देश में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 14 सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, 235 शहरों में मंडी गोबिंदगढ़ सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 147 दर्ज किया गया। हालांकि यह पिछले दिन के 152 के मुकाबले पांच अंक कम है, लेकिन यहां पीएम10 का दबदबा बना हुआ है और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 220 फीसदी अधिक है।
इसके विपरीत आइजोल में महज 15 एक्यूआई के साथ हवा सबसे साफ रही।
दिल्ली में भी पिछले 24 घंटों में हवा में मामूली सुधार हुआ और एक्यूआई 84 से घटकर 79 पहुंच गया। वहीं फरीदाबाद में प्रदूषण बढ़ने से एक्यूआई 99 से 105 हो गया और हवा संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
सबसे बड़ा सुधार बर्नीहाट में दर्ज हुआ, जहां एक दिन पहले 208 के मुकाबले एक्यूआई 86 अंक गिरकर 122 हो गया।
कुल 235 शहरों में 88 शहरों की हवा बेहतर, 133 की संतोषजनक और 14 शहरों की मध्यम श्रेणी में रही। हालांकि देश के ज्यादातर शहरों में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, पीएम2.5 और पीएम10 का बढ़ता दबाव कई शहरों में स्वास्थ्य के लिए चिंता बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 14 सितम्बर 2026 को देश में मंडी गोबिंदगढ़ सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 147 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 सितम्बर) को मंडी गोबिंदगढ़ में प्रदूषण का स्तर 152 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में पांच अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि मंडी गोबिंदगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
मंडी गोबिंदगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 220 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 15 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर मंडी गोबिंदगढ़ की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 9.8 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में बर्नीहाट (मेघालय) की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 208 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज 86 अंकों के भारी सुधार के साथ बर्नीहाट में सूचकांक घटकर 122 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता आज भी खराब से 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 84 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 79 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 5 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-14 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से वायु गुणवत्ता सूचकांक में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 99 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 6 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 सितम्बर 2026 को 235 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 37.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 56.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 1.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 12.5 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में हिसार (135) दूसरे जबकि खैरथल (129) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह पानीपत (127) चौथे स्थान पर है। एलुरु (125) – बर्नीहाट (मेघालय) (122) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
चेन्नई (119) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बाड़मेर (113), भागलपुर (113) और श्रीगंगानगर (112) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के तीन शहर (खैरथल, बाड़मेर, श्रीगंगानगर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि पानीपत और बर्नीहाट (मेघालय) आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं मंडी गोबिंदगढ़, खैरथल, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, अगरतला, अलवर और फरीदाबाद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 37.4 फीसदी यानी 88 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बांसवाड़ा, बारां, बारीपदा, बैरकपुर, बीड, बेलापुर, बेतिया, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलासपुर, चामराजनगर, छाल, कोयंबटूर, दमोह, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाड, मालेगांव, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मैसूर आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 133 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारवाड़, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गजरौला, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कानपुर, कटिहार, खन्ना, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोटा, लखनऊ, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पंपोर, पारादीप, परभणी, पटना, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट, रामनगर, रोहतक आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 14 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अगरतला, अलवर, बाड़मेर, भागलपुर, बर्नीहाट (मेघालय), चेन्नई, एलुरु, फरीदाबाद, हिसार, खैरथल, मंडी गोबिंदगढ़, पानीपत, श्रीगंगानगर और टोंक शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 235 में से 88 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 133 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 131 दर्ज किया गया था।
14 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज मंडी गोबिंदगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 147 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 सितम्बर) को मंडी गोबिंदगढ़ में प्रदूषण का स्तर 152 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में पांच अंकों का सुधार आया है।
इससे पहले कल देश में बर्नीहाट (मेघालय) की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 208 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज 86 अंकों के भारी सुधार के साथ बर्नीहाट में सूचकांक घटकर 122 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता आज भी खराब से 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 84 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 79 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 5 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से वायु गुणवत्ता सूचकांक में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 99 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 6 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 सितम्बर को पानीपत (127) चौथे स्थान पर है, वहीं हिसार (135) दूसरे, जबकि खैरथल (129) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 61, गाजियाबाद में 74, गुवाहाटी में 60, गुरूग्राम में 70, नोएडा में 86, ग्रेटर नोएडा में 97 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 37 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 62, चेन्नई में 119, चंडीगढ़ में 72, हैदराबाद में 54, जयपुर में 64 और पटना में 69 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 88 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), बदलापुर, बांसवाड़ा, बारां, बारीपदा, बैरकपुर, बीड, बेलापुर, बेतिया, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलासपुर, चामराजनगर, छाल, कोयंबटूर, दमोह, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाड, मालेगांव, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मैसूर, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचगांव, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, सासाराम, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, ठाणे, तुमडीह, उज्जैन, उल्हासनगर, विरार और यादगीर शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, बारबिल, बरेली, बठिंडा, बेगूसराय, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारवाड़, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गजरौला, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कानपुर, कटिहार, खन्ना, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोटा, लखनऊ, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पंपोर, पारादीप, परभणी, पटना, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट, रामनगर, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, सहरसा, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सिरसा, सोनीपत, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उदयपुर, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, वृंदावन और यमुना नगर आदि 133 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं