ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, तटीय जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा। फोटो साभार: आईस्टॉक
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ओडिशा में रेड अलर्ट, पांच राज्यों में ऑरेंज, 12 राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का असर, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, उत्तराखंड सहित इन राज्यों के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, आंधी व बिजली गिरने की भी चेतावनी

Dayanidhi

  • ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, तटीय जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा, प्रशासन सतर्क।

  • पांच राज्यों में ऑरेंज अलर्ट, अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की मौसम विभाग ने जताई आशंका।

  • 12 राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की भी चेतावनी।

  • छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 70 मिमी बारिश दर्ज, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई।

  • किसानों को जल निकासी मजबूत रखने, तैयार फसल सुरक्षित रखने और खराब मौसम में खेतों से दूर रहने की सलाह।

मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, 30 अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में और अधिक प्रभावी होने तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

वहीं मानसून ट्रफ इस समय अमृतसर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गोरखपुर, पटना और जमशेदपुर से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है।

उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के उत्तरी हिस्सों पर बना पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

ओडिशा में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के तटीय और आसपास के जिलों में बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। ओडिशा में 204.5 से अधिक बरस सकते हैं बादल। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।

ओडिशा के बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, ढेंकानाल, अंगुल, देवगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ सहित कई जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने का खतरा जताया गया है।

कई राज्यों में भारी से बहुत बारिश के आसार

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

आज, 30 अगस्त, 2026 को बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड तथा विदर्भ में भी भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, कोरिया और जशपुर जिलों में भी अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। झारखंड के कई जिलों में भी निचले और जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में भी फ्लैश फ्लड का खतरा

उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान कुछ जलग्रहण वाले हिस्सों और आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और छोटी धाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ आज, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी गरज के साथ तेज हवाओं के आसार हैं। बिहार, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर के कई राज्यों, तमिलनाडु और उत्तराखंड में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कहां रहा सामान्य से अधिक तापमान?

देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। असम और मेघालय तथा पश्चिम बंगाल में गंगा के कुछ तटीय हिस्सों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।

रात के तापमान में भी कई राज्यों में बढ़ोतरी देखने को मिली। असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

काकीनाडा में 40.9 डिग्री तापमान

29 अगस्त, 2026 को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में रिकॉर्ड किया गया। इससे साफ है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में काफी अंतर बना हुआ है।

कई राज्यों में हुई अच्छी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बारिश हुई। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 70 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

कोंकण और गोवा में पणजी में 50 मिमी बारिश हुई। असम और मेघालय में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी खासी हिल्स जिले के चेरापूंजी में 50 मिमी और सोनितपुर जिले के तेजपुर में 30 मिमी बारिश हुई।

ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में पारादीप पोर्ट पर 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड के देहरादून जिले के देहरादून-मोकामपुर में भी 30 मिमी बारिश हुई। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के सलेम में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दीघा में भी 30 मिमी बारिश हुई।

किसानों को विशेष सावधानी की जरूरत

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने की जरूरत है। जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना चाहिए। तेज हवा वाले इलाकों में केले, सब्जियों और अन्य कमजोर पौधों को सहारा देना अच्छा रहेगा।

भारी बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई, कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव करने से बचना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखें तथा चारा भीगने से बचाएं। निचले इलाकों में रहने वाले किसानों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम खराब होने पर जरूरी न हो तो यात्रा से बचना बेहतर होगा। जलभराव वाली सड़कों, पुलों और नालों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। तेज बारिश और बिजली चमकने के समय घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटे कई राज्यों के लिए अहम हैं। प्रशासन के साथ आम लोगों और किसानों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।