सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि देश के अधिकांश शहरों में भले ही हवा संतोषजनक बनी हुई हो, लेकिन कई इलाकों में प्रदूषण अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। 4 जून 2026 को हरियाणा का चरखी दादरी देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां एक्यूआई 310 दर्ज किया गया।
चिंताजनक बात यह है कि केवल 24 घंटों में यहां प्रदूषण 172 अंकों की छलांग लगाकर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। शहर की हवा में पीएम2.5 कणों का स्तर इतना अधिक था कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 20 गुणा ज्यादा दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा साझा 240 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 13.7 फीसदी शहरों में हवा साफ, 51.7 फीसदी में संतोषजनक, जबकि 34.6 फीसदी शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम से लेकर बेहद खराब श्रेणी तक पहुंची हुई है।
भिवाड़ी, पंचगांव, चूरू, पलवल और फरीदाबाद जैसे शहर भी प्रदूषण के शीर्ष केंद्रों में शामिल रहे। रिपोर्ट यह भी उजागर करती है कि देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल हैं।
दूसरी ओर, कोयंबटूर सहित 33 शहरों ने साफ हवा के साथ राहत की तस्वीर पेश की। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदूषण का संकट अब मौसमी नहीं, बल्कि तेजी से बदलता और स्थानीय स्तर पर गंभीर होता जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 04 जून 2026 को देश में चरखी दादरी सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल चरखी दादरी में सूचकांक 138 दर्ज किया गया था। मतलब कि वहां कल से प्रदूषण में 172 अंकों का भारी उछाल आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि चरखी दादरी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। चरखी दादरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,950 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कोयंबटूर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 24 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर चरखी दादरी की तुलना कोयंबटूर से करें तो वहां स्थिति 12.9 गुणा खराब है।
बता दें कि इससे पहले कल बाड़मेर में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 299 तक पहुंच गया। हालांकि आज 183 अंकों के सुधार के साथ बाड़मेर में सूचकांक 116 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 143 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 164 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 21 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
इससे पहले 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 216 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 जून 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 13.7 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 51.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 34.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 3.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 2.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। खराब हवा वाले शहरों की स्थिति में गिरावट आई है। इसके साथ ही इन शहरों का आंकड़ा 30 फीसदी घट गया, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में भिवाड़ी (244) दूसरे जबकि पंचगांव (239) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह चूरू (223) चौथे स्थान पर है। पलवल (221)- फरीदाबाद (216) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
बीकानेर (210) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बागपत (201), धारूहेड़ा (199) और मेरठ (198) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (चरखी दादरी, पंचगांव, पलवल, फरीदाबाद और धारूहेड़ा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, पंचगांव, धारूहेड़ा, बर्नीहाट (मेघालय), भिवानी, मानेसर, कैथल, करनाल, मंडीखेड़ा, हाजीपुर, पानीपत, बर्नीहाट (असम), जींद, बहादुरगढ़, मंडीदीप, उदयपुर, अंबाला, काशीपुर, किशनगंज, गुम्मिडीपूंडी, हापुड़, बेगूसराय, सहरसा, तालचेर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं भिवाड़ी, चूरू, फरीदाबाद, बीकानेर, बागपत, मेरठ, सीकर, बल्लभगढ़, नागौर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, जोधपुर, झुंझुनू, मेहसाणा, दिल्ली, बुलंदशहर, पाली, सिंगरौली, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, श्री गंगानगर, राजकोट, गुरुग्राम, धनबाद, विशाखापत्तनम, जैसलमेर, छपरा, अजमेर, रोहतक, यमुना नगर, जालौर, पटना, मुजफ्फरनगर, पीथमपुर, भीलवाड़ा, जयपुर, वातवा, अंगुल, सिरसा, बाड़मेर, अमृतसर, आगरा, फतेहाबाद, मुजफ्फरपुर, गया, लुधियाना, अलवर, खन्ना, सिरोही, हनुमानगढ़, मुरादाबाद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 13.7 फीसदी यानी 33 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में अनंतपुर, बागलकोट, बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, गंगटोक, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कोहिमा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, नाहरलागुन, नासिक, पेरुंदुरई, पुणे, रामनगर, सांगली, शिवमोगा, सिलचर आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 124 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बठिंडा, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदुरई, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 75 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें आगरा, अजमेर, अलवर, अंबाला, अमृतसर, अंगुल, बद्दी, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बाड़मेर, बेगूसराय, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवानी, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कैथल, करनाल, काशीपुर, खन्ना, किशनगंज, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नोएडा, पाली, पानीपत, पटना, पीथमपुर, राजकोट, रोहतक, सहरसा, सीकर, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, तालचेर, तुमडीह, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश में बागपत, भिवाड़ी, बीकानेर, चूरू, फरीदाबाद, पलवल, पंचगांव में स्थिति ‘खराब’, जबकि चरखी दादरी (310) में बेहद खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 240 में से 33 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 124 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 03 जून को यह आंकड़ा 127 दर्ज किया गया था।
75 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज चरखी दादरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 310 दर्ज किया गया। हालांकि कल वहां एक्यूआई महज 138 दर्ज किया गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में चरखी दादरी में प्रदूषण के स्तर में 172 अंकों का भारी उछाल आया है।
इससे पहले कल बाड़मेर में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 299 तक पहुंच गया। हालांकि आज 183 अंकों के सुधार के साथ बाड़मेर में सूचकांक 116 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 143 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 164 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 21 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 216 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 04 जून को चूरू (223) चौथे स्थान पर है, वहीं भिवाड़ी (244) दूसरे, जबकि पंचगांव (239) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 89, गाजियाबाद में 177, गुवाहाटी में 78, गुरूग्राम में 133, नोएडा में 183, ग्रेटर नोएडा में 182 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 53 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 92, चेन्नई में 61, चंडीगढ़ में 71, हैदराबाद में 67, जयपुर में 120 और पटना में 126 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 33 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अंबरनाथ, अनंतपुर, बागलकोट, बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, गंगटोक, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कोहिमा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, नाहरलागुन, नासिक, पेरुंदुरई, पुणे, रामनगर, सांगली, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, सोलापुर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुमाला, उल्हासनगर, विजयपुरा शामिल हैं।
वहीं अहमदाबाद, अहमदनगर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदुरई, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, रूपनगर, सागर, समस्तीपुर, सतना, सवाई माधोपुर, सिलीगुड़ी, श्रीनगर, सुआकाती, सूरत, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुपति, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन आदि 124 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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