बढ़ते प्रदूषण से बिगड़े हालात, बीमार, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सांस लेना हुआ दुश्वार; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

बदली हवा: 274 एक्यूआई के साथ श्री गंगानगर सबसे प्रदूषित, दिल्ली में भी बढ़ा प्रदूषण

06 मई 2026 को 234 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 20.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है

Lalit Maurya

  • 06 मई 2026 को देशभर के 234 शहरों के लिए जारी आंकड़ों में वायु गुणवत्ता की तस्वीर उतार-चढ़ाव भरी रही, जहां 20.5 फीसदी शहरों में हवा साफ, जबकि 55.6 फीसदी में संतोषजनक रही।

  • वहीं दूसरी तरफ 23.9 फीसदी में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण में श्री गंगानगर 274 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक दिन में ही 36 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई और हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी रही। ओजोन प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव के कारण यहां स्थिति और गंभीर मानी जा रही है, जबकि इसकी तुलना में मदिकेरी 25 एक्यूआई के साथ देश का सबसे साफ शहर रहा।

  • मेहसाणा में पिछले दिन की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ और एक्यूआई 248 से घटकर 115 पर आ गया।

  • वहीं दिल्ली में प्रदूषण बढ़कर 121 और फरीदाबाद में 104 तक पहुंच गया, जिससे दोनों शहर ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गए। राजस्थान के कई शहर, अंगुल, पानीपत और सवाई माधोपुर शीर्ष प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। दूसरी ओर 48 शहरों में हवा ‘बेहतर’ और 130 शहरों में ‘संतोषजनक’ रही, जबकि 54 शहर मध्यम श्रेणी में दर्ज किए गए।

  • कुल मिलाकर, देश में हवा का पैटर्न असमान और लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 06 मई 2026 को देश में श्री गंगानगर सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल श्री गंगानगर में सूचकांक 238 दर्ज किया गया। मतलब की कल से वहां प्रदूषण में 36 अंकों का उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि श्री गंगानगर की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

श्री गंगानगर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 350 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 25 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर श्री गंगानगर की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 10.9 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में मेहसाणा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 248 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज वहां 133 अंकों के भारी सुधार के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 115 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में मेहसाणा में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 86 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 121 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 35 अंकों का इजाफा दर्ज किया गया।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 05 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 86 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 86 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 104 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वहां आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 06 मई 2026 को 234 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 20.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 23.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 7.7 फीसदी की कमी आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 68.8 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जोकि चिंता का विषय है। खराब हवा वाले शहरों की बात करें तो उनकी गिनती में कल से 33 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (254) दूसरे जबकि पानीपत (188) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सवाई माधोपुर चौथे स्थान पर है। ब्यासनगर-चुरू में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 179 और 178 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

भरतपुर (177) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मेरठ (173), बारां (170) और सहरसा (170) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर (श्री गंगानगर, सवाई माधोपुर, चुरू, भरतपुर, बारां) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि पानीपत, सहरसा, बर्नीहाट (असम), वातवा, नोएडा, गाजियाबाद, कडप्पा, तालचेर, अहमदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली, बल्लभगढ़, हाजीपुर, हनुमानगढ़, चरखी दादरी, फरीदाबाद आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं मेरठ, पीथमपुर, बाड़मेर, बर्नीहाट (मेघालय), ग्रेटर नोएडा, गांधीनगर, जैसलमेर, भोपाल, मेहसाणा, चंद्रपुर, सोनीपत, जोरापोखर, बुलंदशहर, राजकोट, कोटा, लुधियाना, जालोर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 20.5 फीसदी यानी 48 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बेलगाम, भागलपुर, भिलाई, बक्सर, चामराजनगर, चेन्नई, कोयंबटूर, कुड्डालोर, गंगटोक, गया, झांसी, कैथल, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मैहर, मुरादाबाद, मोतिहारी, नलबाड़ी, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, रूपनगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, बिहार शरीफ, बोइसर, चंडीगढ़, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कटक, दमोह, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जींद, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पंचगांव, पंचकुला, परभनी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, राजसमंद, रतलाम, राउरकेला, समस्तीपुर, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलीगुड़ी आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 54 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अहमदाबाद, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बल्लभगढ़, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, दिल्ली, धनबाद, फरीदाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, हाजीपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मेहसाणा, नोएडा, पानीपत, पीथमपुर, प्रतापगढ़, राजकोट, सागर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, सोनीपत, तालचेर, वडोदरा, वातवा आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में अंगुल, श्री गंगानगर में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 234 में से 48 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 130 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 05 मई को यह आंकड़ा 131 दर्ज किया गया था।

54 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज श्री गंगानगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 274 दर्ज किया गया। इससे पहले कल श्री गंगानगर में सूचकांक 238 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 36 अंकों का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही आज भी श्री गंगानगर में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है।

इससे पहले कल देश में मेहसाणा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 248 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज वहां 133 अंकों के भारी सुधार के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 115 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में मेहसाणा में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 86 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 121 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 35 अंकों का इजाफा दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 86 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 104 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वहां आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 06 मई को सवाई माधोपुर चौथे स्थान पर है, वहीं अंगुल (254) दूसरे, जबकि पानीपत (188) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 72, गाजियाबाद में 146, गुवाहाटी में 53, गुरूग्राम में 124, नोएडा में 149, ग्रेटर नोएडा में 131 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 80, चेन्नई में 50, चंडीगढ़ में 70, हैदराबाद में 74, जयपुर में 96 और पटना में 78 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 48 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबरनाथ, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बेलगाम, भागलपुर, भिलाई, बक्सर, चामराजनगर, चेन्नई, कोयंबटूर, कुड्डालोर, गंगटोक, गया, झांसी, कैथल, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुंजेमुरा, मदिकेरी, मैहर, मुरादाबाद, मोतिहारी, नलबाड़ी, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, रूपनगर, सांगली, शिलांग, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर, सुआकाती, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, वाराणसी, विजयपुरा, विरुधुनगर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बारबिल, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, बिहार शरीफ, बोइसर, चंडीगढ़, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कटक, दमोह, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जींद, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पंचगांव, पंचकुला, परभनी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, राजसमंद, रतलाम, राउरकेला, समस्तीपुर, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरोही, सिवान, सोलापुर, सूरत, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर आदि 130 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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