विश्लेषण के मुताबिक 12 मार्च 2026 को देश में बल्लभगढ़ सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल बल्लभगढ़ में एक्यूआई 293 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 22 अंकों का इजाफा हुआ है।
रुझानों में सामने आया है कि बल्लभगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बल्लभगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 600 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कोहिमा की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 19 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बल्लभगढ़ की तुलना कोहिमा से करें तो वहां स्थिति 16.6 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में मंडीदीप की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 334 दर्ज किया गया। हालांकि आज 62 अंकों के सुधार के साथ सूचकांक 272 पर पहुंच गया है। लेकिन चिंता की बात है कि मंडीदीप में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब बनी हुई है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 244 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 213 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 31 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 250 फीसदी अधिक खराब है।
दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में इजाफा दर्ज किया गया है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 224 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 225 पर पहुंच गया। इसका मतलब कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 मार्च 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 3.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 33.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 62.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 40 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 15.3 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में भी कल से करीब पांच फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह खराब गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 22.2 फीसदी का सुधार आया है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (308) दूसरे जबकि गुरुग्राम (301) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा चौथे स्थान पर है। मंडीदीप-बिलीपाड़ा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 272 और 259 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
बहादुरगढ़ (241) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में सहरसा (235), मानेसर (234) और बुलंदशहर (232) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (बल्लभगढ़, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, मानेसर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि मंडीदीप, बहादुरगढ़, मानेसर, भिवाड़ी, बेलापुर, बर्नीहाट, जींद, बारबिल, यमुना नगर, हापुड़, मोतिहारी, पंचगांव, छपरा, दमोह, रोहतक, हाजीपुर, अगरतला, लखनऊ, नाहरलागुन, सूरत, आरा, समस्तीपुर, नारनौल, सांगली, मंगुराहा, गुम्मिडीपूंडी, धारूहेड़ा, वातवा, मुजफ्फरपुर, सोलापुर, गुवाहाटी, सोनीपत, सुआकाती, नलबाड़ी, अंकलेश्वर, अंबाला, बिहार शरीफ, रायबरेली, खन्ना, बक्सर, तालचेर, महाड, भिवानी, नागांव आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, बिलीपाड़ा, सहरसा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, फरीदाबाद, आगरा, नोएडा, सवाई माधोपुर, टोंक, सिरसा, सिंगरौली, बागपत, कुंजेमुरा, प्रतापगढ़, हनुमानगढ़, जयपुर, पटना, नयागढ़, सीकर, खुर्जा, श्री गंगानगर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), अंबरनाथ, हिसार, तुमडीह, भरतपुर, दौसा, पानीपत, कुरुक्षेत्र, कटनी, उज्जैन, अमरावती (आंध्रप्रदेश), गोरखपुर, नागौर, धनबाद, विशाखापत्तनम, कल्याण, मुजफ्फरनगर, अहमदनगर, झुंझुनू, पुणे, ठाणे, चित्तौड़गढ़, गया, राउरकेला, उल्हासनगर, नागपुर, कानपुर, पटियाला, अजमेर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 3.6 फीसदी यानी महज 9 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में आइजोल, बागलकोट, भिलाई, कोहिमा, मदिकेरी, पलवल, पंचकुला, पुदुचेरी, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 83 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें हुबली, हैदराबाद, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, लातूर, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मेहसाणा, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नासिक, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, सिवान, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, वडोदरा, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 131 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अंकलेश्वर, आरा, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारीपदा, बाड़मेर, बेगूसराय, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बीकानेर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दमोह, दौसा, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, धौलपुर, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिसार, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जलगांव, झालावाड़, झुंझुनू, कल्याण, कानपुर, करौली, कटनी, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पंचगांव, पानीपत, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायबरेली, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, समस्तीपुर, सांगली, शिलांग, सीकर, सिंगरौली, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, टोंक, तुमडीह, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वातवा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 21 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में आगरा, बहादुरगढ़, बारबिल, बेलापुर, भिवाड़ी, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बर्नीहाट, दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, जींद, मंडीदीप, मानेसर, मोतिहारी, नोएडा, सहरसा, सवाई माधोपुर, यमुना नगर शामिल हैं।
वहीं बल्लभगढ़, अंगुल, गुरुग्राम में स्थिति बेहद खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 247 में से महज 9 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 83 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 11 मार्च को यह आंकड़ा 72 दर्ज किया गया था।
131 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बल्लभगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 पर पहुंच गया। वहीं कल बल्लभगढ़ में एक्यूआई 293 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 22 अंकों का इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल मंडीदीप में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रिकॉर्ड की गई थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 334 तक पहुंच गया। वहीं आज मंडीदीप में एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। मतलब कि कल से सूचकांक में 62 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 244 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 213 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 31 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 250 फीसदी अधिक खराब है।
दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में मामूली इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 224 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 225 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी खराब बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 12 मार्च को ग्रेटर नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं अंगुल (308) दूसरे, जबकि गुरुग्राम (301) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 113, गाजियाबाद में 232, गुवाहाटी में 136, गुरूग्राम में 301, नोएडा में 214, ग्रेटर नोएडा में 276 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 97 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 166, चेन्नई में 156, चंडीगढ़ में 118, हैदराबाद में 79, जयपुर में 158 और पटना में 151 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 9 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, बागलकोट, भिलाई, कोहिमा, मदिकेरी, पलवल, पंचकुला, पुदुचेरी, श्रीनगर शामिल हैं।
वहीं अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आसनसोल, बालासोर, बरेली, बैरकपुर, बठिंडा, बेतिया, भागलपुर, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, चामराजनगर, चरखी दादरी, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गुंटूर, हल्दिया, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, लातूर, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मेहसाणा, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नासिक, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, सिवान, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, वडोदरा, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, यादगीर आदि 83 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
हवा का संकट: मंडीदीप में 334 पर पहुंचा एक्यूआई, कोहिमा सबसे साफ