वायु

एनसीआर में फिर छाया प्रदूषण, भिवाड़ी सबसे आगे, दिल्ली में भी 315 पर पहुंचा एक्यूआई

आज देश में भिवाड़ी, धारूहेड़ा, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, अंगुल, राजकोट में प्रदूषण से स्थिति बेहद खराब है। गुरुग्राम में भी एक्यूआई 300 तक पहुंच गया है

Lalit Maurya

  • 31 जनवरी 2026 को भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 349 दर्ज किया गया। एक दिन में भिवाड़ी का एक्यूआई 230 से उछलकर 349 तक पहुंच गया, यानी 119 अंकों की भारी बढ़ोतरी।

  • भिवाड़ी की हवा में पीएम10 पूरी तरह हावी है, प्रदूषण स्तर डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से 600 फीसदी अधिक है।

  • देश में सबसे साफ हवा शिलांग में दर्ज की गई, जहां एक्यूआई महज 31 रहा। भिवाड़ी की स्थिति शिलांग से 11 गुणा ज्यादा खराब है।

  • दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, एक्यूआई 253 से उछलकर 315 पर पहुंचा; हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में।

  • गाजियाबाद (313), धारूहेड़ा (341), ग्रेटर नोएडा (328) और नोएडा (324) भी सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल।

  • आज देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तीन-तीन शहर शामिल हैं।

विश्लेषण से पता चला है कि 31 जनवरी 2026 को देश में भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 349 दर्ज किया गया। इससे पहले 30 जनवरी को भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 230 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 119 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब हो गई है।                   

रुझानों में सामने आया है कि भिवाड़ी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। 

भिवाड़ी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 600 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 31 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर भिवाड़ी की तुलना शिलांग से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में गाजियाबाद की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 303 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 10 अंकों के उछाल के साथ गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 313 पर पहुंच गया है।   

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 दर्ज किया गया था, जो आज 31 जनवरी को 62 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 315 पर पहुंच गया है। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।      

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 31 जनवरी 2026 को 238 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है।

वहीं 34.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 62.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।

बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 36.4 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 11.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 13.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 29.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि चिंता का विषय है। बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 700 फीसदी का उछाल आया है।

फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 197 (+53) रिकॉर्ड किया गया है।  

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में धारूहेड़ा (341) दूसरे जबकि ग्रेटर नोएडा (328) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 324 अंकों के साथ नोएडा चौथे स्थान पर है। दिल्ली-गाजियाबाद में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 315 और 313 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

अंगुल (308) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजकोट (302), गुरुग्राम (300) और मानेसर (296) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा (धारूहेड़ा, गुरुग्राम, मानेसर) और उत्तर प्रदेश के तीन-तीन शहर (ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, नोएडा) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि धारूहेड़ा, नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, वडोदरा, मंडीदीप, बागपत, चरखी दादरी, सिंगरौली, बल्लभगढ़, चित्तौड़गढ़, अंकलेश्वर, बद्दी, झालावाड़, गुम्मिडीपूंडी, क्योंझर, तुमकुरु, विशाखापत्तनम, कोल्लम, धुले, राजमहेंद्रवरम, बालासोर, टोंक, पाली, मालेगांव, बुलंदशहर, बहादुरगढ़, नाहरलागुन, भीलवाड़ा, उदयपुर, चूरू, बारबिल, नारनौल, सीकर, वातवा, वापी, बूंदी, बारीपदा, एलूर, रोहतक, जालोर, मुजफ्फरनगर, हाजीपुर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), नागपुर, बर्नीहाट, जयपुर, राजसमंद, नलबाड़ी, पीथमपुर, बठिंडा, कटनी, यादगीर, बोइसर, हावड़ा, देवास, मुजफ्फरपुर, हल्दिया, हापुड़, मीरा-भायंदर, परभनी, उज्जैन, आसनसोल, डूंगरपुर, गांधीनगर, बेगूसराय, दुर्गापुर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), चंडीगढ़, नवी मुंबई आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, सूरत, फरीदाबाद, गुवाहाटी, बिलीपाड़ा, कोटा, बीकानेर, गया, झुंझुनू, मेरठ, नागौर, सुआकाती, हनुमानगढ़, पुणे, उल्हासनगर, धनबाद, तिरुवनंतपुरम, सवाई माधोपुर, सोलापुर, कल्याण, सिलीगुड़ी, अहमदाबाद, कुंजेमुरा, चंद्रपुर, कोलकाता, श्री गंगानगर, बदलापुर, नांदेड़, गोरखपुर, भिवंडी, महाड, देहरादून, कुरुक्षेत्र, अलवर, मंगुराहा, रतलाम, राउरकेला, अहमदनगर, ब्रजराजनगर, नासिक, भोपाल, अजमेर, ठाणे, खुर्जा, चिक्काबल्लापुर, अमरावती (महाराष्ट्र), जलगांव, बांसवाड़ा, छपरा, यमुना नगर, रामनगर, इंदौर, कैथल, रायरंगपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 2.9 फीसदी यानी महज सात शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बागलकोट, फिरोजाबाद, मदिकेरी, शिलांग, शिवमोगा, श्रीनगर, तंजावुर  आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 83 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलगाम, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, बिहार रीफ, बिलासपुर, बक्सर, चामराजनगर, चेन्नई, छाल, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, दौसा, दावनगेरे, धारवाड़, धौलपुर, फतेहाबाद, गंगटोक, ग्वालियर, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, झांसी, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंगेर, मैसूर, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 121 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चूरू, देहरादून, देवास, धनबाद, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जलगांव, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, कैथल, कल्याण, कटनी, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पाली, परभनी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सोलापुर, श्री गंगानगर, सुआकाती, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, वातवा, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 19 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अंकलेश्वर, बद्दी, बागपत, बल्लभगढ़, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, कटक, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, झालावाड़, क्योंझर, कोल्लम, मंडीदीप, मानेसर, सिंगरौली, सूरत, तुमकुरु, वडोदरा, विशाखापत्तनम शामिल हैं।

वहीं अंगुल, भिवाड़ी, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, राजकोट में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 238 में से महज सात शहरों में हवा 'बेहतर' है। 83 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 30 जनवरी 2026 को यह आंकड़ा 94 दर्ज किया गया था।

121 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज भिवाड़ी (349) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक भिवाड़ी में कल से एक्यूआई में 119 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। बता दें कल भिवाड़ी में एक्यूआई 230 दर्ज किया गया था।   

इससे पहले कल देश में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई बढ़कर 303 तक पहुंच गया था। हालांकि आज भी 10 अंकों के उछाल के साथ गाजियाबाद में सूचकांक 313 पर पहुंच गया है।  

दिल्ली में आज प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 दर्ज किया गया, जो आज बढ़कर 315 पर पहुंच गया है। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 62 अंकों का उछाल आया है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 2,000 फीसदी अधिक खराब है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है, जहां सूचकांक 197 (+53) रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।   

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 31 जनवरी को नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं धारूहेड़ा (341) दूसरे, जबकि ग्रेटर नोएडा (328) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 84, गाजियाबाद में 313, गुवाहाटी में 196, गुरूग्राम में 300, नोएडा में 324, ग्रेटर नोएडा में 328 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 107 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 108, चेन्नई में 87, चंडीगढ़ में 114, हैदराबाद में 96, जयपुर में 148 और पटना में 110 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन सात शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, फिरोजाबाद, मदिकेरी, शिलांग, शिवमोगा, श्रीनगर, तंजावुर शामिल हैं।

वहीं आगरा, आइजोल, अकोला, अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलगाम, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, बिहार रीफ, बिलासपुर, बक्सर, चामराजनगर, चेन्नई, छाल, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, दौसा, दावनगेरे, धारवाड़, धौलपुर, फतेहाबाद, गंगटोक, ग्वालियर, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, झांसी, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंगेर, मैसूर, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुदुचेरी, पुडुकोट्टई, पूर्णिया, रायपुर, राजगीर, रामनाथपुरम, ऋषिकेश, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सिवान, थूथुकुडी, तिरुमाला, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन आदि 83 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

240 में महज 11 शहरों में हवा साफ, गाजियाबाद में 300 के पार एक्यूआई