24 जुलाई 2026 को जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि देश में वायु प्रदूषण का संकट अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे और मध्यम शहर भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं।
रायबरेली और पंजाब का रूपनगर 260 एक्यूआई के साथ देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे, जबकि रायबरेली में महज 24 घंटे में प्रदूषण 74 से बढ़कर 260 तक पहुंच गया।
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर का पंपोर केवल 8 एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर दर्ज हुआ, यानी रायबरेली और रूपनगर की हवा उससे 32 गुना अधिक प्रदूषित रही।
राहत की बात यह रही कि 249 में से 141 शहरों (56.6 फीसदी) में हवा 'बेहतर' और 94 शहरों में 'संतोषजनक' श्रेणी में रही। हालांकि 14 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर पर दर्ज की गई, जहां पीएम2.5 और पीएम10 जैसे सूक्ष्म कण प्रमुख प्रदूषक बने रहे।
दिल्ली में प्रदूषण में मामूली सुधार दर्ज हुआ, जबकि फरीदाबाद की हवा फिर बिगड़कर मध्यम श्रेणी में पहुंच गई। आंकड़े बताते हैं कि देशभर में प्रदूषण का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और छोटे शहर भी अब गंभीर वायु प्रदूषण के नए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 24 जुलाई 2026 को देश में रायबरेली और रूपनगर सबसे प्रदूषित रहे। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 260 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल (23 जुलाई) को रायबरेली में एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 186 अंकों का भारी इजाफा हुआ है। वहीं कल सरकारी आंकड़ों में रूपनगर का जिक्र नहीं था।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि रायबरेली की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
रायबरेली में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 470 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में पंपोर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 8 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहरों रायबरेली-रूपनगर की तुलना पंपोर से करें तो वहां स्थिति 32 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में बांसवाड़ा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 241 दर्ज किया गया। आज सरकारी रुझानों में बांसवाड़ा में एक्यूआई 28 दर्ज किया गया। मतलब की 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 213 अंकों का भारी सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 70 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 70 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 3 अंकों का मामूली सुधार आया है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 23 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 88 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 101 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 13 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 24 जुलाई 2026 को 249 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 56.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 37.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 5.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा साफ है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 5.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों में 2.1 फीसदी की कमी आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 14.3 फीसदी की गिरावट देखी गई, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में नारनौल (177) दूसरे जबकि भागलपुर (173) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह अलवर (171) चौथे स्थान पर है। विशाखापत्तनम (145) – मंडी गोबिंदगढ़ (119) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
खोरा (118) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में सिलीगुड़ी (117), बर्नीहाट (मेघालय) (112) और अंगुल (108) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में पंजाब के दो शहर (रूपनगर, मंडी गोबिंदगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि रूपनगर, नारनौल, खोरा, बर्नीहाट (मेघालय) आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं रायबरेली, भागलपुर, विशाखापत्तनम, मंडी गोबिंदगढ़, अंगुल, सिवान, फरीदाबाद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 56.6 फीसदी यानी 141 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भोपाल, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्कमगलुरु, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दौसा, देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गडग, गांधीनगर, गंगटोक, गुंटूर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मैंगलोर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 94 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बहादुरगढ़, बठिंडा, बीड, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बीकानेर, ब्यासनगर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिसार, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, करनाल, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोलकाता, लुधियाना, मंडीखेड़ा, मानेसर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 12 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अलवर, अंगुल, भागलपुर, बर्नीहाट (मेघालय), धनबाद, फरीदाबाद, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, नारनौल, सिलीगुड़ी, सिवान, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं। वहीं रायबरेली (260) और रूपनगर (260) में स्थिति खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 249 में से 141 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 94 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 23 जुलाई को यह आंकड़ा 96 दर्ज किया गया था।
12 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज रायबरेली-रूपनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 260 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (23 जुलाई) रायबरेली में एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 186 अंकों का भारी इजाफा हुआ है। वहीं सरकारी आंकड़ों में कल रूपनगर का जिक्र नहीं था।
इससे पहले कल देश में बांसवाड़ा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 241 दर्ज किया गया। आज सरकारी रुझानों में बांसवाड़ा में एक्यूआई 28 दर्ज किया गया। मतलब की 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 213 अंकों का भारी सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 70 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 70 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 3 अंकों का मामूली सुधार आया है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 88 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 101 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 13 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 24 जुलाई को अलवर (171) चौथे स्थान पर है, वहीं नारनौल (177) दूसरे, जबकि भागलपुर (174) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 57, गाजियाबाद में 70, गुवाहाटी में 57, गुरूग्राम में 85, नोएडा में 62, ग्रेटर नोएडा में 95 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 38 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 49, चेन्नई में 77, चंडीगढ़ में 32, हैदराबाद में 47, जयपुर में 55 और पटना में 66 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 141 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदाबाद, आइजोल, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बरेली, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्कमगलुरु, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दौसा, देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गडग, गांधीनगर, गंगटोक, गुंटूर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मैंगलोर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, सागर, समस्तीपुर, सांगली, सतारा, सवाई माधोपुर, शिलांग, सीकर, सिलचर, सिंगरौली, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तुमडीह, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वाराणसी, वातवा, विजयपुरा, विरार, वृंदावन, यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, आरा, आसनसोल, बद्दी, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बठिंडा, बीड, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बीकानेर, ब्यासनगर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिसार, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, करनाल, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोलकाता, लुधियाना, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागांव, नलबाड़ी, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पलवल, पंचगांव, पानीपत, पटना, पुडुचेरी, पूर्णिया, राजगीर, राउरकेला, सासाराम, सतना, शामली, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, सुआकाती, तालचेर, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, टोंक, तुमकुरु, वडोदरा, विजयवाड़ा, यमुना नगर आदि 94 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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