मौसम विभाग के द्वारा आज, 21 मार्च, 2025 को जारी मौसम के ताजा अपडेट में पारे में उछाल आने की जानकारी दी गई है। इसी क्रम में, आंतरिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, गुजरात, आंतरिक ओडिशा में अधिकतम तापमान 36 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कोंकण और गोवा, राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण और पश्चिमी झारखंड, पश्चिमी असम, मिजोरम, त्रिपुरा में अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है।
जबकि देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान 20 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 20 मार्च, 2025 को रायलसीमा के अनंतपुर में अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के दो दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। वहीं, अगले दो से तीन दिनों के दौरान मध्य भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है।
अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के तीन से चार दिनों के दौरान चार से छह डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। अगले दो दिनों के दौरान पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में भी कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के तीन दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
देश के कुछ हिस्सों में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू या हीटवेव ने दस्तक दे दी थी, लेकिन अब कुछ दिनों तक लू से निजात मिलती दिख रही है। विभाग ने कहा है कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव या लू पर लगाम लगी रहेगी।
हालांकि देश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने के आसार हैं, इसी क्रम में आज, यानी 21 मार्च, 2025 को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में और 22 से 24 मार्च के दौरान गुजरात के अलग-अलग तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने का आसार हैं।
कहां बरसेंगे बादल, कहां होगी बर्फबारी तथा कहां गिरेंगे ओले?
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ निचले और मध्य स्तरों में एक ट्रफ के रूप में जारी है। एक ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार निचले स्तरों में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना हुआ है, इन मौसमी गतिविधियों के चलते 21 और 22 मार्च के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश व बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
पूर्वी और मध्य भारत में मौसमी बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती प्रसार जारी है। हवाओं की एक ट्रफ रेखा लगातार आगे बढ़ रही है और निचले स्तरों पर बंगाल की खाड़ी के ऊपर उल्टा चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण पूर्व और आसपास के मध्य भारत में हवाओं के आपस में मिलने की गतिविधि लगातार जारी है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के चलते 22 मार्च, 2025 तक पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, ओडिशा में तूफानी हवाओं के साथ बारिश व वज्रपात होने का अंदेशा जताया गया है।
वहीं आज, 21 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बिजली गिरने और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। 22 मार्च तक पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने के दौर के जारी रहने के आसार हैं। इसी दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा बिहार में बिजली गिरने, गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
ओलावृष्टि का अंदेशा
21 और 22 मार्च को पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा के कुछ हिस्सों में ओले गिर सकते हैं। 22 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, 21 मार्च को पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों तथा 21 और 22 मार्च को बिहार में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों के निचले स्तरों में एक चक्रवाती प्रसार लगातार जारी है। इसके कारण 21 से 23 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में गरज के साथ बारिश व बर्फबारी हो सकती है। जबकि 21 और 22 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश व जमकर बर्फबारी होने की आशंका जताई गई है, यहां 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल।
विभाग की मानें तो अगले पांच दिनों तक असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वज्रपात होने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के दौर के जारी रहने के आसार हैं।
वहीं आज, यानी 21 मार्च, 2025 को दक्षिण असम के अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है।
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती प्रसार बना हुए है, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक रुक-रुक कर हवाएं चल रही हैं। इसके चलते 22 से 24 मार्च, 2025 को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बिजली गिरने के आसार जताए गए हैं।
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले पांच दिनों के दौरान केरल और माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना में हल्की बारिश व बिजली चमकने के दौर के जारी रहने के आसार हैं।
वहीं 21 और 22 मार्च, 2025 को तेलंगाना में कुछ हिस्सों में ओले गिरने की आशंका जताई गई है।
समुद्र में हलचल
मौसम विभाग के अनुसार, आज पश्चिम बंगाल तट और उत्तरी ओडिशा में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को इन इलाकों में मछली पकड़ने या किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए जाने से परहेज करने को कहा गया है।
कल कहां हुई बारिश व बर्फबारी?
कल, 20 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई।
वहीं कल, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, बिहार, झारखंड, असम, नागालैंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी।
कल कहां कितने बरसे बादल?
कल, 20 मार्च को पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के बरहामपुर में 1 सेमी, असम और मेघालय के सिलचर में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।