कई राज्यों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका  फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती दबाव, कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में दबाव मजबूत, ओडिशा-आंध्र तट की ओर बढ़ेगा, कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली चमकने का अलर्ट जारी

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।

  • 23 सितंबर तक मौसम प्रणाली के दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचने के आसार हैं।

  • कई राज्यों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

  • राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है।

  • किसानों को फसल सुरक्षित रखने, जल निकासी सुधारने और लोगों को आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों में बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से 20 सितंबर, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर और आसपास के इलाकोंमें बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। 20 सितंबर की सुबह यह उत्तर अंडमान सागर और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में स्थित था। विभाग के द्वारा इसके धीरे-धीरे मजबूत होने के आसार जताए गए हैं।

यह मौसम प्रणाली 21 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी तट और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून भी धीरे-धीरे पीछे हट रहा है। अगले तीन से चार दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ बारिश, आंधी और गर्मी जैसी अलग-अलग मौसम स्थितियां देखने को मिल सकती हैं।

कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।

इन राज्यों में आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट

आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, केरल, लक्षद्वीप तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक वाला मौसम रह सकता है।

कुछ क्षेत्रों में गर्मी भी परेशान करेगी

बारिश के साथ देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की आशंका भी बनी हुई है। 19 सितंबर को तमिलनाडु के पलायमकोट्टई में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक था।

रायलसीमा में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। असम और मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।

किसानों और लोगों के लिए सावधानी

बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था ठीक रखनी चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और बारिश से पहले खाद व कीटनाशकों का छिड़काव न करें। पशुओं को सुरक्षित जगह पर रखें तथा कृषि उपकरण और अस्थायी शेड सुरक्षित करें।

लोग आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। भारी बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव पर नजर रखें। सभी लोग मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सावधानी बरतें।