म्यांमार के पास बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव क्षेत्र में बदला, अगले 24 घंटे में और कमजोर होने की संभावना।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की आशंका।
बंगाल की खाड़ी में समुद्र अशांत रहेगा, हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा।
राजस्थान के फलोदी में तापमान 40.2 डिग्री पहुंचा, मानसून की वापसी के बीच कई इलाकों में गर्मी का असर जारी है।
म्यांमार के तटीय इलाके और उससे सटे बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 30 सितंबर की सुबह 5:30 बजे यह प्रणाली उत्तर म्यांमार और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, मिजोरम तथा उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर अच्छी तरह बने कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में मौजूद थी।
मौसम विभाग का कहना है कि इस प्रणली के अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसका रुख मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश की ओर रहने की संभावना है। आगे बढ़ने के साथ इसके धीरे-धीरे और कमजोर होकर सामान्य दबाव में बदलने की संभावना है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश का जोर
इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में देखने को मिल सकता है। असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने इन राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने इन इलाकों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की भी चेतावनी दी है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मिजोरम और त्रिपुरा की ओर बढ़ रहे मौसमीय प्रणाली को देखते हुए इन राज्यों में अगले कुछ समय तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और आंधी
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अंदेशा जताया गया है। आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। यहां भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण के इन राज्यों में भी 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।
ओडिशा में भी कुछ जगहों पर आंधी और बिजली के साथ मौसम सक्रिय रहने के आसार हैं। आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
कई राज्यों में बिजली गिरने का खतरा
असम और मेघालय, केरल, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ गरज-चमक वाला मौसम बन सकता है। मौसम विभाग ने ऐसे मौसम में लोगों को खुले इलाकों में रहने से बचने और आंधी या बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी में समुद्र रहेगा अशांत
बंगाल की खाड़ी में भी मौसम की स्थिति सामान्य नहीं रहेगी। उत्तर अंडमान सागर और दक्षिण म्यांमार तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं की रफ्तार में इजाफा होकर इनके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा है।
वहीं, दक्षिण अंडमान सागर, पश्चिम म्यांमार तट और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गया है। ऐसे में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी
इस बीच देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी भी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून वापसी की रेखा इस समय पंजाब के गुरदासपुर से होते हुए चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया तक पहुंच चुकी है। इसके आगे यह रेखा गुजरात के आसपास अरब सागर तक बनी हुई है।
उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में पारा 40 डिग्री के पार
देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। 29 सितंबर को राजस्थान के फलोदी में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे अधिक रहा। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया।
किसानों, मछुआरों और आम लोगों के लिए सलाह
किसान बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए खेतों में तैयार फसल की कटाई और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करें। खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था रखें। बिजली चमकने और तेज आंधी के दौरान खेतों में काम करने से बचें। आम लोग खराब मौसम में खुले स्थान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित भवन में रहें। मछुआरे और नाविक बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के अशांत समुद्र में जाने से बचें। स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
कुल मिलाकर, अगले 24 घंटे में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है, जबकि म्यांमार और बंगाल की खाड़ी से आई मौसमीय प्रणाली लगातार कमजोर होने की दिशा में बढ़ रही है।