प्रतीकात्मक तस्वीर 
वायु

प्रदूषित शहरों में पहले पायदान पर पहुंचे बीकानेर-सिरसा, आइजोल में सबसे साफ रही हवा

दिल्ली में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 147 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 154 पर पहुंच गया

Lalit Maurya

  • देश की हवा में 14 मई 2026 को बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राजस्थान का बीकानेर और हरियाणा का सिरसा देश के सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरे। इन दोनों शहरों में एक्यूआई 291 तक पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ 24 घंटे में बीकानेर में 117 और सिरसा में 113 अंकों का उछाल दर्ज हुआ, जिससे दोनों शहर सीधे ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गए।

  • इन शहरों की हवा में पीएम10 कणों का दबदबा है और प्रदूषण स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 500 फीसदी ज्यादा दर्ज हुआ।

  • दूसरी ओर, आइजोल सबसे साफ शहर रहा, जहां एक्यूआई सिर्फ 26 रहा। यानी बीकानेर की हवा आइजोल की तुलना में करीब 11 गुना ज्यादा प्रदूषित रही।

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 231 शहरों के आंकड़ों से यह भी सामने आया कि देश के सिर्फ 16.5 फीसदी शहरों में हवा साफ रही, जबकि एक-तिहाई से ज्यादा शहरों में हालात चिंताजनक थे।

  • सबसे गंभीर संकेत यह है कि सिर्फ एक दिन में ‘खराब’ हवा वाले शहरों की संख्या में 500 फीसदी का उछाल आया है। बद्दी, जैसलमेर, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहर भी शीर्ष प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। यह संकेत है कि गर्मी और धूल के बीच देश के कई हिस्सों में हवा तेजी से जहरीली होती जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया है कि 14 मई 2026 को बीकानेर और सिरसा देश के सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरे। दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 291 तक पहुंच गया, जो कई बड़े शहरों से भी खराब स्थिति को दिखाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही दिन में बीकानेर का एक्यूआई 174 से बढ़कर 291 हो गया, यानी इसमें 117 अंकों का तेज उछाल आया है। इसी तरह सिरसा में भी यह 178 से बढ़कर 291 पहुंचा, यानी 113 अंकों की बढ़ोतरी आई है। एक दिन पहले तक ‘मध्यम’ श्रेणी में रहने वाले ये दोनों शहर अब सीधे ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गए हैं, जिससे साफ है कि हवा की गुणवत्ता अचानक तेजी से बिगड़ी है और लोगों की सांसों पर खतरा बढ़ गया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बीकानेर-सिरसा की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

बीकानेर-सिरसा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 500 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 26 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बीकानेर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा खराब है।

वहीं कल मंडीदीप में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 210 दर्ज किया गया। वहीं आज सूचकांक घटकर 172 पर पहुंच गया है। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण में 38 अंकों का सुधार हुआ है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 147 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 154 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 7 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 05 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 86 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 162 पर पहुंच गया। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 मई 2026 को 231 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 16.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 49.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 34.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 13.6 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 2.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 15.2 फीसदी की कम आई है। वहीं खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 500 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जोकि चिंता का विषय है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बद्दी (290) दूसरे जबकि जैसलमेर (270) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह पंचगांव चौथे स्थान पर है। नोएडा-दमोह में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 242 और 227 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

गाजियाबाद (224) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में कटनी (222), अंगुल (215) और मेरठ (210) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के दो शहर (बीकानेर, जैसलमेर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि पंचगांव, गाजियाबाद, अंगुल, चरखी दादरी, बर्नीहाट (असम), मानेसर, मंडीदीप, फरीदाबाद, जींद, बहादुरगढ़, यमुना नगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, नारनौल, वातवा, अंबाला, गुम्मिडीपूंडी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बीकानेर, सिरसा, जैसलमेर, दमोह, कटनी, नागौर, सिंगरौली, बाड़मेर, ग्रेटर नोएडा, दौसा, सागर, पाली, जोधपुर, गुरुग्राम, आगरा, सिरोही, भिवाड़ी, रतलाम, बर्नीहाट (मेघालय), ग्वालियर, भोपाल, बुलंदशहर, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, जालोर, श्री गंगानगर, चंद्रपुर, पीथमपुर, प्रतापगढ़, कोटा, मेहसाणा, टोंक, चूरू, डूंगरपुर, धौलपुर, झुंझुनू, देवास, लखनऊ, जयपुर, वृंदावन, बल्लभगढ़, जलगांव, उदयपुर, गांधीनगर, अहमदाबाद, राजकोट, देहरादून, खुर्जा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 16.5 फीसदी यानी 38 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बक्सर, चामराजनगर, कोयंबटूर, फतेहाबाद, गडग, हल्दिया, कडप्पा, कोहिमा, मदिकेरी, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, नाहरलागुन, नयागढ़, नेल्लोर, पंपोर, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, सहरसा, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 114 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलाईपाड़ा, बोइसर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कुड्डालोर, कटक, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हापुड़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, झांसी, जोरापोखर, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सोलापुर, सुआकाती, ठाणे आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 67 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें आगरा, अहमदाबाद, अंबाला, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भिवाड़ी, भोपाल, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, देहरादून, दिल्ली, देवास, धनबाद, धौलपुर, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, जयपुर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, करनाल, खुर्जा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मानेसर, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, नारनौल, पाली, पीथमपुर, प्रतापगढ़, राजकोट, रतलाम, सागर, सवाई माधोपुर, सिंगरौली, सिरोही, श्री गंगानगर, टोंक, उदयपुर, वडोदरा, वातवा, वृंदावन, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में अंगुल, बद्दी, बीकानेर, दमोह, गाजियाबाद, जैसलमेर, कटनी, मेरठ, नागौर, नोएडा, पंचगांव, सिरसा में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 231 में से 38 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 114 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 मई को यह आंकड़ा 117 दर्ज किया गया था।

67 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बीकानेर-सिरसा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 291 दर्ज किया गया। इससे पहले कल बीकानेर में सूचकांक 174 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 117 अंकों का इजाफा हुआ है। इसी तरह सिरसा में कल एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था, मतलब की कल से वहां 113 अंकों की बढ़ोतरी हुई है।

इसके साथ ही आज इन दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।

वहीं कल मंडीदीप में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 210 दर्ज किया गया। वहीं आज सूचकांक घटकर 172 पर पहुंच गया है। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण में 38 अंकों का सुधार हुआ है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 147 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 154 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 7 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 162 पर पहुंच गया। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 मई को पंचगांव चौथे स्थान पर है, वहीं बद्दी (290) दूसरे, जबकि जैसलमेर (270) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 148, गाजियाबाद में 224, गुवाहाटी में 70, गुरूग्राम में 166, नोएडा में 242, ग्रेटर नोएडा में 190 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 56 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 116, चेन्नई में 57, चंडीगढ़ में 71, हैदराबाद में 82, जयपुर में 115 और पटना में 92 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 38 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अंबरनाथ, अररिया, आरा, बागलकोट, बरेली, बैरकपुर, भिलाई, बक्सर, चामराजनगर, कोयंबटूर, फतेहाबाद, गडग, हल्दिया, कडप्पा, कोहिमा, मदिकेरी, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, नाहरलागुन, नयागढ़, नेल्लोर, पंपोर, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, सहरसा, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, विरुधुनगर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बारीपाड़ा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलाईपाड़ा, बोइसर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कुड्डालोर, कटक, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हापुड़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, झांसी, जोरापोखर, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सोलापुर, सुआकाती, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमकुरु, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, यादगीर आदि 114 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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