बढ़ते प्रदूषण में अपनी बच्ची की मास्क पहनने में मदद करती एक मां; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

24 घंटे में बदली धौलपुर की हवा: 52 से 248 पर पहुंचा एक्यूआई, आंकड़ों से नदारद रहा बिहार शरीफ

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया।

Lalit Maurya

  • महज 24 घंटों में धौलपुर की हवा ने ऐसा करवट ली कि उसका वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 52 से छलांग लगाकर 248 पर पहुंच गया और शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह स्तर 'खराब' श्रेणी में है, जबकि हवा में पीएम2.5 कणों का दबदबा बना हुआ है।

  • स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षित सीमा से करीब 1,550 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • इसके उलट मिजोरम की राजधानी आइजोल देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां एक्यूआई केवल 14 रिकॉर्ड किया गया। यानी धौलपुर की हवा आइजोल की तुलना में करीब 17.7 गुना अधिक प्रदूषित रही।

  • दिलचस्प बात यह भी है कि एक दिन पहले 387 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहे बिहार शरीफ का नाम इस बार सरकारी सूची से ही गायब रहा।

  • वहीं दिल्ली में 24 घंटे के दौरान एक्यूआई 76 से घटकर 64 हो गया, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज हुआ, जबकि फरीदाबाद में हल्की बढ़ोतरी के बावजूद हवा संतोषजनक श्रेणी में बनी रही।

  • कुल मिलाकर, 246 शहरों के आंकड़े बताते हैं कि देश के अधिकांश शहरों में हवा बेहतर या संतोषजनक है, लेकिन कुछ शहरों में प्रदूषण का अचानक बढ़ना गंभीर चेतावनी भी दे रहा है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 04 अगस्त 2026 को देश में धौलपुर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (03 अगस्त) सरकारी आंकड़ों में धौलपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 52 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 196 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।   

रुझानों में यह भी सामने आया है कि धौलपुर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

धौलपुर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,550 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर धौलपुर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 17.7 गुणा खराब है।

वहीं कल देश में बिहार शरीफ की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 387 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 76 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 64 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 12 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 03 अगस्त को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 75 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 88 पर पहुंच गया। हालांकि 13 अंको के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 अगस्त 2026 को 246 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 46.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 46.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 6.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 8.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में 14.8 फीसदी की कमी देखी गई। वहीं मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 14.3 फीसदी का वृद्धि हुई है, जोकि चिंता का विषय  है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पानीपत (146) दूसरे जबकि बिलाईपाड़ा (133) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह दौसा (131) चौथे स्थान पर है। सोनीपत (131) –गुम्मिडीपूंडी (127) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

वातवा (126) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में एलूर (125), मंडी गोबिंदगढ़ (123) और भागलपुर (118) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के दो शहर (धौलपुर और दौसा) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि धौलपुर, गुम्मिडीपूंडी, वातवा, पाली आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं पानीपत, बिलाईपाड़ा, दौसा, सोनीपत, मंडी गोबिंदगढ़, भागलपुर, सिवान, टोंक, पीथमपुर, गांधीनगर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 46.3 फीसदी यानी 114 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, हिसार, हैदराबाद, जालंधर, जलगांव, जींद, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, काशीपुर, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, मदुरै, मैहर, मालेगांव, मानेसर, मंगलौर, मथुरा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, परभणी, पटियाला, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, शिलांग, सिंगरौली, सोलापुर, श्रीनगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, बद्दी, बागलकोट, बारबिल, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, देहरादून, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, लखनऊ, लुधियाना आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 16 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें भागलपुर, बिलाईपाड़ा, दौसा, एलूर, गांधीनगर, गुम्मिडीपूंडी, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, पाली, पानीपत, पीथमपुर, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, टोंक, वातवा आदि शामिल हैं। वहीं धौलपुर (248) में स्थिति ‘खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 246 में से 114 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 115 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 03 अगस्त को यह आंकड़ा 135 दर्ज किया गया था।

16 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज धौलपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (03 अगस्त) सरकारी आंकड़ों में धौलपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 52 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 196 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।   

वहीं कल देश में बिहार शरीफ की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 387 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 76 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 64 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 12 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 75 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 88 पर पहुंच गया। हालांकि 13 अंको के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 04 अगस्त को दौसा (131) चौथे स्थान पर है, वहीं पानीपत (146) दूसरे, जबकि बिलाईपाड़ा (133) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 56, गाजियाबाद में 68, गुवाहाटी में 98, गुरूग्राम में 76, नोएडा में 61, ग्रेटर नोएडा में 100 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 49 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 51, चेन्नई में 72, चंडीगढ़ में 39, हैदराबाद में 49, जयपुर में 70 और पटना में 55 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 114 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बीड, बेगूसराय, भरतपुर, भिलाई, भिवानी, भुवनेश्वर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्काबल्लापुर, चूरू, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, डोंबिवली, फतेहपुर सिकरी, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिंगोली, हिसार, हैदराबाद, जालंधर, जलगांव, जींद, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, काशीपुर, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, मदुरै, मैहर, मालेगांव, मानेसर, मंगलौर, मथुरा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, परभणी, पटियाला, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, शिलांग, सिंगरौली, सोलापुर, श्रीनगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन, यादगीर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, बद्दी, बागलकोट, बारबिल, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, देहरादून, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाद, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, हसाणा, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पंचकुला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, राजकोट, राजसमंद, सासाराम, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सिलचर, सिरोही, सिरसा, सूरत, तालचेर, थूथुकुडी, तिरुपति, उदयपुर, उज्जैन, वडोदरा, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम आदि 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं