25 फरवरी 2026 को अगरतला का एक्यूआई 356 पर पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। सिर्फ 24 घंटों में प्रदूषण 241 अंकों से उछला है।
हवा में पीएम2.5 हावी हैं और स्तर डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से 2200 फीसदी अधिक है।
देश के अधिकांश शहरों में हवा चिंताजनक है, जबकि नाहरलागुन में एक्यूआई केवल 17 दर्ज किया गया। गुरुग्राम, दिल्ली और फरीदाबाद समेत उत्तर भारत के कई शहर भी खतरनाक प्रदूषण का सामना कर रहे हैं।
विश्लेषण के मुताबिक 25 फरवरी 2026 को देश में अगरतला सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 356 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यानी 24 फरवरी को अगरतला में एक्यूआई 115 था। यानी बीते 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में 241 अंकों का भारी उछाल आया है।
रुझानों में सामने आया है कि अगरतला की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
अगरतला में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,200 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में नाहरलागुन की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 17 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर अगरतला की तुलना नाहरलागुन से करें तो वहां स्थिति 20 गुणा खराब है।
गौरतलब है कि कल देश में गुरुग्राम की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 307 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज 18 अंकों के सुधार के साथ गुरुग्राम में सूचकांक घटकर 289 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही आज भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 दर्ज किया गया था, जो 25 फरवरी को 11 अंकों के सुधार के साथ घटकर 228 पर पहुंच गया। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 25 फरवरी 2026 को 238 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 5.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 40.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 53.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 16.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 10.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 3.9 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरफ खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 25 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जोकि चिंता का विषय है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 192 (-4) दर्ज किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चरखी दादरी (296) दूसरे जबकि गुरुग्राम (289) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 282 अंकों के साथ भिवाड़ी चौथे स्थान पर है। बागपत-धारूहेड़ा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 267 और 259 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मानेसर (252) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद (250), ग्रेटर नोएडा (250) और अंगुल (243) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (चरखी दादरी, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, मानेसर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि अगरतला, चरखी दादरी, गुरुग्राम, बागपत, धारूहेड़ा, मानेसर, गाजियाबाद, पानीपत, बहादुरगढ़, हापुड़, बल्लभगढ़, सिंगरौली, वातवा, कुरुक्षेत्र, हाजीपुर, नोएडा, कोयंबटूर, करनाल, पंचगांव, बर्नीहाट, यमुना नगर, बोइसर, मंडीदीप, देहरादून, मुजफ्फरनगर, जींद, मेरठ, समस्तीपुर, सूरत, ग्वालियर, नंदेसरी, सोनीपत आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद, लखनऊ, सिरसा, बद्दी, कानपुर, अहमदाबाद, बुलंदशहर, बिलीपाड़ा, चूरू, सहरसा, पीथमपुर, बठिंडा, भिवंडी, गांधीनगर, पटना, खुर्जा, जालंधर, अलवर, भावनगर, गुवाहाटी, जालोर, भीलवाड़ा, मंगुराहा, मुरादाबाद, उल्हासनगर, बदलापुर, सिलीगुड़ी, आगरा, हावड़ा, महाड, तुमडीह, नागपुर, पटियाला, उदयपुर, नागौर, चंद्रपुर, नयागढ़, नवी मुंबई, वृंदावन, झुंझुनू, लुधियाना, अजमेर, धौलपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 5.9 फीसदी यानी महज 14 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, गंगटोक, कलबुर्गी, कोल्हापुर, मदिकेरी, मदुरै, नाहरलागुन, परभनी, पुदुचेरी, शिलांग, श्रीनगर, थूथुकुडी आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 96 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें बेगूसराय, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बूंदी, बक्सर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, दमोह, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, हिसार, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, झालावाड़, झांसी, कल्याण, कन्नूर, करौली, कटिहार, क्योंझर, कोहिमा, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, नांदेड़, नासिक, पाली, पलवल, पंपोर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 107 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अंकलेश्वर, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बदलापुर, बारबिल, बठिंडा, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, कटक, दौसा, देहरादून, देवास, धनबाद, धौलपुर, दुर्गापुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कानपुर, करनाल, काशीपुर, कटनी, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, कोटा, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचगांव, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, राजकोट, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, सूरत, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वृंदावन, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 20 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अंगुल, बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, चरखी दादरी, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, हाजीपुर, हापुड़, कुरुक्षेत्र, मानेसर, नोएडा, पानीपत, सिंगरौली, वातवा शामिल हैं। वहीं अगरतला में स्थिति ‘बेहद खराब’ है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 238 में से महज 14 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 96 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 24 फरवरी 2026 को यह आंकड़ा 107 दर्ज किया गया था।
107 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज अगरतला में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 356 पर पहुंच गया। इससे पहले कल अगरतला में एक्यूआई 115 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 241 अंकों का इजाफा हुआ है।
कल गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 दर्ज किया गया था। वहीं आज 18 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई घटकर 289 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में 25 फरवरी को प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 228 पर पहुंच गया। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 11 अंकों की गिरावट आई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 400 फीसदी अधिक खराब है।
इसी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में मामूली गिरावट आई है। फरीदाबाद में कल जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 192 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 25 फरवरी को भिवाड़ी चौथे स्थान पर है, वहीं चरखी दादरी (296) दूसरे, जबकि गुरुग्राम (289) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 151, गाजियाबाद में 250, गुवाहाटी में 124, गुरूग्राम में 289, नोएडा में 208, ग्रेटर नोएडा में 250 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 93 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 164, चेन्नई में 64, चंडीगढ़ में 118, हैदराबाद में 81, जयपुर में 105 और पटना में 137 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें भिलाई, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, गंगटोक, कलबुर्गी, कोल्हापुर, मदिकेरी, मदुरै, नाहरलागुन, परभनी, पुदुचेरी, शिलांग, श्रीनगर, थूथुकुडी शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बूंदी, बक्सर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, दमोह, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, हिसार, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जैसलमेर, झालावाड़, झांसी, कल्याण, कन्नूर, करौली, कटिहार, क्योंझर, कोहिमा, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, नांदेड़, नासिक, पाली, पलवल, पंपोर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तिरुपति, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, यादगीर आदि 96 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
प्रदूषण के गढ़ बने हरियाणा-उत्तरप्रदेश, गुरुग्राम में 307 पर पहुंचा एक्यूआई