देश में वायु गुणवत्ता का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जहां एक ओर दिल्ली ने 2026 का सबसे साफ दिन दर्ज किया गया। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक 93 तक पहुंच गया।
वहीं सिंगरौली देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा। आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर शहरों में हालात ‘संतोषजनक’ हैं, लेकिन कई औद्योगिक और घनी आबादी वाले इलाकों में प्रदूषण अब भी खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।
मौसम में बदलाव के साथ ज्यादातर शहरों में आज सुधार दर्ज किया गया है। कोहिमा सबसे स्वच्छ हवा के साथ उम्मीद जगाता है, जबकि बिहार के कई शहर टॉप प्रदूषित सूची में बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, देश में हवा की गुणवत्ता में सुधार के संकेत तो हैं, लेकिन क्षेत्रीय असमानताएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 08 अप्रैल 2026 को देश में सिंगरौली सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 196 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि इससे पहले 07 अप्रैल को मध्य प्रदेश के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 228 दर्ज किया गया था।
मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 32 अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि सिंगरौली की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। सिंगरौली में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 300 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कोहिमा की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 18 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर सिंगरौली की तुलना कोहिमा से करें तो वहां स्थिति 10.8 गुणा खराब है।
बता दें कि इससे पहले कल देश में हाजीपुर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 240 तक पहुंच गया। हालांकि आज हाजीपुर में प्रदूषण के स्तर 87 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही सूचकांक 153 पर पहुंच गया।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 114 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 93 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंक का सुधार दर्ज किया गया है। बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 20 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 93 पर पहुंच गया था। लेकिन आज एक बार फिर एक्यूआई 93 दर्ज किया गया है।
इसके बाद 01 अप्रैल को सूचकांक 113 दर्ज क्या गया। वहीं आज सूचकांक 114 रिकॉर्ड किया गया है। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 दर्ज किया गया था, जो आज गिरकर 111 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 08 अप्रैल 2026 को 242 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 21.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 63.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 14.5 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 20.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 3.1 फीसदी की गिरावट आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 30 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में टोंक (168) दूसरे जबकि समस्तीपुर (157) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह हिसार (156) चौथे स्थान पर है। सोनीपत-हाजीपुर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 154 और 153 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
अररिया (146) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नंदेसरी (144), वातवा (144), बाड़मेर (135) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के तीन शहर (समस्तीपुर, हाजीपुर, अररिया) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि समस्तीपुर, सोनीपत, अररिया, नंदेसरी, वातवा, गुम्मिडीपूंडी, मुजफ्फरपुर, मंडीदीप, करनाल आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं सिंगरौली, हाजीपुर, बाड़मेर, पटना, मालेगांव, मंगुराहा, पीथमपुर, देवास, भोपाल, फरीदाबाद, कटनी, सिवान, चंद्रपुर, यादगीर, औरंगाबाद (बिहार), विशाखापत्तनम, सासाराम, अहमदाबाद, बेलापुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 21.9 फीसदी यानी महज 53 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीदर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलना, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कटिहार, क्योंझर, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 35 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अहमदाबाद, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), बारां, बाड़मेर, बेलापुर, भोपाल, चंद्रपुर, छाल, देवास, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हाजीपुर, हिसार, जयपुर, करनाल, कटनी, मालेगांव, मंडीदीप, मंगुराहा, मुजफ्फरपुर, नंदेसरी, पटना, पीथमपुर, समस्तीपुर, सासाराम, सिंगरौली, सिवान, सोनीपत, टोंक, वातवा, विशाखापत्तनम, यादगीर आदि शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 242 में से महज 53 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 154 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 07 अप्रैल को यह आंकड़ा 159 दर्ज किया गया था।
35 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज सिंगरौली में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल सिंगरौली में सूचकांक 228 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 32 अंकों का सुधार आया है।
इससे पहले कल देश में हाजीपुर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 240 तक पहुंच गया। हालांकि आज हाजीपुर में प्रदूषण के स्तर 87 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही सूचकांक 153 पर पहुंच गया।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 114 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 93 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 21 अंक का सुधार दर्ज किया गया है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 दर्ज किया गया था, जो आज गिरकर 111 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 08 अप्रैल को हिसार चौथे स्थान पर है, वहीं टोंक (168) दूसरे, जबकि समस्तीपुर (157) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 102, गाजियाबाद में 123, गुवाहाटी में 34, गुरूग्राम में 82, नोएडा में 75, ग्रेटर नोएडा में 90 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 63, चेन्नई में 55, चंडीगढ़ में 54, हैदराबाद में 76, जयपुर में 132 और पटना में 130 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 53 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अंबाला, अंबरनाथ, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बेगूसराय, बेतिया, भिलाई, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, धौलपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हल्दिया, जालंधर, झांसी, जींद, कानपुर, काशीपुर, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोप्पल, मदिकेरी, मानेसर, मीरा-भायंदर, मुंगेर, नागांव, नाहरलागुन, नयागढ़, पंपोर, पंचकुला, पटियाला, पुदुचेरी, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, शिलांग, सिरसा, श्रीनगर, टेन्सा, विजयपुरा, वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीदर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलना, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कटिहार, क्योंझर, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मंगलौर, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, नोएडा, पाली, पलवल, पंचगांव, पानीपत, परभनी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, सागर, सहरसा, सांगली, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमकुरु, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार आदि 154 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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