उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ा। फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

उत्तर भारत में गर्मी से राहत, आंधी-ओलों का खतरा बरकरार, पूर्वोत्तर व दक्षिण में भारी बारिश

पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम, उत्तर में तापमान गिरा, आंधी-ओलावृष्टि का खतरा बरकरार, पूर्वोत्तर व दक्षिण में मूसलाधार बारिश के आसार, जानें कहां पहुंचा मानसून

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में गर्मी से राहत।

  • पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है।

  • हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं व ओलावृष्टि की चेतावनी।

  • उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ा।

  • जैसलमेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में गिरावट दर्ज।

उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू और कश्मीर में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिली।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज, 12 जून, 2026 को जारी बुलेटिन में इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया गया है, जो इस समय उत्तर भारत के मौसम में बदलाव कर रहा है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में तेज हवाएं चल रही हैं और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर के नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में तेज धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई। मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से कुछ हद तक राहत मिली है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली में आज, 12 जून 2026 को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग ने आज, 12 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका जताई है। वहीं जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में गरज के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा भी जताया गया है

राजस्थान के कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चल सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। खुली जगहों पर खड़े रहने और पेड़ों के नीचे शरण लेने से भी बचना चाहिए।

उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा

उत्तराखंड में कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं हो सकती हैं। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

चक्रवाती प्रसार व दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर जारी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं आज, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में बादलों के यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं।

दक्षिण भारत पर भी मानसून का असर जारी है। आज, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

इसके अलावा आज, 12 जून, 2026 को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की बढ़ी रफ्तार

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कल, 11 जून 2026 को कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में पहुंच सकता है।

मानसून की इस प्रगति से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। इसके बाद 13 जून से 17 जून के बीच तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का आसार हैं

मध्य भारत में 12 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का असर कुछ कम हो सकता है।

महाराष्ट्र में स्थिति थोड़ी अलग रहने की संभावना है। यहां 13 जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 14 से 17 जून के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश के बाकी हिस्सों में 17 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने का अनुमान नहीं है। मौसम सामान्य बना रह सकता है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश और बादलों की गतिविधियों के कारण कुछ स्थानों पर तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग द्वारा 11 जून 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के जैसलमेर में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी क्षेत्रों में असम के हाफलोंग में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कुछ राज्यों में हीटवेव का असर

जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश से राहत मिली है, वहीं आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, तेलंगाना और विदर्भ में लू चलने का अंदेशा जताया गया है। इसके अलावा कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। ऐसे इलाकों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में कम निकलने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

किसानों और लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थानों पर रखें। तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए खेतों में रखी उपज को ढककर रखें। बारिश के दौरान कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव फिलहाल टालना बेहतर होगा।

सामान्य लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए। भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना ही सबसे अच्छा उपाय है।

कुल मिलाकर पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की सक्रियता के कारण देश के कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।