मार्च से मई 2026 के दौरान देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के आसार। फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

मार्च से मई 2026 के दौरान सामान्य से अधिक लू वाले दिन, प्रचंड गर्मी का अंदेशा

मौसम विभाग के द्वारा मार्च से मई 2026 के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अधिकतम तापमान में वृद्धि होगी, कुछ राज्यों में लू के दिनों में बढ़ोतरी की आशंका व सामान्य बारिश की संभावना है।

Dayanidhi

  • मार्च से मई 2026 के दौरान देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के आसार।

  • दक्षिण और उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों को छोड़कर, न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने का अनुमान।

  • पूर्वी, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी भारत में सामान्य से अधिक लू वाले दिनों का अंदेशा जताया गया है।

  • मार्च 2026 में देशभर में बारिश सामान्य रहने की संभावना, जो लंबे समय के औसत के 83 से 117 प्रतिशत के बीच।

  • वर्तमान में कमजोर ला नीना स्थिति, आगे कमजोर पड़ने की संभावना, जबकि हिंद महासागर में तटस्थ स्थिति जारी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मार्च से मई 2026 के गर्मी के मौसम (हॉट वेदर सीजन) के लिए तापमान, लू और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है

विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो मार्च से मई 2026 के दौरान देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के आसार जताए गए हैं। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। इसका मतलब है कि देश के अधिकतर हिस्सों में गर्मी अधिक महसूस होगी।

इस दौरान न्यूनतम तापमान की बात करें तो देश के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अंदेशा जताया गया है। भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों और कुछ अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। इससे पता चलता है कि रातें भी सामान्य से अधिक गर्म हो सकती हैं

मार्च 2026 में कैसा रहेगा तापमान?

मार्च 2026 में देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। लेकिन पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत के आसपास के इलाकों, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों तथा मध्य और भारत की प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है।

मार्च 2026 में देश के अधिकतर भागों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वी तट के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है।

लू या हीटवेव के आसार

लू का अर्थ है किसी क्षेत्र में कई दिनों तक अत्यधिक गर्म मौसम का बने रहना। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। मार्च से मई 2026 के दौरान पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत के अधिकतर इलाकों, दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप के कई हिस्सों तथा उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिनों के रहने का अंदेशा जताया गया है। जबकि देश के बाकी हिस्सों में लू के दिन सामान्य रह सकते हैं।

मार्च में गुजरात और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिनों के रहने की आशंका जताई गई है। जबकि अन्य इलाकों में लू की स्थिति सामान्य रह सकती है।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि गर्मी के मौसम में अधिक तापमान और लू का असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है, इनमें बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर, पानी की कमी की समस्या, बिजली की मांग में वृद्धि, फसलों और पशुओं पर प्रभाव आदि। इसलिए राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है। ठंडे आश्रय स्थल (कूलिंग सेंटर), पीने के पानी की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखना जरूरी है।

सामान्य जनता को भी सावधानी बरतनी चाहिए जिसमें अधिक पानी पीना, दोपहर की तेज धूप से बचना, हल्के और सूती कपड़े पहनना, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना शामिल है।

मार्च 2026 में कहां और कितने बरसेंगे बादल?

मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च 2026 में पूरे देश में औसत बारिश सामान्य रहने की संभावना है। सामान्य बारिश का मतलब है कि यह लंबे समय के औसत (एलपीए) के लगभग 83 से 117 फीसदी के बीच हो सकती है।

1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर देखें तो मार्च महीने में देश में औसतन लगभग 29.9 मिमी बारिश होती है। देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम तथा पूर्व-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।

समुद्री परिस्थितियां

वर्तमान में प्रशांत महासागर में कमजोर ला नीना जैसी स्थिति बनी हुई है, लेकिन आने वाले महीनों में इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। हिंद महासागर में फिलहाल तटस्थ स्थिति बनी हुई है और आगे भी इसमें कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

मार्च से मई 2026 के दौरान देश के अधिकतर इलाकों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। कई हिस्सों में लू के दिन भी बढ़ सकते हैं।

मार्च 2026 में बारिश के सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बारिश के कम होने का भी अंदेशा जताया गया है। इसलिए सभी राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहकर आवश्यक तैयारियां करने का भी सुझाव दिया गया है। समय पर जानकारी हासिल करना और सावधानी बरतना ही गर्मी से बचाव का सबसे अच्छा उपाय है।