बढ़ते प्रदूषण में अपनी बच्ची की मास्क पहनने में मदद करती एक मां; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

प्रदूषण की मार: बहादुरगढ़ की हवा बनी देश में सबसे जहरीली, 106 से 263 पर पहुंचा एक्यूआई

25 जून 2026 को 245 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि जहां 21.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 57.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 20.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं

Lalit Maurya

  • प्रदूषण के मोर्चे पर 25 जून राहत और चिंता, दोनों की तस्वीर लेकर आया। एक ओर देश के 245 शहरों में से करीब 79 फीसदी शहरों की हवा ‘बेहतर’ या ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही, वहीं दूसरी ओर हरियाणा का बहादुरगढ़ महज 24 घंटों में 106 से उछलकर 263 एक्यूआई पर पहुंच गया और देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। यह तेज उछाल बताता है कि वायु प्रदूषण का संकट अब भी बेहद अस्थिर और गंभीर बना हुआ है।

  • बहादुरगढ़ में पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 50 गुना अधिक दर्ज किया गया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। दूसरी तरफ आइजोल 21 एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा।

  • दिल्ली (130) और फरीदाबाद (170) में भी प्रदूषण बढ़ा, हालांकि दोनों अभी ‘मध्यम’ श्रेणी में हैं।

  • विश्लेषण से यह भी सामने आया कि देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल हैं, जो क्षेत्रीय प्रदूषण संकट की गंभीरता को रेखांकित करता है।

  • राहत की बात यह है कि ‘खराब’ श्रेणी वाले शहरों की संख्या में पिछले दिन की तुलना में करीब 50 फीसदी की कमी आई, लेकिन बहादुरगढ़ जैसे शहर यह चेतावनी दे रहे हैं कि मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के बदलते ही प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 25 जून 2026 को देश में बहादुरगढ़ सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 263 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। कल बहादुरगढ़ में एक्यूआई 106 दर्ज किया गया था। इसका मतलब है कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 157 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बहादुरगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

बहादुरगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 50 गुणा अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 21 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 12.5 गुणा खराब है।

इससे पहले कल सोनीपत में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 295 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में सोनीपत का जिक्र नहीं है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 127 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 130 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में तीन अंकों का उछाल आया है। दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 दर्ज किया गया, जो आज बढ़कर 170 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 5 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 25 जून 2026 को 245 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 21.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 57.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 20.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 17.2 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 15.6 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 7.8 फीसदी की कमी आई है। इसी तरफ खराब हवा वाले शहरों की संख्या में कल से करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि राहत की खबर है। 

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में मोदीनगर (247) दूसरे जबकि मुजफ्फरनगर (230) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह भिवानी (202) चौथे स्थान पर है। यमुना नगर (200) – गुरुग्राम (199) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

ग्रेटर नोएडा (196) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में जींद (194), मेरठ (184) और बागपत (180) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (बहादुरगढ़, भिवानी, यमुना नगर, गुरुग्राम, और जींद) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बहादुरगढ़, मोदीनगर, भिवानी, यमुना नगर, गुरुग्राम, जींद, मेरठ, समस्तीपुर, तालचेर, फरीदाबाद, करनाल, नारनौल, पानीपत, मानेसर, कैथल, बर्नीहाट (असम), धारूहेड़ा, हाजीपुर, मछलीपट्टनम आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं मुजफ्फरनगर, ग्रेटर नोएडा, बागपत, गाजियाबाद, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, विशाखापत्तनम, बुलंदशहर, बाड़मेर, पाली, मुरादाबाद, अगरतला, धनबाद, आगरा, अंबाला, छपरा, दौसा, वातवा, बद्दी, टोंक, बीकानेर, सीकर, उदयपुर, भावनगर, जैसलमेर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 21.6 फीसदी यानी 53 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, डोंबिवली, एलुरु, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, हनुमानगढ़, हुबली, जालंधर, झांसी, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, लातूर, मदिकेरी, मुंबई, मैसूर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, पंपोर, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सांगली, सतारा, शिवमोगा आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 141 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भुवनेश्वर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, देवास, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कल्याण, कानपुर, काशीपुर, कटनी, खैरथल, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, सहरसा, सतना, सवाई माधोपुर, सिलचर, सिरोही आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 47 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अगरतला, आगरा, अंबाला, अंगुल, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बागपत, बल्लभगढ़, बाड़मेर, भावनगर, भिवाड़ी, बीकानेर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (असम), छपरा, दौसा, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, हाजीपुर, जैसलमेर, जींद, कैथल, करनाल, खोरा, मछलीपट्टनम, मानेसर, मेरठ, मुरादाबाद, नागांव, नारनौल, नोएडा, पाली, पानीपत, समस्तीपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, तालचेर, टोंक, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह बहादुरगढ़, भिवानी, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर में स्थिति खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 245 में से 53 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 141 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 24 जून को यह आंकड़ा 122 दर्ज किया गया था।

47 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बहादुरगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 263 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे पहले कल बहादुरगढ़ में एक्यूआई 106 दर्ज किया गया था। मतलब की कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 157 अंकों की भारी बढ़ोतरी हुई है।    

इससे पहले कल सोनीपत में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 295 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में सोनीपत का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 127 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 130 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में तीन अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।  

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 दर्ज किया गया, जो आज बढ़कर 170 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 5 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 25 जून को भिवानी (202) चौथे स्थान पर है, वहीं मोदीनगर (247) दूसरे, जबकि मुजफ्फरनगर (230) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 81, गाजियाबाद में 177, गुवाहाटी में 54, गुरूग्राम में 199, नोएडा में 152, ग्रेटर नोएडा में 196 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 47 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 91, चेन्नई में 69, चंडीगढ़ में 57, हैदराबाद में 53, जयपुर में 96 और पटना में 88 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 53 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), बरेली, भिलाई, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, चामराजनगर, चंद्रपुर, छाल, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, डोंबिवली, एलुरु, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, हनुमानगढ़, हुबली, जालंधर, झांसी, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, लातूर, मदिकेरी, मुंबई, मैसूर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, पंपोर, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सांगली, सतारा, शिवमोगा, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुमाला, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भुवनेश्वर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, देवास, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कल्याण, कानपुर, काशीपुर, कटनी, खैरथल, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, सहरसा, सतना, सवाई माधोपुर, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सोलापुर, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुपति, तुमडीह, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन आदि 141 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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