देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 02 अप्रैल 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार अंगुल एक बार फिर देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 303 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
विश्लेषण से पता चला है कि अंगुल में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से करीब 400 फीसदी अधिक है।
वहीं दिल्ली और फरीदाबाद में भी पिछले 24 घंटों में प्रदूषण बढ़ा है। 249 शहरों के विश्लेषण में सामने आया है कि देश के केवल 14.9 फीसदी शहरों में ही हवा साफ है, जबकि 32.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
विश्लेषण के मुताबिक 02 अप्रैल 2026 को एक बार फिर देश में अंगुल सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल ओडिशा के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है।
रुझानों में सामने आया है कि अंगुल की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। अंगुल में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 400 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 18 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर अंगुल की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 16.8 गुणा खराब है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 113 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 194 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 81 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 133 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 178 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 02 अप्रैल 2026 को 249 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 14.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 52.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 32.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 48 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 25.3 फीसदी की गिरावट आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह खराब हवा वाले शहरों में कल से 250 फीसदी का उछाल आया है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में ग्रेटर नोएडा (282) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (227) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बिलीपाड़ा (216) चौथे स्थान पर है। गुरुग्राम-गाजियाबाद में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 215 और 212 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मानेसर (210) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में सिंगरौली (203), हाजीपुर (198) और दिल्ली (194) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (बल्लभगढ़, गुरुग्राम, मानेसर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुरुग्राम, मानेसर, हाजीपुर, दिल्ली, फरीदाबाद, चरखी दादरी, सोनीपत, मुजफ्फरनगर, अररिया, धनबाद, हापुड़, बर्नीहाट (असम), यमुना नगर, पंचगांव, मंडीदीप, मुजफ्फरपुर, गांधीनगर, भिवानी, धारूहेड़ा, कन्नूर, रोहतक, ग्वालियर, मंडी गोबिंदगढ़, नारनौल, बेगूसराय आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं ग्रेटर नोएडा, बल्लभगढ़, बिलीपाड़ा, गाजियाबाद, सिंगरौली, नोएडा, भिवाड़ी, नयागढ़, मेरठ, जोरापोखर, बद्दी, पटना, बुलंदशहर, नागौर, बीकानेर, बांसवाड़ा, पीथमपुर, हिसार, देवास, गुवाहाटी, मिलुपारा, मालेगांव, झुंझुनू, प्रतापगढ़, बारां, अगरतला, विशाखापत्तनम, कुरुक्षेत्र, अलवर, अंकलेश्वर, कुंजेमुरा, भावनगर, सीकर, करौली, सिरसा, वातवा, कोरबा, बागपत, चित्तौड़गढ़, दौसा, राउरकेला, आगरा, भिवंडी, पाली, झालावाड़, खुर्जा, वडोदरा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 14.9 फीसदी यानी महज 37 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, डिंडीगुल, एलुरु, गंगटोक, गुंटूर, हुबली, कोप्पल, मदिकेरी, मैहर, मंगलौर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें बठिंडा, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भीलवाड़ा, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, हल्दिया, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झांसी, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कानपुर, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 74 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, आगरा, अलवर, अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बेगूसराय, भरतपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भिवंडी, भिवानी, बीकानेर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गांधीनगर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कन्नूर, करौली, खुर्जा, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मेरठ, मिलुपारा, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नारनौल, नयागढ़, नोएडा, पाली, पंचगांव, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, रोहतक, राउरकेला, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, टोंक, वडोदरा, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर शामिल हैं।
इसी तरह बल्लभगढ़, बिलीपाड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, मानेसर, सिंगरौली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’, जबकि अंगुल (303) में बेहद खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 249 में से महज 37 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 130 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 01 अप्रैल को यह आंकड़ा 174 दर्ज किया गया था।
74 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज अंगुल में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल से अंगुल की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति पहले जैसी ही है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 113 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 194 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 81 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 133 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 178 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 02 अप्रैल को बिलीपाड़ा चौथे स्थान पर है, वहीं ग्रेटर नोएडा (282) दूसरे, जबकि बल्लभगढ़ (227) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 108, गाजियाबाद में 212, गुवाहाटी में 118, गुरूग्राम में 215, नोएडा में 183, ग्रेटर नोएडा में 282 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 59 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 96, चेन्नई में 47, चंडीगढ़ में 65, हैदराबाद में 75, जयपुर में 140 और पटना में 138 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 37 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अंबरनाथ, बगलकोट, बेतिया, भिलाई, बीदर, बक्सर, चामराजनगर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, डिंडीगुल, एलुरु, गंगटोक, गुंटूर, हुबली, कोप्पल, मदिकेरी, मैहर, मंगलौर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवसागर, श्रीनगर, टेन्सा, थूथुकुडी, तिरुमाला, तिरुपति, विजयपुरा शामिल हैं।
वहीं अहमदाबाद, अहमदनगर, आइजोल, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बरेली, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भीलवाड़ा, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, हल्दिया, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झांसी, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कानपुर, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, सागर, सहरसा, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन, यादगीर आदि 130 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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