प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक 
वायु

एयर क्वालिटी रिपोर्ट: प्रदूषण का हॉटस्पॉट बनता राजस्थान, जैसलमेर में बढ़कर 253 पर पहुंचा एक्यूआई

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया।

Lalit Maurya

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राजस्थान तेजी से देश का नया प्रदूषण हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है।

  • जैसलमेर में महज 24 घंटे के भीतर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 119 से बढ़कर 253 पहुंच गया, जिससे यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। जैसलमेर की हवा में पीएम10 कणों का दबदबा है और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 460 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।

  • चिंता की बात यह भी है कि देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर—जैसलमेर, बाड़मेर, दौसा, बीकानेर और चुरू—शामिल हैं।

  • इसके उलट आइजोल 14 के एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां की हवा जैसलमेर की तुलना में लगभग 18 गुणा बेहतर दर्ज की गई।

  • हालांकि 238 शहरों के सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के अधिकांश शहरों में हवा अभी भी संतोषजनक या बेहतर श्रेणी में है, लेकिन राजस्थान में तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता और पीएम10 आधारित प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव ने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 10 जुलाई 2026 को देश में जैसलमेर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 253 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (09 जुलाई) को जैसलमेर में सूचकांक 119 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 134 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि जैसलमेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

जैसलमेर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 460 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर जैसलमेर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 18 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में आरा की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 251 दर्ज किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में आरा का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 48 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 65 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 17 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।  

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 108 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 97 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 11 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से संतोषजनक हो गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 10 जुलाई 2026 को 238 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 25.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 63 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 11.4 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में करीब 23.8 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 8.7 फीसदी का उछाल देखा गया। वहीं दूसरी तरफ खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बल्लभगढ़ (213) दूसरे जबकि बाड़मेर (179) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह दौसा (167) चौथे स्थान पर है। बीकानेर (161)– अनंतपुर (152) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

नारनौल (157) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में रायबरेली (152), गुवाहाटी (130), और चुरू (129) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर (जैसलमेर, बाड़मेर, दौसा, बीकानेर, चुरू) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि अनंतपुर, नारनौल, गुम्मिडीपूंडी, मानेसर, उदयपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं जैसलमेर, बल्लभगढ़, बाड़मेर, दौसा, बीकानेर, रायबरेली, गुवाहाटी, चुरू, टोंक, भीलवाड़ा, जोरापोखर, सीकर, बांसवाड़ा, पाली, छपरा, जयपुर, वातवा, मंडी गोबिंदगढ़, भागलपुर, अजमेर, सवाई माधोपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 25.6 फीसदी यानी 61 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, देहरादून, डिंडीगुल, डोंबिवली, गडग, गंगटोक, गया, ग्रेटर नोएडा, हल्दिया, हापुड़, कलबुर्गी, करनाल, कारवार, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोप्पल, कुरनूल, लातूर, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, नाहरलागुन, पंचकुला, पटियाला, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, सांगली, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 150 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें चित्तौड़गढ़, कटक, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालौर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, खैरथल, खन्ना, किशनगंज, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाड, मैहर, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मेहसाणा, मुंबई, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंचगांव, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, सतना, शिवमोगा, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीगंगानगर, सूरत, तालचेर, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 25 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अजमेर, अनंतपुर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भागलपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, छपरा, चुरू, दौसा, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, जयपुर, जोरापोखर, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, नारनौल, पाली, रायबरेली, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, टोंक, उदयपुर, वातवा आदि शामिल हैं।

इसी तरह जैसलमेर (253), बल्लभगढ़ (213) में स्थिति खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 238 में से 61 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 150 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 09 जुलाई को यह आंकड़ा 136 दर्ज किया गया था।

25 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज जैसलमेर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 253 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (09 जुलाई) को जैसलमेर में सूचकांक 119 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 134 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

इससे पहले कल देश में आरा की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 251 दर्ज किया गया था। हालांकि आज सरकारी आंकड़ों में आरा का जिक्र नहीं है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 48 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 65 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 17 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।  

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 108 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 97 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 11 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से संतोषजनक हो गई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 10 जुलाई को दौसा (167) चौथे स्थान पर है, वहीं बल्लभगढ़ (213) दूसरे, जबकि बाड़मेर (179) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 80, गाजियाबाद में 56, गुवाहाटी में 130, गुरूग्राम में 91, नोएडा में 55, ग्रेटर नोएडा में 49 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 68 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 57, चेन्नई में 75, चंडीगढ़ में 38, हैदराबाद में 53, जयपुर में 109 और पटना में 76 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 61 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अकोला, अंबरनाथ, अररिया, बालासोर, बरेली, बैरकपुर, भिलाई, भिवंडी, भिवानी, ब्रजराजनगर, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, कोयंबटूर, देहरादून, डिंडीगुल, डोंबिवली, गडग, गंगटोक, गया, ग्रेटर नोएडा, हल्दिया, हापुड़, कलबुर्गी, करनाल, कारवार, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोप्पल, कुरनूल, लातूर, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, नाहरलागुन, पंचकुला, पटियाला, पुडुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, सांगली, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, तुमडीह, वाराणसी, विजयपुरा, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अंगुल, आसनसोल, औरंगाबाद, बदलापुर, बागलकोट, बहादुरगढ़, बारां, बारबिल, बारीपदा, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चेन्नई, छाल, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालौर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, खैरथल, खन्ना, किशनगंज, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाड, मैहर, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मेहसाणा, मुंबई, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंचगांव, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, राउरकेला, रूपनगर, सागर, सतना, शिवमोगा, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीगंगानगर, सूरत, तालचेर, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, यादगीर आदि 150 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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