मानसून की वापसी जारी, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने का पूर्वानुमान।
दिल्ली में आज धूप खिलेगी, बारिश नहीं होगी; अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहने का अनुमान।
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, असम और मेघालय तथा पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बिजली गिरने के आसार।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की आशंका, हवा 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है।
पिलानी में 40.2 डिग्री तापमान दर्ज, कोंकण-गोवा में गर्मी और उमस; मौसम विभाग की किसानों को फसल सुरक्षा की सलाह।
देश के कई इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ ही मौसम साफ और शुष्क होने लगा है। मौसम विभाग की ओर से तीन अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, दिल्ली में शनिवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। दिन में धूप खिलने के साथ आसमान साफ रहने की संभावना है। राजधानी के किसी भी हिस्से में बारिश या हल्की बूंदाबांदी की संभावना नहीं है।
दिल्ली में हवा चलती रहेगी और इसकी गति करीब 20 से 22 किमी प्रति घंटे रहने का अनुमान है। हवा के कारण दिन में गर्मी कुछ कम महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।
कई राज्यों से मानसून की वापसी
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों से विदा हो रहा है। मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल पंजाब के गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों तथा जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी मानसून की वापसी जारी है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मानसून की वापसी की संभावना है।
पूर्वोत्तर में बारिश के आसार
देश के पूर्वोत्तर के हिस्सों में अभी मौसम सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में गरज के साथ वज्रपात होने का अंदेशा जताया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
दक्षिण भारत में आंधी-तूफान की चेतावनी
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इन इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के भी कुछ हिस्सों में गरज के साथ वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
कुछ राज्यों में गर्मी और उमस
मानसून की वापसी के बीच देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। कोंकण और गोवा में कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका जताई गई है। मराठवाड़ा, विदर्भ और तेलंगाना के भी कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
वहीं, असम और मेघालय, बिहार तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
पिलानी में सबसे अधिक तापमान
दो अक्टूबर, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के पिलानी में दर्ज किया गया। यहां तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज किया गया।
कहां कितने बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के दौरान लक्षद्वीप के अमिनी दिवी में 60 मिमी और अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश को देखते हुए किसानों को धान, रागी, सोयाबीन और सब्जियों के खेतों में पानी की निकासी ठीक रखने की सलाह दी गई है। पक चुकी फसलों को मौसम साफ रहने के दौरान काटकर सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखने को कहा गया है। टमाटर और मिर्च की तैयार फसल की कटाई करने तथा सब्जियों की बेलों को सहारा देने की सलाह भी दी गई है।
असम और मेघालय में धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए नालियों को साफ रखने को कहा गया है। तेज हवाओं की आशंका वाले इलाकों में किसानों को कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों और सब्जियों को तेज हवा से गिरने से बचाने के लिए सहारा देने की भी सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत समेत देश के कई इलाकों में मानसून की विदाई का असर दिखाई देने लगा है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में बारिश, गरज और तेज हवाओं का दौर अभी जारी रह सकता है।