29 अक्टूबर 2026 को देश के 266 शहरों की हवा के विश्लेषण में प्रदूषण की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।
राजस्थान के भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक ही दिन में 49 अंक उछलकर 302 पर पहुंच गया, जिससे यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। यहां हवा में पीएम2.5 जैसे महीन कणों का दबदबा है, जो सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचकर स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वहीं, हरियाणा के पंचगांव में एक्यूआई 282 और बल्लभगढ़ में 274 दर्ज किया गया। देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर शामिल रहे, जो उत्तर भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 40.6 फीसदी यानी 108 शहरों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक रही। इनमें 19 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब और भिवाड़ी में बेहद खराब दर्ज की गई।
इसके विपरीत, 43 शहरों में हवा साफ रही, जबकि 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक थी। देश के सबसे साफ शहर आइजोल में एक्यूआई महज 16 रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली में प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर मिली और एक्यूआई 229 से घटकर 222 पर आ गया, लेकिन हवा अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। पीथमपुर में भी सुधार के बावजूद एक्यूआई 272 दर्ज किया गया।
ये आंकड़े बताते हैं कि कुछ शहरों में राहत के संकेतों के बीच प्रदूषण का संकट अब भी लाखों लोगों की सेहत और सांसों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 29 अक्टूबर 2026 को देश में भिवाड़ी सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 302 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (28 अक्टूबर) को भिवाड़ी में सूचकांक 253 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 49 अंकों का उछाल आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि भिवाड़ी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
भिवाड़ी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,900 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर भिवाड़ी की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 18.8 गुणा खराब है।
इससे पहले कल पीथमपुर में एक्यूआई 286 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 14 अंकों के सुधार के साथ पीथमपुर में सूचकांक घटकर 272 पर पहुंच गया। मतलब कि सुधार के बावजूद वहां वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 229 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 222 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 7 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 126 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 122 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 4 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 29 अक्टूबर 2026 को 266 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 16.2 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 43.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 40.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 43.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 16 फीसदी से अधिक की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है। वहीं आज 19 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई, जबकि कल इन शहरों की गिनती 23 रिकॉर्ड की गई थी।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पंचगांव (282) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (274) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह पीथमपुर (272) चौथे स्थान पर है। खैरथल (267) – फतेहपुर सीकरी (262) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
गोरखपुर (247) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बीकानेर (243), कैथल (243) और गुरुग्राम (240) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (पंचगांव, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि भिवाड़ी, पंचगांव, बल्लभगढ़, खैरथल, फतेहपुर सीकरी, गोरखपुर, कैथल, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, मानेसर, गजरौला, मथुरा, दिल्ली, नोएडा, बहादुरगढ़, हनुमानगढ़, जालंधर, बड़ौत, सवाई माधोपुर, मोतिहारी, अंबाला, अररिया, मेरठ, सिवान, खोरा, कोटा, यमुना नगर, मंडीखेड़ा, मालेगांव, रोहतक, आगरा, गुम्मिडीपूंडी, खन्ना, फतेहाबाद, मंडी गोबिंदगढ़, ग्वालियर, लुधियाना, गाजियाबाद, जींद, खुर्जा, मुजफ्फरनगर, मोदीनगर, बरेली, हापुड़, किउल, सोनीपत, चरखी दादरी, बठिंडा, धुले, अमृतसर, मुरादाबाद, अलवर, सागर और मुजफ्फरपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं पीथमपुर, बीकानेर, वृंदावन, ग्रेटर नोएडा, बर्नीहाट (मेघालय), श्री गंगानगर, झुंझुनू, टोंक, बुलंदशहर, नारनौल, चूरू, हिसार, सिरसा, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, नागौर, पाली, जैसलमेर, अहमदाबाद, जोधपुर, बद्दी, जालौर, बूंदी, वातवा, अंकलेश्वर, भीलवाड़ा, फरीदाबाद, राजकोट, बेलापुर, बारां, गांधीनगर, भिवंडी, लखनऊ, भिवानी, ठाणे, करौली, चेन्नई, उदयपुर, दौसा, देवास, झालावाड़, पटियाला, रायचूर, शामली, भावनगर और महाड आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 16.2 फीसदी यानी 43 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में अमरावती (महाराष्ट्र), आरा, औरंगाबाद (बिहार), बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बीड, बेतिया, भिलाई, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चंद्रपुर, छाल, चिक्कमगलुरु, दमोह, कलबुर्गी, करनाल, क्योंझर, कोप्पल, कोरबा, लातूर, मंगलौर, मिलुपारा, नागपुर, नयागढ़, ओंगोल, पंचकूला, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, ऋषिकेश आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बक्सर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कोयंबटूर, कटक, दरभंगा, दावणगेरे, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, डोंबिवली, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जलगांव, जलना, जमुई, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, कारवार, कटिहार, कटनी, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, मधुबनी, मदिकेरी, मैहर, मंडीदीप, मंगुराहा, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, मैसूरु, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पानीपत, पारादीप, परभणी, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 88 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अलवर, अंबाला, अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, बद्दी, बारां, बड़ौत, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, देवास, धुले, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हापुड़, हिसार, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, करौली, खन्ना, खोरा, खुर्जा, किउल, कोटा, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मेरठ, मोदीनगर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नारनौल, पाली, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, रायचूर, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, सागर, सवाई माधोपुर, शामली, सिरोही, सिरसा, सिवान, सोनीपत, श्री गंगानगर, सूरत, ठाणे, टोंक, उदयपुर, वातवा और यमुना नगर शामिल हैं।
इसी तरह बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बीकानेर, दिल्ली, धारूहेड़ा, फतेहपुर सीकरी, गजरौला, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, हनुमानगढ़, कैथल, खैरथल, मानेसर, मथुरा, नोएडा, पंचगांव, पीथमपुर और वृंदावन में स्थिति खराब, जबकि भिवाड़ी (302) में बेहद खराब दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 266 में से 43 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 115 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को यह आंकड़ा 107 दर्ज किया गया था।
88 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज भिवाड़ी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 302 दर्ज किया गया, जोकि ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (28 अक्टूबर) को भिवाड़ी में सूचकांक 253 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 49 अंकों का उछाल आया है।
इससे पहले कल पीथमपुर में एक्यूआई 286 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 14 अंकों के सुधार के साथ पीथमपुर में सूचकांक घटकर 272 पर पहुंच गया। मतलब कि सुधार के बावजूद वहां वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 229 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 222 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 7 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 126 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 122 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 4 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 29 अक्टूबर को पीथमपुर (272) चौथे स्थान पर है, वहीं पंचगांव (282) दूसरे, जबकि बल्लभगढ़ (274) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 149, गाजियाबाद में 147, गुवाहाटी में 87, गुरूग्राम में 240, नोएडा में 222, ग्रेटर नोएडा में 214 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 86 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 112, चेन्नई में 104, चंडीगढ़ में 61, हैदराबाद में 60, जयपुर में 127 और पटना में 75 दर्ज किया गया।
देश के जिन 43 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, अमरावती (महाराष्ट्र), आरा, औरंगाबाद (बिहार), बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बीड, बेतिया, भिलाई, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चंद्रपुर, छाल, चिक्कमगलुरु, दमोह, कलबुर्गी, करनाल, क्योंझर, कोप्पल, कोरबा, लातूर, मंगलौर, मिलुपारा, नागपुर, नयागढ़, ओंगोल, पंचकूला, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, ऋषिकेश, राउरकेला, सिलचर, सुआकाती, टेन्सा, थूथुकुडी, तुमडीह, विजयपुरा, विजयवाड़ा और यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अनंतपुर, अंगुल, अनपरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बोइसर, बक्सर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कोयंबटूर, कटक, दरभंगा, दावणगेरे, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, डोंबिवली, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जलगांव, जलना, जमुई, झांसी, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, कारवार, कटिहार, कटनी, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, मधुबनी, मदिकेरी, मैहर, मंडीदीप, मंगुराहा, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, मैसूरु, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पानीपत, पारादीप, परभणी, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, रायबरेली, रामनगर, रतलाम, रूपनगर, सहरसा, सांगली, सासाराम, सतारा, सतना, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, सीतामढ़ी, शिवसागर, सोलापुर, श्रीकाकुलम, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उडुपी, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वाराणसी और विरार आदि 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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