सांसों पर बढ़ता संकट देश के शहरों में प्रदूषण की बदलती तस्वीर सामने ला रहा है।
04 सितम्बर के सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ 242 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से करीब 1,500 फीसदी अधिक दर्ज किया गया, जबकि हवा में पीएम2.5 की भारी मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता पैदा करती है।
बिहार शरीफ की तुलना में सबसे साफ हवा वाले कारवार का एक्यूआई महज 12 रहा, यानी दोनों शहरों के बीच प्रदूषण का अंतर करीब 20 गुना रहा।
देश के 255 शहरों की तस्वीर देखें तो 93 शहरों में हवा साफ, 142 में संतोषजनक और 18 शहरों में मध्यम रही, जबकि बिहार शरीफ और पंचगांव क्रमशः 242 और 206 एक्यूआई के साथ ‘खराब’ श्रेणी में रहे।
प्रदूषण के शीर्ष 10 शहरों में हरियाणा के तीन शहर—पंचगांव, फरीदाबाद और पानीपत—शामिल हैं।
दिल्ली में मामूली राहत के साथ एक्यूआई 74 से घटकर 71 हुआ, लेकिन फरीदाबाद में यह 105 से बढ़कर 122 पहुंच गया।
आंकड़े बताते हैं कि हवा में प्रदूषण का उतार-चढ़ाव जारी है और साफ हवा की राहत अभी भी देश के हर शहर तक नहीं पहुंची है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 04 सितम्बर 2026 को देश में बिहार शरीफ सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 242 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (03 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं था।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बिहार शरीफ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बिहार शरीफ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,500 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कारवार की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बिहार शरीफ की तुलना कारवार से करें तो वहां स्थिति 20 गुणा खराब है।
कल देश में श्री गंगानगर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 138 तक पहुंच गया था। हालांकि आज में 19 अंकों के सुधार के साथ श्री गंगानगर में सूचकांक घटकर 119 पर आ गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 71 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 3 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-04 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 105 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 122 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 17 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बना हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 सितम्बर 2026 को 255 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 36.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 7.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 1.1 फीसदी की कमी आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 14.3 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पंचगांव (206) दूसरे जबकि कुड्डालोर (188) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सीकर (136) चौथे स्थान पर है। बद्दी – भागलपुर (135) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
गुम्मिडीपूंडी (131) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में फरीदाबाद (122), श्री गंगानगर (119) और पानीपत (115) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (पंचगांव, फरीदाबाद, पानीपत) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बिहार शरीफ, पंचगांव, भागलपुर, गुम्मिडीपूंडी, फरीदाबाद और सासाराम आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं कुड्डालोर, सीकर, बद्दी, श्रीगंगानगर, पानीपत, छपरा, चूरू, पाली, खैरथल, कैथल, विशाखापत्तनम, वातवा, अंबरनाथ और ग्रेटर नोएडा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 36.5 फीसदी यानी 93 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, दुर्गापुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हुबली, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मंडीदीप, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुंबई, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, पंचकुला, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, एलूर, एलुरु, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कल्याण, कानपुर, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़ आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 18 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबरनाथ, बद्दी, भागलपुर, छपरा, चूरू, कुड्डालोर, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, कैथल, खैरथल, पाली, पानीपत, सासाराम, सीकर, श्रीगंगानगर, वातवा और विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।
वहीं बिहार शरीफ (242) और पंचगांव (206) में स्थिति 'खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 255 में से 93 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 142 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 03 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 137 दर्ज किया गया था।
18 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बिहार शरीफ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 242 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (03 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में बिहार शरीफ का जिक्र नहीं था।
कल देश में श्री गंगानगर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 138 तक पहुंच गया था। हालांकि आज में 19 अंकों के सुधार के साथ श्री गंगानगर में सूचकांक घटकर 119 पर आ गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 71 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 3 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 105 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 122 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 17 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बना हुआ है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 04 सितम्बर को सीकर (136) चौथे स्थान पर है, वहीं पंचगांव (206) दूसरे, जबकि कुड्डालोर (188) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 66, गाजियाबाद में 72, गुवाहाटी में 55, गुरूग्राम में 94, नोएडा में 96, ग्रेटर नोएडा में 104 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 47 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 50, चेन्नई में 59, चंडीगढ़ में 33, हैदराबाद में 52, जयपुर में 66 और पटना में 73 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 93 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, बदलापुर, बालासोर, बारां, बरेली, बीड, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, दुर्गापुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हुबली, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, कारवार, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मंडीदीप, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुंबई, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, पंचकुला, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, शामली, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सोलापुर, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तुमडीह, उज्जैन, वापी, विजयपुरा, विरार और वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, एलूर, एलुरु, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कल्याण, कानपुर, करनाल, कटिहार, खन्ना, खोरा, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नारनौल, नवी मुंबई, नयागढ़, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, सिरसा, सिवान, सोनीपत, श्रीकाकुलम, श्रीनगर, सूरत, तालचेर, थूथुकुडी, त्रिशूर, टोंक, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा और यमुना नगर आदि 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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