फोटो: विकास चौधरी 
वायु

प्रदूषण का गणित: दिल्ली में घटकर 73 पर पहुंचा एक्यूआई, दर्ज हुआ साल का सबसे साफ दिन

दूसरी तरफ 12 जून 2026 को देश में बीकानेर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 266 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है

Lalit Maurya

  • यह रिपोर्ट देश में वायु गुणवत्ता के तेजी से बदलते परिदृश्य को दिखाती है, जहां एक ओर दिल्ली ने 2026 का अब तक का सबसे साफ दिन दर्ज किया, वहीं राजस्थान का बीकानेर देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा।

  • 12 जून को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 73 पर पहुंच गया, जो इस साल का सबसे निचला स्तर है और 24 घंटों में 94 अंकों के सुधार को दर्शाता है।

  • इसके विपरीत बीकानेर में एक्यूआई 266 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 490 प्रतिशत अधिक है। बीकानेर की हवा में पीएम10 कणों का दबदबा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।

  • देशभर में मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के कारण हवा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार देखने को मिला।

  • 239 शहरों में से 50 शहरों की हवा ‘बेहतर’ और 136 शहरों की ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही। साफ हवा वाले शहरों की संख्या में एक दिन में 51 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

  • हालांकि राजस्थान के छह शहर देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे, जो क्षेत्रीय प्रदूषण संकट की ओर संकेत करता है। यह तस्वीर बताती है कि मौसम में बदलाव से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन प्रदूषण की चुनौती अभी भी देश के कई हिस्सों में गंभीर बनी हुई है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 12 जून 2026 को देश में बीकानेर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 266 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल बीकानेर में सूचकांक 246 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि वहां कल से प्रदूषण में 20 अंकों का इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बीकानेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

बीकानेर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 490 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 22 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बीकानेर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।

बता दें कि इससे पहले कल सिरसा में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 386 तक पहुंच गया था। वहीं आज 242 अंकों के भारी सुधार के साथ सिरसा में सूचकांक 144 पर पहुंच गया है। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक सीधे बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है।   

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 167 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 73 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 94 अंकों का भारी सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है। बता दें कि साल में यह पहली बार है जब दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 73 तक पहुंचा है।

इससे पहले 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 99 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 114 पर पहुंच गया। मतलब कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 जून 2026 को 239 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 20.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 56.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 22.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

मौसम में सुधार के साथ कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी कल से 7.9 फीसदी का उछाल आया है। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती 22 फीसदी से ज्यादा घट गई है। कुछ ऐसी ही स्थिति खराब हवा वाले शहरों की भी है, जिनकी संख्या में कल से करीब 78 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चूरू (230) दूसरे जबकि हनुमानगढ़ (195) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सीकर (167) चौथे स्थान पर है। झुंझुनू (164) – पाली (160) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

विशाखापत्तनम (160) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बहादुरगढ़ (150), सिरसा (144) और बर्नीहाट (मेघालय) (142) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के छह शहर (बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनू, पाली) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बहादुरगढ़, बर्नीहाट (मेघालय), गुम्मिडीपूंडी, वातवा, भिवानी, बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी, फरीदाबाद, रूपनगर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनू, पाली, विशाखापत्तनम, सिरसा, बाड़मेर, टोंक, नागौर, उदयपुर, जालोर, जैसलमेर, गुरुग्राम, बांसवाड़ा, सिंगरौली, भीलवाड़ा, जयपुर, पीथमपुर, सवाई माधोपुर, जोधपुर, अजमेर, हिसार, बारां, फतेहाबाद, सिरोही, देवास, चित्तौड़गढ़, भोपाल, छपरा, खन्ना, प्रतापगढ़, अगरतला, अहमदाबाद, ग्वालियर, कोटा, धनबाद, उज्जैन आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 20.9 फीसदी यानी 50 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बेगूसराय, भिलाई, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, देहरादून, धौलपुर, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, हल्दिया, कलबुर्गी, कानपुर, क्योंझर, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मैसूरु, नागांव, नाहरलागुन, नंदेसरी, पंपोर, पंचकुला, पटियाला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, रामनगर, ऋषिकेश, सोनीपत आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 136 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कटनी, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरई, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, नोएडा, पंचगांव, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 51 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अगरतला, अहमदाबाद, अजमेर, अंगुल, औरंगाबाद (बिहार), बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा, भिवानी, भोपाल, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, छपरा, चित्तौड़गढ़, देवास, धनबाद, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, खन्ना, कोटा, नागौर, पाली, पलवल, पीथमपुर, प्रतापगढ़, रूपनगर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, तालचेर, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, वातवा, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में बीकानेर, चूरू में स्थिति खराब है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 239 में से 50 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 136 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 11 जून को यह आंकड़ा 126 दर्ज किया गया था।

51 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बीकानेर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 266 दर्ज किया गया। हालांकि कल वहां एक्यूआई 246 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में बीकानेर में प्रदूषण के स्तर में 20 अंकों का उछाल आया है। 

इससे पहले कल सिरसा में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 386 तक पहुंच गया था। वहीं आज 242 अंकों के भारी सुधार के साथ सिरसा में सूचकांक 144 पर पहुंच गया है। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक सीधे बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है।         

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 167 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 73 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 94 अंकों का भारी सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।    

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 99 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 114 पर पहुंच गया। मतलब कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 12 जून को सीकर (167) चौथे स्थान पर है, वहीं चूरू (230) दूसरे, जबकि हनुमानगढ़ (195) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 104, गाजियाबाद में 74, गुवाहाटी में 53, गुरूग्राम में 128, नोएडा में 69, ग्रेटर नोएडा में 84 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 71, चेन्नई में 60, चंडीगढ़ में 42, हैदराबाद में 69, जयपुर में 122 और पटना में 70 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 50 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अंबरनाथ, आसनसोल, बगलकोट, बैरकपुर, बेगूसराय, भिलाई, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, देहरादून, धौलपुर, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, हल्दिया, कलबुर्गी, कानपुर, क्योंझर, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मैसूरु, नागांव, नाहरलागुन, नंदेसरी, पंपोर, पंचकुला, पटियाला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, रामनगर, ऋषिकेश, सोनीपत, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, उल्हासनगर, वाराणसी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कटनी, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरई, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, नोएडा, पंचगांव, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सासाराम, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमकुरु, तुमडीह, वडोदरा, वापी, विजयवाड़ा, यमुना नगर आदि 136 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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