बंगाल की खाड़ी में कम दबाव हुआ मजबूत, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी।
झारखंड में ऑरेंज अलर्ट, मध्य भारत में तेज बारिश के साथ जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ा।
15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार।
किसानों को फसल बचाने और खेतों से पानी निकालने की सलाह, पशुओं को सुरक्षित ऊंचे स्थान पर रखने का सुझाव।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, बारिश और तेज हवाओं के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और बांग्लादेश के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 13 अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों से होते हुए झारखंड की ओर बढ़ेगी। अगले 12 घंटे में यह और मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के इलाकों में भारी से लेकर भीषण बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं। इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी हो सकती है।
वहीं, मानसून ट्रफ बीकानेर, मध्य प्रदेश के पास बने कम दबाव वाले क्षेत्र, सीधी, जमशेदपुर और कोलकाता से होकर गुजर रही है। इसके कारण इन इलाकों और आसपास के हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय है। यह वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में पश्चिम से आने वाली हवाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
इसके कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधि बनी रह सकती है। इसका असर स्थानीय मौसम के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के चलते कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश तो कुछ राज्यों में बहुत भारी से भीषण बारिश के आसार हैं।
पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भीषण बारिश का रेड अलर्ट
पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय हिस्सों, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। ऐसी स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में आज, 13 अगस्त, 2026 को झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है। मौसम विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज, अंडमान और निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, केरल, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर के कई राज्यों, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक पानी आने की स्थिति को लेकर सावधान रहना होगा। स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।
आंधी और बिजली गिरने का खतरा
कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने के भी आसार जताए गए हैं। कुछ राज्यों में हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
लोगों को आंधी और बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और ऊंचे स्थानों से दूर रहना चाहिए। बेहतर होगा कि लोग किसी सुरक्षित इमारत के अंदर रहें। खेतों में काम कर रहे किसानों को बिजली चमकने के दौरान काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
इन राज्यों में तापमान सामान्य से ज्यादा
बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया।
वहीं असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
कल, 12 अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में दर्ज हुआ। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस मध्य प्रदेश के खरगोन में रहा। मौसम में इस तरह के बदलाव को देखते हुए लोगों को दिन में पर्याप्त पानी पीने और तेज गर्मी से बचने की सलाह दी गई है।
लोगों, किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
भारी बारिश को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जो फसल पककर तैयार हो गई है, उसकी कटाई कर सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखनी चाहिए। अनाज को जमीन पर रखने के बजाय ऊंचे और ढके स्थान पर रखना बेहतर रहेगा।
खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए नालियों और पानी निकासी के रास्तों को साफ रखें। केले, पपीते और अन्य कमजोर पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक का छिड़काव न करें, क्योंकि वे बह सकते हैं।
भारी बारिश में पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें। उनके लिए सूखा चारा और साफ पानी की व्यवस्था रखें। मछली पालक तालाब के किनारों और पानी की निकासी की जांच करें, ताकि तेज बारिश में मछलियां बाहर न निकलें।
मौसम की बदलती स्थिति को देखते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश और आंधी के समय सावधानी बरतना ही नुकसान को कम करने का सबसे आसान उपाय है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना सभी के लिए जरूरी है।