देश के कई शहरों में वायु गुणवत्ता न केवल इंसानों बल्कि दूसरे जीवों के लिए भी सुरक्षित नहीं है; फोटो: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)  
वायु

प्रदूषण में उठापटक जारी: बिहार के बक्सर में 250 पर पहुंचा एक्यूआई, नंदेसरी-बेगूसराय में भी 200 से ऊपर सूचकांक

दूसरी तरफ देश में रायपुर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया।

Lalit Maurya

  • 01 अगस्त 2026 को देश में वायु प्रदूषण की तस्वीर एक बार फिर तेजी से बदलती नजर आई। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक बिहार का बक्सर 250 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां हवा में पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 1,550 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • नंदेसरी (220) और बेगूसराय (202) भी 'खराब' श्रेणी में रहे, जबकि कल तक सबसे प्रदूषित रहे भागलपुर में महज 24 घंटे के भीतर 165 अंकों का सुधार हुआ और एक्यूआई 201 से घटकर 36 पर पहुंच गया।

  • दूसरी ओर रायपुर 16 एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां की हवा बक्सर की तुलना में करीब 15 गुना बेहतर रही।

  • हालांकि दिल्ली (80) और फरीदाबाद (73) में प्रदूषण में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, फिर भी दोनों शहर 'संतोषजनक' श्रेणी में बने रहे।

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 249 शहरों के आंकड़ों से यह भी सामने आया कि 48.2 फीसदी शहरों में हवा साफ और 43.4 फीसदी में संतोषजनक रही, जबकि केवल 8.4 फीसदी शहरों में स्थिति चिंताजनक थी।

  • आंकड़े बताते हैं कि कुछ शहरों में प्रदूषण अभी भी गंभीर चुनौती बना हुआ है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में हवा अपेक्षाकृत साफ रहने से राहत की तस्वीर भी उभरकर सामने आई।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 01 अगस्त 2026 को देश में बक्सर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 250 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल (31 जुलाई) को सरकारी आंकड़ों में बक्सर का जिक्र नहीं था।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बक्सर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

बक्सर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,550 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में रायपुर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बक्सर की तुलना रायपुर से करें तो वहां स्थिति 15 गुणा खराब है।

गौरतलब है कि कल देश में भागलपुर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता का स्तर 201 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 165 अंकों के भारी सुधार के साथ भागलपुर में एक्यूआई घटकर 36 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सीधे खराब से साफ हो गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 77 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 80 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 3 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 31 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 65 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 73 पर पहुंच गया। हालांकि 8 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 01 अगस्त 2026 को 249 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 48.2 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 43.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 8.4 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा साफ है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 3.2 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में 8 फीसदी की वृद्धि देखी गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 18.2 फीसदी का कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में नंदेसरी (220) दूसरे जबकि बेगूसराय (202) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बर्नीहाट (मेघालय) (151) चौथे स्थान पर है। सोनीपत (133) – गुम्मिडीपूंडी (119) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

सिलीगुड़ी (119) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बीकानेर (115), मंडी गोबिंदगढ़ (112), और बरेली (111) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के दो शहर (बक्सर, बेगूसराय) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बक्सर, नंदेसरी, बेगूसराय, बर्नीहाट (मेघालय), बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं सोनीपत, गुम्मिडीपूंडी, बीकानेर, मंडी गोबिंदगढ़, ग्रेटर नोएडा, बाड़मेर, छाल, पानीपत, सिवान, विशाखापत्तनम आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 48.2 फीसदी यानी 120 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गांधीनगर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मेहसाणा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, रामनगर, रतलाम आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 108 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें चित्तूर, चूरू, कुड्डालोर, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडपा, काकीनाडा, कल्याण, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोलकाता, कुंजेमुरा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मुंबई, नागौर, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पटना, पूर्णिया, राजसमंद, रोहतक, सहरसा, सतना, शामली, सीकर, सिलचर, सिरोही, सिरसा, श्री गंगानगर आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 18 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें बद्दी, बरेली, बाड़मेर, बीकानेर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, छाल, धनबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, पानीपत, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं। वहीं बक्सर (250), नंदेसरी (220) और बेगूसराय (202) में स्थिति 'खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 249 में से 120 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 108 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 31 जुलाई को यह आंकड़ा 100 दर्ज किया गया था।

18 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बक्सर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 250 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (31 जुलाई) को सरकारी आंकड़ों में बक्सर का जिक्र नहीं था।

गौरतलब है कि कल देश में भागलपुर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता का स्तर 201 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 165 अंकों के भारी सुधार के साथ भागलपुर में एक्यूआई घटकर 36 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सीधे खराब से साफ हो गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 77 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 80 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 3 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 65 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 73 पर पहुंच गया। हालांकि 8 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 01 अगस्त को बर्नीहाट (मेघालय) (151) चौथे स्थान पर है, वहीं नंदेसरी (220) दूसरे, जबकि बेगूसराय (202) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 52, गाजियाबाद में 74, गुवाहाटी में 41, गुरूग्राम में 100, नोएडा में 72, ग्रेटर नोएडा में 111 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 58 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 64, चेन्नई में 76, चंडीगढ़ में 40, हैदराबाद में 45, जयपुर में 62 और पटना में 52 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 120 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अगरतला, अहमदाबाद, अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बीड, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, दमोह, देहरादून, धुले, डोंबिवली, डूंगरपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गांधीनगर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मेहसाणा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सांगली, सवाई माधोपुर, शिलांग, सिंगरौली, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, तालचेर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन, यादगीर शामिल हैं।

वहीं आगरा, अजमेर, अलवर, अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चूरू, कुड्डालोर, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडपा, काकीनाडा, कल्याण, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोलकाता, कुंजेमुरा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मुंबई, नागौर, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पटना, पूर्णिया, राजसमंद, रोहतक, सहरसा, सतना, शामली, सीकर, सिलचर, सिरोही, सिरसा, श्री गंगानगर, ठाणे, थूथुकुडी, तिरुपति, टोंक, तुमकुरु, तुमडीह, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, विजयवाड़ा, यमुना नगर आदि 108 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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