हवा में घुले जहर से बचाने के लिए अपने बच्चे को मास्क पहनने में मदद करती मां; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

सांसों पर जहरीला पहरा: पंचगांव में हवा बनी जहर, बढ़कर 267 पर पहुंचा एक्यूआई

दिल्ली-फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 136 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 176 पर पहुंच गया।

Lalit Maurya

  • देश में वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गया है। 16 जुलाई 2026 को पंचगांव देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 267 दर्ज किया गया। महज 24 घंटों में यहां प्रदूषण 111 अंक बढ़ गया, जबकि हवा में मौजूद पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 1,650 फीसदी अधिक रहा।

  • इसका मतलब है कि यहां की हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से जूझ रहे लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन चुकी है।

  • दूसरी ओर, आइजोल सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां एक्यूआई केवल 15 दर्ज किया गया।

  • दिल्ली और फरीदाबाद में भी प्रदूषण बढ़ा है। दिल्ली का एक्यूआई 136 से बढ़कर 176 और फरीदाबाद का 130 से बढ़कर 153 पहुंच गया।

  • विश्लेषण से यह भी सामने आया कि देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के आठ शहर शामिल हैं, जो क्षेत्रीय प्रदूषण संकट की गंभीरता को उजागर करता है। हालांकि देश के अधिकांश शहरों में हवा अभी भी संतोषजनक श्रेणी में है, लेकिन खराब श्रेणी वाले शहरों की संख्या में एक दिन में 900 फीसदी की छलांग इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदूषण का खतरा तेजी से गहराता जा रहा है और तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 16 जुलाई 2026 को देश में पंचगांव सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 267 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (15 जुलाई) को पंचगांव में सूचकांक 156 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 111 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि पंचगांव की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

पंचगांव में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,650 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 15 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर पंचगांव की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 17.8 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में रूपनगर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 203 दर्ज किया गया। हालांकि आज 69 अंकों के भारी सुधार के साथ सूचकांक 134 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गई है।  

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 136 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 176 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 40 अंकों का उछाल आया है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।  

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 15 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में उछाल आया है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 130 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 153 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 23 अंकों की बढ़ोतरी के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 16 जुलाई 2026 को 246 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 20 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 54.5 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 25.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों में 1.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 14.5 फीसदी की कमी देखी गई। दूसरी तरफ खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 900 फीसदी का उछाल आया है, जोकि चिंता का विषय है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पानीपत (253) दूसरे जबकि ग्रेटर नोएडा (249) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह चरखी दादरी (248) चौथे स्थान पर है। सोनीपत (235)– जींद (232) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

खोरा (209) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बल्लभगढ़ (208), गुरुग्राम (208) और बहादुरगढ़ (202) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के आठ शहर (पंचगांव, पानीपत, चरखी दादरी, सोनीपत, जींद, बल्लभगढ़, गुरुग्राम और बहादुरगढ़) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि पंचगांव, चरखी दादरी, सोनीपत, जींद, खोरा, बल्लभगढ़, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, मेरठ, करनाल, मानेसर, पाली, फरीदाबाद, अलवर, जयपुर, रूपनगर, यमुना नगर, रोहतक, धारूहेड़ा, बर्नीहाट (मेघालय), नारनौल, अनंतपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं पानीपत, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा, अमरावती (आंध्रप्रदेश), मुजफ्फरनगर, बद्दी, चूरू, विशाखापत्तनम, कुरुक्षेत्र, हिसार, फतेहाबाद, मंडी गोबिंदगढ़, बीकानेर, टोंक, झुंझुनू, अंबाला, रायबरेली, दौसा, गुम्मिडीपूंडी, भिवाड़ी, कटनी, मथुरा, बागपत, जैसलमेर, सवाई माधोपुर, लुधियाना, छपरा, अजमेर, पटियाला, अमृतसर, जोरापोखर, सिरसा, आगरा, मंडीदीप, चेन्नई आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 20 फीसदी यानी 49 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में ब्यासनगर, चामराजनगर, छाल, कोयंबटूर, कुड्डालोर, डोंबिवली, एलुरु, गडग, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, जलना, कलबुर्गी, क्योंझर, किशनगंज, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, लातूर, मदिकेरी, मैहर, मिलुपारा, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, रायरंगपुर, राजगीर, रतलाम, ऋषिकेश, समस्तीपुर, शिवमोगा, शिवसागर, सोलापुर, ठाणे, तुमडीह आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बूंदी, बक्सर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, दमोह, देहरादून, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जालौर, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कल्याण, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नेल्लोर, पलवल, पंपोर, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 53 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें आगरा, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमृतसर, अनंतपुर, बद्दी, बागपत, भिवाड़ी, बिहार शरीफ, बीकानेर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (मेघालय), चेन्नई, छपरा, चूरू, दौसा, दिल्ली, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, हाजीपुर, हिसार, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोरापोखर, करनाल, कटनी, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, नारनौल, नोएडा, पाली, पटियाला, रायबरेली, रोहतक, रूपनगर, सवाई माधोपुर, सिलीगुड़ी, सिरसा, टोंक, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, चरखी दादरी, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, जींद, खोरा, पंचगांव, पानीपत, सोनीपत में स्थिति खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 246 में से 49 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 134 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 15 जुलाई को यह आंकड़ा 136 दर्ज किया गया था।

53 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज पंचगांव में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 267 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (15 जुलाई) को पंचगांव में सूचकांक 156 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 111 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

इससे पहले कल देश में रूपनगर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 203 दर्ज किया गया। हालांकि आज 69 अंकों के भारी सुधार के साथ सूचकांक 134 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गई है।   

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 136 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 176 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 40 अंकों का उछाल आया है। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।  

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में उछाल आया है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 130 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 153 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 23 अंकों की बढ़ोतरी के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 16 जुलाई को चरखी दादरी (248) चौथे स्थान पर है, वहीं पानीपत (253) दूसरे, जबकि ग्रेटर नोएडा (249) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 76, गाजियाबाद में 183, गुवाहाटी में 80, गुरूग्राम में 208, नोएडा में 172, ग्रेटर नोएडा में 249 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 54 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 70, चेन्नई में 102, चंडीगढ़ में 56, हैदराबाद में 54, जयपुर में 144 और पटना में 67 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 49 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अररिया, बदलापुर, बालासोर, बारीपदा, बैरकपुर, भागलपुर, भिलाई, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, चामराजनगर, छाल, कोयंबटूर, कुड्डालोर, डोंबिवली, एलुरु, गडग, हल्दिया, हिंगोली, हावड़ा, जलना, कलबुर्गी, क्योंझर, किशनगंज, कोलकाता, कोप्पल, कोरबा, लातूर, मदिकेरी, मैहर, मिलुपारा, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, रायरंगपुर, राजगीर, रतलाम, ऋषिकेश, समस्तीपुर, शिवमोगा, शिवसागर, सोलापुर, ठाणे, तुमडीह, उल्हासनगर, विजयपुरा, यादगीर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, अहमदाबाद, अकोला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अंगुल, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागलकोट, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बूंदी, बक्सर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, दमोह, देहरादून, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जालौर, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कल्याण, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नेल्लोर, पलवल, पंपोर, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, राउरकेला, सागर, सांगली, सतना, सिलचर, सिंगरौली, श्री गंगानगर, श्रीनगर, सुआकाती, सूरत, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उदयपुर, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, वातवा, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन आदि 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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