आज, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। 
मौसम

पश्चिमी विक्षोभ व मानसून से बदलेगा मौसम, कई राज्यों में आंधी, भारी बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट, उत्तर भारत में 80 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं व ओलावृष्टि जबकि दक्षिण व पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की सक्रियता से कई राज्यों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी।

  • दिल्ली समेत उत्तर भारत में 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के आसार।

  • अरुणाचल, असम और मेघालय, केरल तथा ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी।

  • अगले चार दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ेगा।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 3 से 5 डिग्री घटने की संभावना, कई इलाकों में गर्मी से राहत की उम्मीद।

देश के कई इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज, 11 जून 2026 को मौसम को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है।

विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं आंधी और बारिश होगी तो कहीं बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ राज्यों में ओलावृष्टि, धूलभरी आंधी और तेज हवाएं भी चलने की आशंका जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा

पश्चिमी विक्षोभ के कारण आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा उत्तराखंड में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं आज, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में ओले गिरने का भी अंदेशा जताया गया है

पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में भी दिख सकता है। विभाग ने कहा है कि आज, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों में हवा की गति के 80 किलोमीटर प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका जताई गई है।

गरज-चमक व तेज हवाओं के साथ-साथ आज, 11 जून, 2026 को हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। साथ ही राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है

दिल्ली-एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज, 11 जून, 2026 को मौसम का मिजाज बदल सकता है। विभाग ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिन में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर बाद घने बादल छा सकते हैं। हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका है।

शाम और रात के समय तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान के 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है तथा वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

कैसी है मानसून की रफ्तार?

मौसम विभाग के द्वारा जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के शेष हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने की संभावना है।

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के बचे हुए हिस्सों के अलावा पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में भी मानसून का विस्तार हो सकता है। पूर्वी भारत, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मानसून दस्तक दे सकता है

मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन इलाकों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

कहां होगी झमाझम बारिश?

पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, केरल, माहे, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 155.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 13 जून के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बाद तापमान में फिर से दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

मध्य भारत में 12 जून तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

पूर्वी भारत में 11 जून तक तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है। हालांकि 12 से 14 जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है। देश के शेष भागों में 15 जून तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं जताई गई है।

भटिंडा रहा सबसे गर्म, दमोह सबसे ठंडा

10 जून, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पंजाब के बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के सबसे गर्म स्थानों में रहा। वहीं मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के दमोह में 21.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कहां चलेगी लू कहां पड़ेगी उमस भरी गर्मी?

हालांकि कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव यानी लू चलने की आशंका है। वहीं ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश तथा कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। गरज-चमक और बिजली गिरने के समय खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान घरों के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।

भारी बारिश वाले राज्यों में लोगों को जलभराव वाले इलाकों से बचने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। गर्मी और उमस वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका वाले इलाकों में फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें। भारी बारिश वाले हिस्सों में खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। वहीं जिन क्षेत्रों में मानसून पहुंचने वाला है, वहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर सकते हैं।

अगले कुछ दिन रहेंगे अहम

विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिन देश के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं। जहां एक ओर कई राज्यों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और भारी बारिश जैसी मौसम संबंधी घटनाएं लोगों के लिए चुनौती भी बन सकती हैं। इसलिए सभी नागरिकों और किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों और सलाहों का पालन करने की जरूरत है।