पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में अगले कई दिनों तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं के आसार।
अरुणाचल, असम, मेघालय, बिहार, केरल, तमिलनाडु और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगहों पर जलभराव की आशंका।
पश्चिम राजस्थान में 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी और धूल भरे तूफान की चेतावनी जारी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार में आगे बढ़ा, जल्द और इलाकों में पहुंचेगा।
तेलंगाना और विदर्भ में लू का खतरा, जबकि कोंकण-गोवा, मराठवाड़ा और ओडिशा में उमस बढ़ेगी।
मौसम विभाग द्वारा 16 जून 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर भारत पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला-बदला रह सकता है। कई इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और धूल भरी आंधी आने की आशंका है। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में मानसून अभी नहीं पहुंचा है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 से 21 जून के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी भी आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर की सक्रिय हवाओं के कारण मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।
राजधानी दिल्ली में आज, 16 जून, 2026 को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिल्ली में सुबह से ही हवाएं चल रही हैं, जिससे गर्मी से राहत है। दिन में गर्मी और उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय एक बार फिर बादल और बारिश से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण कुछ जगहों पर पेड़ गिरने तथा यातायात प्रभावित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में बारिश का दौर
पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। जबकि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में 16 और 17 जून को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 21 जून तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण कुछ जगहों पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी रह सकती है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। पश्चिम राजस्थान में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी में और इजाफा होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे में तब्दील हो सकती है। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी की भी चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान
विभाग ने आज, 16 जून, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, केरल, तमिलनाडु और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां मजबूत हो रही हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ सकती है। किसानों और स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
मानसून की बढ़ रही है रफ्तार
दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और भागों में आगे बढ़ सकता है। मानसून की इस प्रगति से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो सकेंगी।
तापमान में बढ़ोतरी का इशारा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून तक अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की आशंका है। इसके बाद 19 से 21 जून के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। वहीं देश के अधिकतर इलाकों में 21 जून तक अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।
वहीं, 15 जून 2026 को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस हिमाचल के मंडी में रिकॉर्ड किया गया।
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने से दिन के समय गर्मी और उमस में वृद्धि हो सकती है। हालांकि कुछ हिस्सों में गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर अस्थायी राहत प्रदान कर सकती हैं।
कहां चलेगी लू, कहां रहेगा उमस भरा व कहां रहेंगी गर्म रातें?
तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया है। इन हिस्सों में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत छायादार स्थान पर जाएं और पानी पिएं।
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। ऐसे मौसम में शरीर जल्दी थक सकता है, इसलिए अधिक शारीरिक श्रम से बचें और पर्याप्त आराम करें। कोंकण और गोवा में गर्म रातों के कारण लोगों को पर्याप्त वेंटिलेशन और ठंडे वातावरण की व्यवस्था करनी चाहिए।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने, कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों और उर्वरकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने को कहा गया है।
कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिलेगा। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं आंधी, तेज हवाएं और उमस लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और सलाह का पालन करना जरूरी होगा।