बढ़ते प्रदूषण के साथ हवा में घुला जहर लोगों को बहुत ज्यादा बीमार बना रहा है, बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

हवा का हाल: रूपनगर बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, टॉप-10 में हरियाणा के पांच शहर शामिल

20 जून 2026 को देश में रूपनगर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 265 दर्ज किया गया

Lalit Maurya

  • 20 जून 2026 को जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के विश्लेषण में बड़ा बदलाव सामने आया है।

  • पंजाब का रूपनगर 265 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। सबसे चिंता की बात यह है कि रूपनगर की हवा में पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षित सीमा से 1,650 फीसदी अधिक दर्ज किया गया, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का संकेत है।

  • प्रदूषण की शीर्ष-10 सूची में हरियाणा के पांच शहर—सोनीपत, बल्लभगढ़, बहादुरगढ़, गुरुग्राम और पंचगांव—का शामिल होना क्षेत्रीय प्रदूषण की गंभीरता को उजागर करता है।

  • हालांकि पंचगांव, दिल्ली और फरीदाबाद में पिछले 24 घंटों के दौरान वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, अंबरनाथ 22 एक्यूआई के साथ देश का सबसे साफ शहर रहा।

  • 248 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि 44 शहरों (17.7 फीसदी) में हवा साफ, 152 शहरों (61.3 फीसदी) में संतोषजनक और 52 शहरों (करीब 21 फीसदी) में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में रही।

  • रिपोर्ट यह भी बताती है कि कई शहरों में पीएम2.5 और पीएम10 प्रदूषण प्रमुख चुनौती बने हुए हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 20 जून 2026 को देश में रूपनगर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 265 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि कल सरकारी आंकड़ों में रूपनगर का जिक्र नहीं था।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि रूपनगर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। रूपनगर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,650 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में अंबरनाथ की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 22 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर रूपनगर की तुलना अंबरनाथ से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।

बता दें कि इससे पहले कल पंचगांव में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 209 तक पहुंच गया था। वहीं आज 42 अंकों के सुधार के साथ पंचगांव में सूचकांक 167 पर पहुंच गया है। मतलब की सुधार के साथ आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।    

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 142 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 132 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 10 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 107 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 6 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 20 जून 2026 को 248 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 17.7 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 61.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 21 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। दूसरी तरफ खराब हवा वाले शहरों की संख्या में कल से करीब 200 फीसदी का बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में सोनीपत (221) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (202) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बुलंदशहर (199) चौथे स्थान पर है। मेरठ (184) – बहादुरगढ़ (173) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

गुरुग्राम (171) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेटर नोएडा (170), पंचगांव (167) और गाजियाबाद (165) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (सोनीपत, बल्लभगढ़, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, पंचगांव) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि रूपनगर, सोनीपत, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, पंचगांव, गाजियाबाद, यमुना नगर, करनाल, भिवानी, काशीपुर, पंचकुला, मानेसर, चरखी दादरी, किशनगंज, गुम्मिडीपूंडी, जींद, लखनऊ आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बल्लभगढ़, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा, मुजफ्फरनगर, बागपत, बद्दी, हापुड़, धनबाद, पानीपत, नोएडा, अंगुल, अंबाला, दिल्ली, पलवल, बीकानेर, कुरुक्षेत्र, चूरू, पाली, वातवा, भिवाड़ी, सीकर, विशाखापत्तनम, छपरा, फरीदाबाद, मुरादाबाद, खुर्जा, जैसलमेर, उदयपुर, दौसा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 17.7 फीसदी यानी 44 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, बूंदी, चामराजनगर, छाल, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, एलुरु, गडग, गंगटोक, हल्दिया, जलगांव, झांसी, कलबुर्गी, कल्याण, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मंगलौर, मुंबई, मुंगेर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, परभणी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, राजमहेंद्रवरम, सांगली, शिवमोगा, सिलचर, श्रीनगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 152 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, दमोह, देहरादून, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पटियाला, पटना आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 49 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अंबाला, अंगुल, बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बाड़मेर, भिवाड़ी, भिवानी, बीकानेर, बुलंदशहर, बक्सर, चरखी दादरी, छपरा, चूरू, दौसा, दिल्ली, धनबाद, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हापुड़, जैसलमेर, जींद, करनाल, काशीपुर, खुर्जा, किशनगंज, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मानेसर, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नोएडा, पाली, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, पानीपत, सीकर, सिवान, तालचेर, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह रूपनगर (265), सोनीपत (221) और बल्लभगढ़ (202) में स्थिति खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 248 में से 44 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 152 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 19 जून को यह आंकड़ा 154 दर्ज किया गया था।

49 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज रूपनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 265 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। हालांकि कल सरकारी आंकड़ों में रूपनगर का जिक्र नहीं था।

इससे पहले कल पंचगांव में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 209 तक पहुंच गया था। वहीं आज 42 अंकों के सुधार के साथ पंचगांव में सूचकांक 167 पर पहुंच गया है। मतलब की सुधार के साथ आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।                

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 142 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 132 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 10 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 107 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 6 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 20 जून को बुलंदशहर (199) चौथे स्थान पर है, वहीं सोनीपत (221) दूसरे, जबकि बल्लभगढ़ (202) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 74, गाजियाबाद में 165, गुवाहाटी में 74, गुरूग्राम में 171, नोएडा में 139, ग्रेटर नोएडा में 170 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 49 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 105, चेन्नई में 66, चंडीगढ़ में 76, हैदराबाद में 62, जयपुर में 88 और पटना में 88 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 44 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अंबरनाथ, अंकलेश्वर, आसनसोल, बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, बूंदी, चामराजनगर, छाल, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, एलुरु, गडग, गंगटोक, हल्दिया, जलगांव, झांसी, कलबुर्गी, कल्याण, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मंगलौर, मुंबई, मुंगेर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, परभणी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, राजमहेंद्रवरम, सांगली, शिवमोगा, सिलचर, श्रीनगर, सूरत, उल्हासनगर, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बरेली, बारीपाड़ा, बठिंडा, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, दमोह, देहरादून, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मथुरा, मेहसाणा, मिलुपारा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सतना, सवाई माधोपुर, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सोलापुर, श्री गंगानगर, सुआकाती, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, तुमकुरु, तुमडीह, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन, यादगीर आदि 152 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं