मध्य प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश के आसार, उत्तरी और पश्चिमी जिलों में जलभराव का खतरा बढ़ा।
उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान, कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया।
बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी।
दक्षिण भारत में आंधी और वज्रपात का अलर्ट, कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे हवाएं चलेंगी।
पालायमकोट्टई में 40.2 डिग्री तापमान दर्ज, वहीं चेरापूंजी में पिछले 24 घंटे में 70 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, चार सितम्बर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों तक लगभग एक ही जगह बना रह सकता है। इसके कारण मध्य प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में गरज-चमक व तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार हैं।
मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी
मौसम विभाग के मुताबिक, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां जारी हैं। समुद्र तल पर बनी मानसून ट्रफ राजस्थान के बीकानेर और सीकर से होते हुए मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से गुजर रही है। इसके बाद यह झारखंड के डाल्टनगंज, पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से होते हुए त्रिपुरा की ओर बढ़ रही है।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा एक और ट्रफ भी सक्रिय है। यह बिहार, उत्तरी झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिणी असम से होते हुए नागालैंड तक फैला हुआ है। इसके कारण इन इलाकों में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम की इन सभी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय रहने से मध्य भारत, उत्तर भारत और पूर्वी व पूर्वोत्तर राज्यों के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार
आज, चार सितम्बर, 2026 को मध्य प्रदेश में कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। खासकर राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। विभाग ने मध्य प्रदेश में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों को निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी खतरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। झांसी और ललितपुर में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश होने पर छोटे नदी-नाले और निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का अनुमान है। बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर और भरतपुर जैसे जिलों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने की संभावना जताई है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, बिहार, झारखंड, राजस्थान और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को आकाशीय बिजली के समय खुले इलाकों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
देश के कई इलाकों में आंधी और वज्रपात की चेतावनी
आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। विभाग की मानें तो आज, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश के साथ-साथ वज्रपात का अंदेशा जताया गया है।
तापमान सामान्य से ऊपर, पालायमकोट्टई में 40.2 डिग्री
देश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया। असम और मेघालय, रायालसीमा तथा केरल के कुछ हिस्सों में भी गर्मी सामान्य से अधिक रही। ओडिशा समेत कई अन्य राज्यों के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहा।
वहीं, असम और मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक ऊपर दर्ज किया गया।
तीन सितंबर, 2026 को तमिलनाडु के पालायमकोट्टई में देश का सबसे अधिक तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस असम के हल्फलोंग में दर्ज किया गया।
कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। असम और मेघालय के चेरापूंजी में सबसे अधिक 70 मिमी बारिश हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के झांसी में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु में चेन्नई के मीनांबक्कम में 40 मिमी, जबकि पुडुचेरी में 30 मिमी बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में 30 मिमी बारिश हुई।
किसानों और लोगों के लिए सावधानी
मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में सिंचाई, खाद और कीटनाशक का छिड़काव कुछ समय के लिए रोकना बेहतर होगा। तैयार फसल को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें। पशुओं को भी निचले इलाकों से हटाकर सुरक्षित जगह पर रखें।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोग पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। बिजली चमकने पर खुले मैदान और जलस्रोतों के पास न जाएं। जलभराव वाली सड़कों और पुलों को पार करने से बचें। बारिश के बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के भी आसार हैं।