आज, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ हिस्सों में भीषण बारिश होने का अंदेशा जताया गया है।  फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

पश्चिम बंगाल-ओडिशा में रेड, 18 से ज्यादा राज्यों में बारिश का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी

पश्चिम बंगाल-ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दिल्ली समेत 18 से ज्यादा राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी

Dayanidhi

  • बंगाल व ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई इलाकों में 204 मिमी से ज्यादा बारिश का पुर्वनुमान।

  • दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट, आज भारी बारिश के साथ तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने और जलभराव की आशंका है।

  • उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू और कश्मीर में ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, बिजली और भूस्खलन का खतरा।

  • बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदला, झारखंड की ओर बढ़ने के आसार।

  • किसानों को खेतों से पानी निकालने, फसल सुरक्षित रखने और लोगों को आंधी-बारिश में सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

देश के तमाम इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और बांग्लादेश के आसपास, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के पास केंद्रित था।

मौसम विभाग के मुताबिक, यह प्रणाली अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकती है। इसके पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों से होते हुए झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी तथा कुछ हिस्सों में भीषण बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में आज सोमवार, को आसमान में बादल छाए रहने और भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन में दक्षिण-पूर्व दिशा से 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। शाम के समय हवा की रफ्तार कुछ कम होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली के न्यूनतम तापमान में करीब एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलभराव और यातायात की परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा

विभाग के मुताबिक आज, उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। हरिद्वार, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 115.6 से 204.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

बारिश के साथ कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार करीब 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से सड़कें बंद होने, भूस्खलन और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

हिमाचल, जम्मू और कश्मीर में भी अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के मंडी, सोलन, बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, कांगड़ा, सिरमौर और हमीरपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में गरज के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। विभाग ने इन जिलों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां आज बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।

पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा असर

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर पूर्वी भारत के राज्यों में दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ हिस्सों में भीषण बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बादल बरस सकते हैं।

वहीं आज, 17 अगस्त, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, , झारखंड, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। इन राज्यों में भी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक

मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलावा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

वहीं कल,16 अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस ओडिशा के बौध में रिकॉर्ड किया गया। तापमान में इस तरह के बदलाव के बीच लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों और लोगों को सावधानी की सलाह

लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खेतों में पानी जमा न होने दें और जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। पर्याप्त नमी वाले खेतों में सिंचाई से बचें। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक का छिड़काव न करें। कटी हुई फसल, अनाज और चारे को सुरक्षित तथा सूखी जगह पर रखें। तेज हवाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में कमजोर फसलों को सहारा दें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए। बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचें। बिजली चमकने के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूर रहें। जलभराव वाली सड़कों, नदी और नालों के पास न जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर को लेकर सावधान रहें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ताजा जानकारी पर नजर रखें।