दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम हुआ सुहावना, तापमान में गिरावट; कई राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी। फोटो: सीएसई
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश से राहत, पहाड़ों पर बढ़ेगी ठंड; कई राज्यों में आंधी-वर्षा का अलर्ट जारी

उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न, दिल्ली में बारिश से राहत; पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी राज्यों में आंधी का अलर्ट।

Dayanidhi

  • दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम हुआ सुहावना, तापमान में गिरावट; कई राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी।

  • उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश-बर्फबारी के आसार, मनाली में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंचने का अंदेशा।

  • पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • मानसून की विदाई तेज, बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार।

  • राजकोट में पारा 38.9 डिग्री पहुंचा, कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान; किसानों को फसल सुरक्षा की सलाह।

देश के कई इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। सोमवार तड़के दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पहाड़ी राज्यों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 12 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन में पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती प्रसार के चलते उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार तड़के बारिश हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, हवा में नमी का स्तर करीब 80 प्रतिशत बना हुआ है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं और गरज-चमक को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो 14 अक्टूबर तक राज्य के कई इलाकों में बारिश तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना है। मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

वहीं, कुछ हिस्सों में गरज-चमक और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण यात्रा के दौरान परेशानी हो सकती है।

मनाली में बढ़ेगी ठंड, तापमान शून्य तक पहुंचने के आसार

हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। मनाली में ठंड बढ़ने के आसार हैं और न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। विभाग ने 12 और 13 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना जताई है।

12 और 14 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक महसूस किया जा सकता है जहां बर्फ गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है।

पंजाब से राजस्थान तक आंधी-बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने पंजाब में 12 से 14 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान में 15 अक्टूबर तक ऐसा मौसम रह सकता है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 16 अक्टूबर तक आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है।

वहीं आज, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की आशंका है। केरल और माहे में भी गरज के साथ बारिश और वज्रपात के आसार हैं।

मानसून की विदाई जारी, बंगाल की खाड़ी पर नजर

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों से मानसून की वापसी की संभावना है।

इस बीच, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इससे देश के कई इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

कुछ राज्यों में सामान्य से ज्यादा गर्मी, राजकोट में पारा 38.9 डिग्री

देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के महीने में भी गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं, असम और मेघालय तथा विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पंजाब के कुछ हिस्सों में रात का तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। इससे साफ है कि कुछ राज्यों में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है।

मौसम विभाग के 11 अक्टूबर, 2026 के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

जम्मू में 190 मिमी बारिश

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू में 190 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। यह आंकड़ा सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 5:30 बजे तक की अवधि का है।

किसानों को सलाह

किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था करें और सिंचाई फिलहाल मौसम देखकर करें। कीटनाशकों का छिड़काव तेज हवा या बारिश में न करें। फसलों को गिरने से बचाने के लिए सतर्क रहें।

कुल मिलाकर, देश के कई इलाकों में कहीं बारिश राहत दे रही है, तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।