अगले चार से पांच दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना जताई है।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट जारी, शाम तक तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और हल्की बारिश संभव।
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी, कई इलाकों में 115 मिमी तक बारिश होने का अनुमान।
मराठवाड़ा और विदर्भ में लू का खतरा बरकरार, जबकि कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
एक बार फिर उत्तर भारत के कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि कई राज्यों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज, 15 जून, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले 72 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही देश के 15 से ज्यादा राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट, शाम को बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज, 15 जून, 2026 को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप और गर्मी बनी रहेगी, लेकिन दोपहर बाद या शाम के समय धूलभरी आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
14 जून, 2026 की देर रात दिल्ली और आसपास के इलाकों में घने बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
कई राज्यों में गरज-चमक और तूफानी हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन राज्यों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
राजस्थान में मौसम और अधिक सक्रिय रहने के आसार हैं। यहां कुछ जगहों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने के आसार हैं। वहीं आज, पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी का भी अंदेशा जताया गया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम खराब हो सकता है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित कई इलाकों में भी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अंदेशा
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों के जमकर बरसने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान भी इन राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मेघालय, असम और मिजोरम के कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे तापमान में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
कहां पहुंचा मानसून ?
वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले 72 घंटों के भीतर मानसून मध्य प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी जिलों में प्रवेश कर सकता है। इससे प्रदेश में बारिश में वृद्धि होने की संभावना है।
तापमान में बदलाव के संकेत
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून तक अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। मध्य भारत में भी 16 जून तक तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जून, 2026 को राजस्थान के फलोदी में देश का सबसे अधिक तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कुछ राज्यों में हीटवेव, उमस भरी गर्मी व गर्म रातों का खतरा
जहां एक तरफ कई राज्यों में बारिश की संभावना है, वहीं महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ में हीटवेव यानी लू चलने की आशंका बनी हुई है। यहां लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। कोंकण और गोवा के कुछ इलाकों में रात के समय भी तापमान अधिक रहने के कारण गर्म रात की स्थिति बनी रह सकती है।
लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने बदलते मौसम को देखते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है। किसानों को मौसम की जानकारी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश वाले राज्यों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने तथा तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और सलाहों का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा।