटी, पलवल, पंचकुला, प्रयागराज, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना, शिलांग, सिलचर, सिलीगुड़ी आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 120 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अंगुल, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बाड़मेर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दमोह, दौसा, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धौलपुर, फरीदाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, ग्वालियर, हापुड़, हिसार, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कानपुर, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, कोल्हापुर, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, महाड, मालेगांव, मानेसर, मंगलौर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नंदेसरी, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नोएडा, पाली, पंचगांव, पानीपत, परभनी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायपुर, रोहतक, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सीकर, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुपुर, टोंक, उदयपुर, उल्हासनगर, वाराणसी, वातवा, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में बल्लभगढ़, भिवाड़ी, चरखी दादरी, देवास, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, हाजीपुर, मंडीदीप, मैसूरु, नांदेड़, नयागढ़, सवाई माधोपुर में स्थिति खराब है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 256 में से महज 22 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 101 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 11 अप्रैल को यह आंकड़ा 116 दर्ज किया गया था।

120 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज मंडीदीप में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 272 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल मंडीदीप में सूचकांक 216 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 56 अंकों का उछाल आया है।

इससे पहले कल देश में अंगुल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई बढ़कर 321 तक पहुंच गया था। हालांकि कल से प्रदूषण के स्तर में 174 अंकों का सुधार आया है, जिसके बाद वहां वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 147 पर पहुंच गया।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 123 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 163 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 40 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।   

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 132 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 149 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 12 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं मैसूरु (265) दूसरे, जबकि हाजीपुर (245) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 171, गाजियाबाद में 202, गुवाहाटी में 70, गुरूग्राम में 227, नोएडा में 170, ग्रेटर नोएडा में 232 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 108 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 138, चेन्नई में 43, चंडीगढ़ में 73, हैदराबाद में 72, जयपुर में 138 और पटना में 164 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 22 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बेतिया, भिवानी, बिहार शरीफ, चामराजनगर, चेन्नई, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, देहरादून, गंगटोक, नागांव, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नेल्लोर, पंपोर, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवमोगा, श्रीनगर, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आइजोल, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, आरा, आसनसोल, बागलकोट, बहादुरगढ़, बालासोर, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलगाम, भिलाई, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, चंडीगढ़, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गया, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलना, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करनाल, काशीपुर, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, नागौर, ऊटी, पलवल, पंचकुला, प्रयागराज, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना, शिलांग, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सिवान, श्री गंगानगर, सुआकाती, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमकुरु, तुमडीह, वडोदरा, विजयवाड़ा, विरार आदि 101 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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