देशभर में मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने और यात्रा में सावधानी बरतने की अपील।
महाराष्ट्र और गुजरात में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में जलभराव, सड़क और रेल यातायात पर पड़ा व्यापक असर।
गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में रेड व ऑरेंज अलर्ट, अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।
कर्नाटक, तेलंगाना समेत कई राज्यों में तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी, लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र अशांत रहने का अनुमान, मछुआरों को समुद्र में न जाने और सुरक्षित तट पर लौटने की सलाह।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, यानी सात जुलाई, 2026 को जारी पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। अगले तीन दिनों के दौरान इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। मानसून के आगे बढ़ने से इन इलाकों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन कई जगहों पर भारी बारिश के कारण परेशानी भी बढ़ सकती है।
कम दबाव का क्षेत्र बना बारिश का कारण
उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास बना दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। यह तंत्र फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि यह धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और अगले 24 घंटे में और कमजोर हो जाएगा। हालांकि इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
महाराष्ट्र और गुजरात में सबसे ज्यादा असर
लगातार हो रही बारिश से महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई शहरों में सड़कों पर पानी भर गया है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया था। बाद में रास्ता साफ होने पर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया। लगातार बारिश का असर सड़क और रेल सेवाओं पर भी देखा जा रहा है।
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज, सात जुलाई, 2026 को तटीय कर्नाटक, गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। जबकि इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भीषण बारिश का भी अंदेशा जताया गया है। विभाग ने इन राज्यों में ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
इसके अलावा आज, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मराठवाड़ा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं आज, सात जुलाई, 2026 को हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, झारखंड, केरल, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।
आंधी, बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। कर्नाटक और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवा चलने के आसार हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने का सुझाव
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अगले कुछ दिनों तक समुद्र के अशांत रहने का पूर्वानुमान है। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौटने को कहा गया है।
तापमान का हाल
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, छह जुलाई, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान महाराष्ट्र के जेऊर में 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मानसून सक्रिय होने के कारण देश के अधिकतर इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में अब भी दिन के समय तेज गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है।
लोगों के लिए सावधानी जरूरी
विभाग ने कहा है कि भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चलाते समय धीमी गति रखें और मौसम से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें।
किसानों को दी गई यह सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है ताकि फसलों में जलभराव न हो। जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। भारी बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टाल दें। पशुओं को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें तथा उनके लिए पर्याप्त चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बनाए रखें।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के दौरान लापरवाही न बरतें। समय पर सावधानी अपनाकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, इसलिए सभी लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।