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वायु

देश में बदली हवा: 240 में से 48 फीसदी शहरों में वायु गुणवत्ता 'बेहतर', फतेहाबाद सबसे प्रदूषित

दिल्ली-फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 127 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 69 पर पहुंच गया।

Lalit Maurya

  • देश में 21 जुलाई 2026 को हवा की तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिला। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 240 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि करीब 48 फीसदी (115 शहरों) में वायु गुणवत्ता 'बेहतर' रही, जबकि 105 शहरों में हवा 'संतोषजनक' दर्ज की गई।

  • हालांकि राहत के इस माहौल के बीच हरियाणा का फतेहाबाद सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां एक्यूआई 176 दर्ज हुआ और हवा में पीएम10 कणों का दबदबा रहा। वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 290 फीसदी अधिक रहा।

  • दूसरी ओर आइजोल देश का सबसे साफ शहर रहा, जहां एक्यूआई महज 14 दर्ज किया गया।

  • राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में उल्लेखनीय सुधार हुआ और एक्यूआई 127 से घटकर 69 पर पहुंच गया, जबकि फरीदाबाद में भी 168 से गिरकर 110 हो गया।

  • विश्लेषण यह भी दिखाता है कि देश के अधिकांश शहरों में हवा पहले के मुकाबले साफ हुई है, लेकिन हरियाणा के चार शहरों का देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल होना चिंता बढ़ाता है। यह तस्वीर बताती है कि देश में वायु गुणवत्ता में सुधार के बावजूद प्रदूषण का संकट अब भी कुछ क्षेत्रों में गंभीर बना हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 21 जुलाई 2026 को देश में फतेहाबाद सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 176 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (20 जुलाई) को सरकारी आंकड़ों में फतेहाबाद का जिक्र नहीं था।   

रुझानों में यह भी सामने आया है कि फतेहाबाद की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

फतेहाबाद में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 290 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर फतेहाबाद की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 12.5 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में सासाराम की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 289 दर्ज किया गया। हालांकि आज सरकारी रुझानों में सासाराम से जुड़े आंकड़े साझा नहीं किए गए हैं।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 127 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 69 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां की वायु गुणवत्ता में 58 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है। 

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 20 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 168 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 110 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 58 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 21 जुलाई 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 47.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 43.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 8.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा साफ है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 49.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों में 14.6 फीसदी की गिरावट आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 33.3 फीसदी की कमी देखी गई, जोकि राहत की खबर है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में सोनीपत (171) दूसरे जबकि श्रीगंगानगर (139) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह मंडी गोबिंदगढ़ (135) चौथे स्थान पर है। बर्नीहाट (मेघालय) (134) – बल्लभगढ़ (130) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

तालचेर (128) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम (121), सिलीगुड़ी (116), बूंदी (113) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (फतेहाबाद, सोनीपत, बल्लभगढ़, गुरुग्राम) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (मेघालय), बल्लभगढ़, तालचेर, गुरुग्राम, नारनौल, जींद, फरीदाबाद, पाली आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं फतेहाबाद, सोनीपत, श्रीगंगानगर, मंडी गोबिंदगढ़, बूंदी, गुम्मिडीपूंडी, वातवा, छपरा, बद्दी आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 47.9 फीसदी यानी 115 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, देहरादून, डोंबिवली, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झांसी, झुंझुनू, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, कुंजमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मालेगांव, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, परभणी, पटियाला आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 105 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, चरखी दादरी, चेन्नई, चित्तूर, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलुरु, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, कोहिमा, कोल्लम, कोटा, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मैहर, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मोदीनगर, मोतिहारी, मैसूर, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नेल्लोर, नोएडा, पंपोर, पंचगांव, पटना, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजगीर, राजकोट, राजसमंद आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 20 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें बद्दी, बल्लभगढ़, बूंदी, बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, धनबाद, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, जींद, मंडी गोबिंदगढ़, नारनौल, पाली, सिलीगुड़ी, सोनीपत, श्रीगंगानगर, तालचेर, वडोदरा, वातवा आदि शामिल हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 240 में से 115 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 105 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 20 जुलाई को यह आंकड़ा 123 दर्ज किया गया था।

20 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज फतेहाबाद में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 176 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (20 जुलाई) को सरकारी आंकड़ों में फतेहाबाद का जिक्र नहीं था।   

इससे पहले कल देश में सासाराम की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 289 दर्ज किया गया। हालांकि आज सरकारी रुझानों में सासाराम से जुड़े आंकड़े साझा नहीं किए गए हैं।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 127 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 69 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां की वायु गुणवत्ता में 58 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।  

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 168 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 110 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 58 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 21 जुलाई को मंडी गोबिंदगढ़ (135) चौथे स्थान पर है, वहीं सोनीपत (171) दूसरे, जबकि श्रीगंगानगर (139) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 60, गाजियाबाद में 56, गुवाहाटी में 47, गुरूग्राम में 121, नोएडा में 66, ग्रेटर नोएडा में 73 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 42 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 40, चेन्नई में 82, चंडीगढ़ में 37, हैदराबाद में 46, जयपुर में 85 और पटना में 68 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 115 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बरेली, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बेलापुर, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, देहरादून, डोंबिवली, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झांसी, झुंझुनू, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, कुंजमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मालेगांव, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, सांगली, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिंगरौली, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, उज्जैन, उल्हासनगर, वाराणसी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन, यादगीर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, बठिंडा, बीड, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, चरखी दादरी, चेन्नई, चित्तूर, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलुरु, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, कोहिमा, कोल्लम, कोटा, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मैहर, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मोदीनगर, मोतिहारी, मैसूर, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नेल्लोर, नोएडा, पंपोर, पंचगांव, पटना, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, राउरकेला, सतना, सवाई माधोपुर, सिरोही, सिरसा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुपति, टोंक, तुमकुरु, उदयपुर, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि 105 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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