देश में प्रदूषण का दायरा बढ़ता दिख रहा है। 23 मार्च 2026 को बिहार का हाजीपुर 237 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां महज 24 घंटे में 150 अंकों की खतरनाक छलांग दर्ज हुई और पीएम2.5 का स्तर सुरक्षित सीमा से 1,450 फीसदी तक ऊपर पहुंच गया।
दूसरी ओर कोहिमा सबसे साफ शहर रहा, जिससे हाजीपुर की स्थिति करीब 10 गुना बदतर रही।
देशभर में सिर्फ 11.8 फीसदी शहरों में ही साफ हवा दर्ज की गई, जबकि करीब एक-तिहाई शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में हल्की राहत दिखी है, लेकिन कई औद्योगिक और शहरी केंद्रों में प्रदूषण के महीन कणों का दबदबा बना हुआ है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
विश्लेषण के मुताबिक 23 मार्च 2026 को देश में हाजीपुर सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल बिहार के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 87 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 150 अंकों का भारी उछाल आया है।
रुझानों में सामने आया है कि हाजीपुर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। हाजीपुर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,450 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कोहिमा की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 24 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर हाजीपुर की तुलना कोहिमा से करें तो वहां स्थिति 9.8 गुणा खराब है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 153 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 132 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 188 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 180 पर पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 23 मार्च 2026 को 229 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 11.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 32.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 35.7 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 5.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में भी कल से करीब 45.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। खराब हवा वाले शहरों में कल से 20 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में मंडीदीप (208) दूसरे जबकि नंदेसरी (208) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बल्लभगढ़ (205) चौथे स्थान पर है। अंगुल-ग्रेटर नोएडा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 191 और 190 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
महाड (186) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में वातवा (184), फरीदाबाद (180), गुरुग्राम (180) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (बल्लभगढ़, फरीदाबाद, गुरुग्राम) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि हाजीपुर, मंडीदीप, नंदेसरी, महाड, वातवा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मछलीपट्टनम, चरखी दादरी, समस्तीपुर, सोनीपत, गाजियाबाद, वडोदरा, कटनी, दिल्ली, धारूहेड़ा, अहमदाबाद, मानेसर, नवी मुंबई, नोएडा, सांगली, नारनौल, नासिक, पुणे, लखनऊ, रोहतक, बेगूसराय आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, ग्रेटर नोएडा, सिंगरौली, भिवाड़ी, टोंक, बद्दी, बुलंदशहर, बीकानेर, भावनगर, तालचेर, बेलापुर, बारबिल, ग्वालियर, जलगांव, आगरा, प्रतापगढ़, श्री गंगानगर, बूंदी, रायबरेली, सीकर, गांधीनगर, पाली, सहरसा, भीलवाड़ा, कोटा, देवास, दौसा, बदलापुर, मुजफ्फरनगर, नयागढ़, परभनी, कल्याण, कुरुक्षेत्र, नागांव, नांदेड़, चित्तौड़गढ़ आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 11.8 फीसदी यानी महज 27 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, चेन्नई, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, एलुरु, गुवाहाटी, कलबुर्गी, किशनगंज, कोहिमा, मदिकेरी, नाहरलागुन, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, शिवमोगा, सिवान, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 128 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, चंडीगढ़, छाल, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 70 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अंगुल, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बदलापुर, बारां, बारबिल, बेगूसराय, बेलापुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भोपाल, बीकानेर, बुलंदशहर, बूंदी, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग्वालियर, जलगांव, कल्याण, कटनी, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाड, मानेसर, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, नागांव, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नोएडा, पाली, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, रायबरेली, रोहतक, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सवाई माधोपुर, सीकर, सिंगरौली, सोनीपत, श्री गंगानगर, तालचेर, टोंक, वडोदरा, वातवा शामिल हैं।
इसी तरह बल्लभगढ़, हाजीपुर, मंडीदीप, नंदेसरी में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 229 में से महज 27 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 128 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 22 मार्च को यह आंकड़ा 135 दर्ज किया गया था।
70 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज हाजीपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 दर्ज किया गया। वहीं कल हाजीपुर में सूचकांक 87 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 150 अंकों का उछाल आया है।
इससे पहले कल देश में (22 मार्च) को अंगुल में वायु गुणवत्ता सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 292 दर्ज किया गया था। हालांकि आज वहां वायु गुणवत्ता में 101 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 153 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 132 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 188 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 180 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 23 मार्च को बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है, वहीं मंडीदीप (208) दूसरे, जबकि नंदेसरी तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 117, गाजियाबाद में 145, गुवाहाटी में 40, गुरूग्राम में 180, नोएडा में 124, ग्रेटर नोएडा में 190 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 95 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 106, चेन्नई में 36, चंडीगढ़ में 73, हैदराबाद में 83, जयपुर में 97 और पटना में 100 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 27 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अमरावती (आंधप्रदेश), अमृतसर, बागलकोट, बेतिया, भिलाई, चेन्नई, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, एलुरु, गुवाहाटी, कलबुर्गी, किशनगंज, कोहिमा, मदिकेरी, नाहरलागुन, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, शिवमोगा, सिवान, श्रीनगर, टेन्सा, थूथुकुडी, वाराणसी शामिल हैं।
वहीं अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, मरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागपत, बालासोर, बांसवाड़ा, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, चंडीगढ़, छाल, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर आदि 128 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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