देश की राजधानी दिल्ली में अपने बच्चे के साथ फुटपाथ पर आराम करती बेघर महिला; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

प्रदूषण में अव्वल बिहार का हाजीपुर, दिल्ली में दर्ज हुआ साल का तीसरा सबसे साफ दिन

07 अप्रैल 2026 को देश में बिहार का हाजीपुर सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 240 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 114 पर पहुंच गया

Lalit Maurya

  • देशभर में वायु गुणवत्ता के उतार-चढ़ाव के बीच 7 अप्रैल 2026 को हाजीपुर सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 240 तक पहुंच गया।

  • वहां पिछले 24 घंटों में 139 अंकों की खतरनाक बढ़ोतरी ने हालात बेहद गंभीर कर दिए और प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानकों से कई गुना ऊपर पहुंच गया।

  • इसके विपरीत दिल्ली ने राहत की सांस ली, जहां एक्यूआई घटकर 114 पर आ गया, जो इस साल का तीसरा सबसे साफ दिन है।

  • दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 177 दर्ज किया गया था, जो आज गिरकर 150 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

  • दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया।

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 07 अप्रैल 2026 को 255 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 17.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 62.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 20.4 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 07 अप्रैल 2026 को देश में हाजीपुर सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 240 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि इससे पहले 06 अप्रैल को बिहार के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 101 दर्ज किया गया था।

मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 139 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि हाजीपुर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। हाजीपुर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,500 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर हाजीपुर की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 15 गुणा खराब है।

बता दें कि इससे पहले कल देश में आंध्रप्रदेश के मछलीपट्टनम और मेघालय के बर्नीहाट की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 283 तक पहुंच गया। हालांकि आज मछलीपट्टनम में प्रदूषण के स्तर 228 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही सूचकांक 55 पर पहुंच गया। वहीं सरकारी आंकड़ों में आज बर्नीहाट का जिक्र नहीं है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 135 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 114 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंक का सुधार दर्ज किया गया है।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 20 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 93 पर पहुंच गया था। इसके बाद 01 अप्रैल को सूचकांक 113 दर्ज क्या गया। वहीं आज सूचकांक 114 रिकॉर्ड किया गया है। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 177 दर्ज किया गया था, जो आज गिरकर 150 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 07 अप्रैल 2026 को 255 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 17.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 62.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 20.4 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 22.2 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 19 फीसदी का उछाल आया है। दूसरी तरह खराब हवा वाले शहरों में कल से 66.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जोकि राहत की खबर है।     

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में सिंगरौली (228) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (197) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह श्री गंगानगर (191) चौथे स्थान पर है। अररिया-देवास में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 167 और 164 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

सोनीपत (157) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गुम्मिडीपूंडी (154), फरीदाबाद (150) और गाजियाबाद (149) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (बल्लभगढ़, सोनीपत, फरीदाबाद) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि हाजीपुर, बल्लभगढ़, अररिया, देवास, सोनीपत, गुम्मिडीपूंडी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पीथमपुर, वातवा, बर्नीहाट (असम), पटना, अगरतला, नलबाड़ी, दिल्ली, चिक्काबल्लापुर, जबलपुर, नंदेसरी, चरखी दादरी, कानपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं सिंगरौली, गाजियाबाद, अंगुल, दमोह, झालावाड़, प्रतापगढ़, बाड़मेर, मेरठ, हापुड़, नोएडा, बुलंदशहर, भिवाड़ी, बारां, सिलीगुड़ी, मंडीदीप, मंगुराहा, कोटा, बागपत, जलगांव, बिलीपाड़ा, पानीपत, अमरावती (आंध्रप्रदेश) आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 17.3 फीसदी यानी महज 44 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में देहरादून, एलुरु, गंगटोक, हल्दिया, हनुमानगढ़, हुबली, कैथल, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुंगेर, नागांव, नयागढ़, पंपोर, पंचकुला, पिंपरी-चिंचवाड़, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, सांगली आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 159 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें बरेली, बारीपदा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीदर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कटक, दौसा, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करौली, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मंगलौर, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 50 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में अगरतला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंगुल, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), बागपत, बल्लभगढ़, बारां, बाड़मेर, भिवाड़ी, भोपाल, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चिक्काबल्लापुर, दमोह, दिल्ली, देवास, धनबाद, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हापुड़, जबलपुर, जलगांव, झालावाड़, कानपुर, कटनी, कोटा, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मुजफ्फरपुर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नोएडा, पानीपत, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सिलीगुड़ी, सोनीपत, श्री गंगानगर, टोंक, वातवा आदि शामिल हैं।

इसी तरह हाजीपुर, सिंगरौली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 255 में से महज 44 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 159 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 06 अप्रैल को यह आंकड़ा 157 दर्ज किया गया था।

50 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज हाजीपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 240 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल हाजीपुर में सूचकांक 101 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 139 अंकों का उछाल आया है।

इससे पहले कल देश में आंध्रप्रदेश के मछलीपट्टनम और मेघालय के बर्नीहाट की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 283 तक पहुंच गया। हालांकि आज मछलीपट्टनम में प्रदूषण के स्तर 228 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही सूचकांक 55 पर पहुंच गया। वहीं सरकारी आंकड़ों में आज बर्नीहाट का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 135 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 114 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंक का सुधार दर्ज किया गया है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 177 दर्ज किया गया था, जो आज गिरकर 150 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 07 अप्रैल को श्री गंगानगर चौथे स्थान पर है, वहीं सिंगरौली (228) दूसरे, जबकि बल्लभगढ़ (197) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 90, गाजियाबाद में 149, गुवाहाटी में 79, गुरूग्राम में 147, नोएडा में 126, ग्रेटर नोएडा में 126 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 53 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 93, चेन्नई में 59, चंडीगढ़ में 62, हैदराबाद में 73, जयपुर में 86 और पटना में 131 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 44 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अंबरनाथ, बागलकोट, बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, बोइसर, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, देहरादून, एलुरु, गंगटोक, हल्दिया, हनुमानगढ़, हुबली, कैथल, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुंगेर, नागांव, नयागढ़, पंपोर, पंचकुला, पिंपरी-चिंचवाड़, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, सांगली, शिलांग, सिरसा, शिवसागर, श्रीनगर, टेन्सा, तिरुपति, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बरेली, बारीपदा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीदर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कटक, दौसा, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करौली, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मंगलौर, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंचगांव, परभणी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुदुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिरोही, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर आदि 159 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं