29 जुलाई 2026 को देश में वायु गुणवत्ता में कुल मिलाकर सुधार का रुख दिखा, लेकिन राजस्थान का बांसवाड़ा सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 250 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार बांसवाड़ा का एक्यूआई 175 दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 3.5 गुना अधिक है।
राहत की बात यह है कि यहां पिछले 24 घंटों में एक्यूआई 230 से घटकर 175 पर आ गया, हालांकि पीएम10 प्रदूषण अब भी प्रमुख चिंता बना हुआ है। सबसे प्रदूषित 10 शहरों में राजस्थान के चार शहर—बांसवाड़ा, धौलपुर, पाली और जैसलमेर—का शामिल होना राज्य में बढ़ते धूलजनित प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है।
दूसरी ओर, आइजोल देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जबकि रायबरेली ने महज एक दिन में 500 से 49 एक्यूआई पर पहुंचकर सबसे बड़ा सुधार दर्ज किया। दिल्ली में एक्यूआई 66 से बढ़कर 96 हो गया, लेकिन हवा अब भी संतोषजनक श्रेणी में रही, जबकि फरीदाबाद में सुधार दर्ज हुआ।
देश के 90 फीसदी शहरों में हवा बेहतर या संतोषजनक रही, फिर भी मध्यम श्रेणी वाले शहरों की बढ़ती संख्या संकेत देती है कि प्रदूषण का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 29 जुलाई 2026 को देश में बांसवाड़ा सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 175 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल (28 जुलाई) को बांसवाड़ा में एक्यूआई 230 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 55 अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बांसवाड़ा की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बांसवाड़ा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 3.5 गुणा अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहरों बांसवाड़ा की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 12.5 गुणा खराब है।
बता दें कि कल देश में रायबरेली की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज आश्चर्यजनक रूप से रायबरेली में वायु गुणवत्ता 451 अंकों के भारी सुधार के साथ गिरकर 49 पर पहुंच गई। मतलब कि एक ही दिन में वहां वायु गुणवत्ता 'गंभीर' से सीधे 'बेहतर' हो गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 66 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 96 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 30 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 28 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 117 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 96 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 21 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 29 जुलाई 2026 को 250 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 45 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 44.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 10 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा साफ है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 1.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में भी 3.7 फीसदी की वृद्धि देखी गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में धौलपुर (173) दूसरे जबकि बठिंडा (167) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बेतिया चौथे स्थान पर है। पाली (153) – जैसलमेर (144) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मंगुराहा (141) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गुवाहाटी (125), फतेहाबाद (124) और टेन्सा (124) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के चार शहर (बांसवाड़ा, धौलपुर, पाली, जैसलमेर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि धौलपुर, बेतिया और गुरुग्राम आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं बांसवाड़ा, बठिंडा, पाली, जैसलमेर, मंगुराहा, गुवाहाटी, फतेहाबाद, गांधीनगर, बद्दी, गुम्मिडीपूंडी, मंडी गोबिंदगढ़, सिरोही, सूरत, सिवान, अंबरनाथ, जोधपुर, पीथमपुर, उदयपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 44.8 फीसदी यानी 112 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भरतपुर, भिलाई, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्कमगलुरु, चूरू, कुड्डालोर, दावणगेरे, देहरादून, डोंबिवली, दुर्गापुर, फतेहपुर सिकरी, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, गया, गुंटूर, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलना, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, महाद, मैहर आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 112 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलुरु, फरीदाबाद, गजरौला, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कारवार, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, नागांव, नागौर, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 26 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबरनाथ, बद्दी, बांसवाड़ा, बठिंडा, बेतिया, धनबाद, धौलपुर, फतेहाबाद, गांधीनगर, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, जैसलमेर, जोधपुर, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, मंगुराहा, नोएडा, पाली, पीथमपुर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिवान, सूरत, टेन्सा, उदयपुर आदि शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 250 में से 112 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 112 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 28 जुलाई को यह आंकड़ा 108 दर्ज किया गया था।
26 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बांसवाड़ा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 175 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (28 जुलाई) को बांसवाड़ा में एक्यूआई 230 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 55 अंकों का सुधार आया है।
बता दें कि कल देश में रायबरेली की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज आश्चर्यजनक रूप से रायबरेली में वायु गुणवत्ता 451 अंकों के भारी सुधार के साथ गिरकर 49 पर पहुंच गई। मतलब कि एक ही दिन में वहां वायु गुणवत्ता 'गंभीर' से सीधे 'बेहतर' हो गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 66 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 96 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 30 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 117 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 96 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 21 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 29 जुलाई को बेतिया (167) चौथे स्थान पर है, वहीं धौलपुर (173) दूसरे, जबकि बठिंडा तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 53, गाजियाबाद में 98, गुवाहाटी में 125, गुरूग्राम में 114, नोएडा में 107, ग्रेटर नोएडा में 94 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 62 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 59, चेन्नई में 84, चंडीगढ़ में 44, हैदराबाद में 49, जयपुर में 69 और पटना में 59 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 112 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अगरतला, अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अररिया, आसनसोल, बदलापुर, बालासोर, बल्लभगढ़, बारबिल, बरेली, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बीड, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्कमगलुरु, चूरू, कुड्डालोर, दावणगेरे, देहरादून, डोंबिवली, दुर्गापुर, फतेहपुर सिकरी, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, गया, गुंटूर, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलना, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, महाद, मैहर, मानेसर, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पिंपरी-चिंचवाड़, पुडुचेरी, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, सागर, समस्तीपुर, सांगली, सवाई माधोपुर, शामली, शिलांग, सिंगरौली, सोलापुर, श्रीकाकुलम, श्रीनगर, सुआकाती, तिरुमाला, टोंक, तुमडीह, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, यादगीर शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अंबाला, अनंतपुर, अंगुल, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बारां, बाड़मेर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भोपाल, बीकानेर, बोइसर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलुरु, फरीदाबाद, गजरौला, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कैथल, काकीनाडा, कल्याण, करनाल, कारवार, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, नागांव, नागौर, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, राजकोट, राजसमंद, राउरकेला, रूपनगर, सहरसा, सतारा, सतना, सीकर, सिलचर, सिरसा, श्री गंगानगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तुमकुरु, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यमुना नगर आदि 112 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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