डिप्रेशन और सक्रिय मानसून के असर से उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात व मध्य महाराष्ट्र में रेड अलर्ट।
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा रुकी, 850 श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर रोके गए, 91 सड़कें बंद।
दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार, तेज हवाओं के साथ उमस से राहत मिलने की संभावना, तापमान में गिरावट होगी।
गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने, जलभराव से बचने और खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी।
देश के कई इलाकों में मानसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 31 जुलाई, 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी विदर्भ और उससे सटे पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए अब मध्य विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच गया है। यह प्रणाली लगभग 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस वजह से मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ भी सक्रिय है और पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत में बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के कारण कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। कई जगहों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।
उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार हो रही तेज बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाकों में कई जगह भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं। केदारनाथ यात्रा को भी एहतियात के तौर रोके जाने की खबर है।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच कई जगहों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने से केदारनाथ हाईवे बंद हो गया। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लगभग 850 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। इनमें करीब 600 श्रद्धालु केदारनाथ से लौट रहे थे, जबकि लगभग 250 श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में कुल 91 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आज 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग, गांदरबल, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रियासी जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने यहां भी भारी बारिश के येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित कुल्लू, मनाली, चंबा और मंडी में भी तेज बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में मिलेगी उमस भरी गर्मी से राहत
दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 31 जुलाई और एक अगस्त को बादल छाए रहने तथा कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम जबकि कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। विभाग ने कुछ जगहों पर बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान लगाया है।
कई राज्यों में भारी वर्षा, गुजरात व मध्य महाराष्ट्र में भीषण बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भीषण बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा तथा पंजाब में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।
इसके अलावा आज, बिहार, हरियाणा, तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम राजस्थान, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार जताए हैं। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ ही कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
देश के अधिकतर इलाकों में मानसून सक्रिय होने के बावजूद कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भी दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा।
रात के तापमान में भी कई राज्यों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
30 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के जैसलमेर में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में ओडिशा के बौध में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। तेलंगाना के रामागुंडम में 80 मिमी तथा निजामाबाद में 70 मिमी वर्षा हुई। विदर्भ के अकोला में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। मराठवाड़ा के औरंगाबाद में 60 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों और नालों के पास जाने से परहेज करें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है वहां खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें। बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें। तैयार फसलों और सब्जियों की समय पर कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं को खुले स्थान पर न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखें।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।