वायु

प्रदूषण में जारी उतार-चढ़ाव: सवाई माधोपुर सबसे प्रदूषित, कुड्डालोर सबसे साफ, 12 पर पहुंचा एक्यूआई

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 08 मई 2026 को देश में सवाई माधोपुर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 दर्ज किया गया

Lalit Maurya

  • देश में हवा का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। कहीं सांस लेना मुश्किल हो रहा है, तो कहीं लोगों को लंबे समय बाद राहत की साफ हवा नसीब हुई है।

  • 08 मई 2026 को सवाई माधोपुर देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 दर्ज किया गया। महज 24 घंटे में यहां प्रदूषण 42 अंक बढ़ गया, जबकि हवा में ओजोन का स्तर इतना अधिक पाया गया कि यह लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से यहां प्रदूषण 250 फीसदी ज्यादा दर्ज हुआ।

  • इसके उलट कुड्डालोर में एक्यूआई केवल 12 रहा, जो देश की सबसे साफ हवा का संकेत है। यानी सवाई माधोपुर की हवा कुड्डालोर से करीब 18 गुना ज्यादा जहरीली रही।

  • राहत की बात यह है कि देश के 244 शहरों में से 46 शहरों में हवा साफ और 134 शहरों में संतोषजनक दर्ज की गई। दिल्ली, फरीदाबाद और श्री गंगानगर जैसे शहरों में भी पिछले 24 घंटों में प्रदूषण में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

  • फिर भी तस्वीर चिंताजनक है। राजस्थान के पांच शहर देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। कहीं पीएम2.5 लोगों के फेफड़ों पर हमला कर रहा है, तो कहीं पीएम10 और ओजोन हवा को जहर में बदल रहे हैं। यह उतार-चढ़ाव साफ संकेत है कि देश की हवा अब मौसम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन का सबसे बड़ा संकट बनती जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 08 मई 2026 को देश में सवाई माधोपुर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल सवाई माधोपुर में सूचकांक 172 दर्ज किया गया। मतलब की कल से वहां प्रदूषण में 42 अंकों का उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि सवाई माधोपुर की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

सवाई माधोपुर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 250 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में कुड्डालोर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर सवाई माधोपुर की तुलना कुड्डालोर से करें तो वहां स्थिति 17.8 गुणा खराब है।

वहीं कल श्री गंगानगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 301 दर्ज किया गया था। वहीं आज सूचकांक घटकर 118 पर पहुंच गया है। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण में 183 अंकों का भारी सुधार हुआ है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 125 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 100 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 25 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 05 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 86 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 117 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 102 पर पहुंच गया। मतलब कि वहां आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 08 मई 2026 को 244 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 18.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 54.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 26.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 9.8 फीसदी का उछाल आया है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 8.8 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है। वहीं खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में किशनगंज (202) दूसरे जबकि फतेहाबाद (200) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बर्नीहाट (असम) चौथे स्थान पर है। दौसा-पीथमपुर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 177 और 163 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

बारां (160) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मेरठ (160), भरतपुर (154) और बीकानेर (153) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर (सवाई माधोपुर, दौसा, बारां, भरतपुर, बीकानेर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि किशनगंज, बर्नीहाट (असम), सहरसा, करनाल, मंडीदीप, राजकोट, बहादुरगढ़, नंदेसरी, हनुमानगढ़, वातवा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं मेरठ, बांसवाड़ा, बर्नीहाट (मेघालय), अगरतला, पाली, प्रतापगढ़, गाजियाबाद, चंद्रपुर, अहमदाबाद, मेहसाणा, सिंगरौली, गांधीनगर, जैसलमेर, उदयपुर, ग्वालियर, बेलापुर, गुरुग्राम, नागौर, श्री गंगानगर, चुरू, सीकर, भीलवाड़ा, वडोदरा, जोधपुर, जयपुर, रतलाम, भावनगर, देवास, कोटा, बल्लभगढ़, नयागढ़, बेगूसराय, जोरापोखर, बाड़मेर, फरीदाबाद, नोएडा, पानीपत, भिवंडी, नवी मुंबई आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 18.9 फीसदी यानी 46 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में आइजोल, अमरावती (आंध्रप्रदेश), आरा, बालासोर, बारीपदा, बैरकपुर, बेलगाम, बेतिया, भिलाई, बिहार शरीफ, चामराजनगर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, कुड्डालोर, धौलपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हल्दिया, जलना, झांसी, कलबुर्गी, कोहिमा, लातूर, मदिकेरी, मैहर, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, नलबाड़ी, पंचकुला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, रूपनगर, श्रीनगर, सुआकाती, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुपति, विजयपुरा, विरुधुनगर, विशाखापत्तनम, वृंदावन आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बरेली, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भिवाड़ी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, बक्सर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, कटक, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जालोर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, पलवल, पंपोर, पंचगांव, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 62 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अगरतला, अहमदाबाद, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, बेगूसराय, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, बीकानेर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, देवास, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, करनाल, कोटा, मंडीदीप, मेरठ, मेहसाणा, मैसूर, नागौर, नंदेसरी, नवी मुंबई, नयागढ़, नोएडा, पाली, पानीपत, पीथमपुर, प्रतापगढ़, राजकोट, रतलाम, सहरसा, सीकर, सिंगरौली, श्री गंगानगर, उदयपुर, वडोदरा, वातवा आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में किशनगंज (202), सवाई माधोपुर (214) में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 244 में से 46 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 134 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 07 मई को यह आंकड़ा 122 दर्ज किया गया था।

62 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज सवाई माधोपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 214 दर्ज किया गया। इससे पहले कल सवाई माधोपुर में सूचकांक 172 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 42 अंकों का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही आज सवाई माधोपुर में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।

वहीं कल श्री गंगानगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 301 दर्ज किया गया था। वहीं आज सूचकांक घटकर 118 पर पहुंच गया है। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण में 183 अंकों का भारी सुधार हुआ है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 125 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 100 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 25 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 117 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 102 पर पहुंच गया। मतलब कि वहां आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 08 मई को बर्नीहाट (असम) चौथे स्थान पर है, वहीं किशनगंज (202) दूसरे, जबकि फतेहाबाद (200) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 119, गाजियाबाद में 129, गुवाहाटी में 74, गुरूग्राम में 118, नोएडा में 102, ग्रेटर नोएडा में 98 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 83 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 90, चेन्नई में 30, चंडीगढ़ में 56, हैदराबाद में 74, जयपुर में 110 और पटना में 92 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 46 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अमरावती (आंध्रप्रदेश), आरा, बालासोर, बारीपदा, बैरकपुर, बेलगाम, बेतिया, भिलाई, बिहार शरीफ, चामराजनगर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, कुड्डालोर, धौलपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हल्दिया, जलना, झांसी, कलबुर्गी, कोहिमा, लातूर, मदिकेरी, मैहर, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, नलबाड़ी, पंचकुला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, रूपनगर, श्रीनगर, सुआकाती, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुपति, विजयपुरा, विरुधुनगर, विशाखापत्तनम, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बागपत, बारबिल, बरेली, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भिवाड़ी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, बक्सर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, कटक, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जालोर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, पलवल, पंपोर, पंचगांव, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सोनीपत, सूरत, तालचेर, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, टोंक, तुमडीह, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, यादगीर, यमुना नगर आदि 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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