दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली की चेतावनी। फोटो साभार: आईस्टॉक
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उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ा मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, अरुणाचल में लेकू नदी उफान पर, असम के जोनाई में 100 से अधिक परिवार प्रभावित

Dayanidhi

  • मानसून ने उत्तर भारत की ओर बढ़ाई रफ्तार, कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • अरुणाचल की भारी बारिश से लेकू नदी उफान पर, असम के जोनाई में बाढ़, 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए।

  • दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली की चेतावनी।

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र रहेगा उग्र, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की मौसम विभाग की सलाह।

  • मानसून की सक्रियता से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान गिरेगा, कई राज्यों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ा।

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अब उत्तर भारत की ओर तेजी से सक्रिय हो गया है। 30 जून को मानसून ने मध्य प्रदेश के कई इलाकों, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों, उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है।

मौसम विभाग की ओर से बुधवार, एक जुलाई 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इस दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाकी हिस्सों में भी मानसून पहुंचने की संभावना है।

कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश

मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, विदर्भ, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा केरल और माहे में अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 155.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, झारखंड, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

अरुणाचल की बारिश से असम में बाढ़

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण लेकू नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका असर पड़ोसी राज्य असम के जोनाई क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बाढ़ के पानी से 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं और कई घर जलमग्न हो गए हैं।

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई स्थानों पर पशुधन भी बाढ़ के पानी में फंस गया है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।

बाढ़ का असर यातायात पर भी पड़ा है। असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-515 कई स्थानों पर पानी में डूब गया, जिससे दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया। राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अलर्ट

मानसून की सक्रियता के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी जारी रहेगा। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। वहीं कर्नाटक, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी है।

मछुआरों से समुद्र में न जाने की सलाह

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियां भी तेज रहने के आसार हैं। गुजरात, कोंकण और गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और मन्नार की खाड़ी में तेज हवाएं चल सकती हैं। कई समुद्री इलाकों में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौटने को कहा गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मिलेगी गर्मी से राहत

मानसून की सक्रियता का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर-पश्चिम भारत में दो जुलाई तक अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद तीन से छह जुलाई के बीच तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। देश के अन्य हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान लगभग सामान्य बना रहेगा।

वहीं कल, 30 जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पंजाब के भटिंडा में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस ओडिशा के नयागढ़, उत्तर प्रदेश के हरदोई तथा कर्नाटक के गडग और मैसूर में रिकॉर्ड किया गया।

कई जगहों में हुई अच्छी बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर और झारखंड के डाल्टनगंज में 70 मिमी बारिश हुई। उत्तराखंड के देहरादून (मोकमपुर) में 60 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में बिना जरूरत यात्रा करने से बचें। जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का प्रयास न करें। गरज-चमक के समय सुरक्षित भवन में रहें और बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें।

किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि पानी जमा न हो। तेज हवा की संभावना को देखते हुए केले, मक्का और अन्य ऊंची फसलों को सहारा दें। बारिश के दौरान कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव नहीं करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उनके लिए सूखे चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बनाए रखें।

अगले कुछ दिन रहेंगे अहम

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विशेषकर भारी बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की आशंका वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।